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सुशील पांडे का स्टेशन पर सोने से लेकर फ़िल्मों तक का सफ़र
सुशील पांडे को हीरो बनना था और उन्हें लगता था कि सांवले रंग की वजह से उन्हें ये कामयाबी नहीं मिलेगी. किसी ने सलाह दी कि उन्हें होटल में काम करना चाहिए.
उन्हें लगा होटल में चौबीस घंटे एसी चलता है और ठंडक में रहने से उनका रंग गोरा हो जाएगा.
गोवा के होटल में काम करते-करते उन्होंने एक्टिंग में काम करना शुरू किया. फिर गोवा से दिल्ली पहुंचे और दिल्ली से मुंबई. पहली रात रेलवे स्टेशन पर गुज़ारनी पड़ी.
लेकिन अब उन्हें लगता है कि समय कुछ बेहतर हुआ है. बीबीसी के लिए सुप्रिया सोगले ने उनसे ख़ास बातचीत की.
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