कोरोना पीड़ित व्यक्ति के स्पर्म क्यों रखे गए?

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वडोदरा स्थित स्टर्लिंग हॉस्पिटल ने गुजरात हाई कोर्ट के आदेश पर कोविड-19 से पीड़ित एक मरीज़ के स्पर्म या वीर्य को सरंक्षित कर लिया है. कोर्ट ने ये आदेश इस मरीज़ की पत्नी की याचिका पर दिया. हालांकि मरीज़ का स्पर्म संरक्षित करने के बाद गुरुवार को उनकी मौत हो गई.

इससे पहले महिला के वकील निलय एच पटेल ने बीबीसी को बताया था कि ''महिला के पति की कोविड-19 की वजह से तबीयत काफ़ी बिगड़ गई है. वो चाहती थीं कि उनके पति का स्पर्म सुरक्षित रख लिया जाए. उन्होंने अस्पताल से ये इच्छा ज़ाहिर की. अस्पताल ने इसके लिए पति की सहमति को आवश्यक बताया. लेकिन दिक्क़त ये थी कि उनके पति इसकी सहमति देने की हालत में नहीं थे. इस हाल में महिला ने कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था.''

स्टोरी: सुशीला सिंह

आवाज़: पायल भुयन

वीडियो एडिटिंग: दीपक जसरोटिया

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