मुग़ल, ग़ालिब, उर्दू को समेटे चांदनी चौक की कहानी
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भारत की राजधानी दिल्ली में चांदनी चौक का अपना ही ख़ास स्थान है. लाल क़िला, गुरुद्वारा शीशगंज, बल्लीमारान, ग़ालिब की हवेली और परांठे वाले गली जैसी अनगिनत पहचान चांदनी चौक के साथ जुड़ी है.
भारत के इतिहास से लेकर संस्कृति और खानपान तक का हर रंग यहां की गलियों में मिल जाता है. वक़्त बदलने के साथ चांदनी चौक की सूरत भी बहुत बदल गई.
उसी बदलते हुए चांदनी चौक में घूमते हुए मशहूर इतिहासकार राना सफ़वी हमें चांदनी चौक की पूरी कहानी बता रही हैं.
शूट: देबलिन रॉय और गौरव राजपूत
एडिटिंग: देबलिन रॉय
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