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'अब्बा मैं तुम्हें घर लाकर दूंगी' फ़ुटपाथ पर रहने वाली आस्मा का सपना
कहा जाता है कि मुंबई सपने दिखाती है और उन सपनों को सच भी करती है. अपना पूरा बचपन मुंबई के फुटपाथ पर बिताने वाली आस्मा का भी एक सपना है. उनके दादा मुंबई आए थे और फुटपात पर ही ज़िंदगी गुज़ारी. उनके पिता मुंबई में पैदा हुए.
अस्मा ने भी अपनी ज़िंदगी का सफर फुटपाथ पर शुरू किया. उनका परिवार छोटे-मोटे काम कर गुज़ारा करता है. अस्मा के दादा और उनके माता-पिता ख़ुद नहीं पढ़ पाए, लेकिन उन्हें पढ़ा रहे हैं. वो अपने सपने को पूरा करने के लिए पढ़ाई कर रही हैं.
रिपोर्ट: दिपाली जगताप
शूटिंग: शारदुल कदम
वीडियो एडिटिंग: शरद बढ़े
प्रोडक्शन: प्राजक्ता धुलप
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