ऑक्सीजन की कमी, मौत, सरकारी बयान और हक़ीक़त

वीडियो कैप्शन, ऑक्सीजन की कमी से अप्रैल में कैसे हालात बन गए थे?
प्रकाशित

केंद्र सरकार ने मंगलवार को संसद में बताया कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से ऐसी कोई सूचना नहीं मिली कि कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत हुई है. अंग्रेज़ी अख़बार 'टाइम्स ऑफ़ इंडिया' में ये ख़बर प्रकाशित हुई है. इस पर विरोध होने के बाद स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने ट्वीट किया कि ये आंकड़ा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की रिपोर्ट के आधार पर दिया गया है. स्वास्थ्य मंत्री से सवाल पूछा गया था कि क्या ऑक्सीजन की कमी से कोविड-19 के मरीज़ों की बड़ी संख्या में सड़क पर और अस्पतालों में मौत हुई थी. राज्यसभा में सरकार ने बताया कि राज्य और केंद्र शासित प्रदेश कोरोना से होने वाली मौतों की जानकारी नियमित आधार पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को देते हैं, लेकिन किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश ने ऑक्सीजन की कमी से होने वाली मौत को लेकर जानकारी नहीं दी है. पर हक़ीक़त क्या है? दूसरी लहर के दौरान अप्रैल के महीने में ऑक्सीजन की कमी ने कैसे हालात बनाए थे?

वीडियो: पीयूष नागपाल और देवाशीष कुमार

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