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अफ़ग़ान शरणार्थी परिवार की दिल छू लेने वाली दास्तां
प्रकाशित
शेर ख़ान डगरवाल का परिवार 2011 में काबुल से भारत आया था. शेर ख़ान अफ़ग़ान फ़ौज में थे और वहाँ उन्होंने लगभग 16 साल काम किया.
शेर ख़ान के परिवार में 7 सदस्य हैं और यहाँ जीवनयापन के लिए वह कबाड़ी की दुकान चलाते हैं.
उनकी बेटी सितारा एक डेंटिस्ट्री में हेल्पर का काम करती है. वो काबुल को किस तरह याद करते हैं और तालिबान शासन पर क्या कहते हैं?
रिपोर्ट: बुशरा शेख़
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