ये कश्मीरी तीन साल से कैसे बेबसी झेल रहे हैं?

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कश्मीर का पहलगाम हमेशा पर्यटकों को लुभाने वाला रहा है. यहां रहने वाले लोगों के रोज़गार का ज़रिया भी पर्यटन पर निर्भर करता है. लेकिन बीते तीन सालों से यहां सबकुछ लगभग ठप पड़ा है.

पर्यटकों के लिए खच्चर चलाने वालों के सामने भी रोज़ी-रोटी का संकट है. पहलगाम के रास्ते हर साल अमरनाथ यात्रा होती है. यात्रियों को अमरनाथ गुफा तक ले जाने में इन खच्चरों की अहम भूमिका होती है. लेकिन साल 2019 से अमरनाथ यात्रा हो नहीं पाई है.

पहले अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद बढ़े तनाव और फिर कोरोना की वजह से. अमरनाथ यात्रा नहीं हो पाई और पर्यटकों ने भी कश्मीर का रुख नहीं किया. इस वजह से कई लोग खच्चर चलाने का काम छोड़ने का मन बना चुके हैं.

स्टोरी: माजिद जहांगीर, बीबीसी के लिए

वीडिओ एडिट: शुभम कौल

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