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मानगढ़ में हुआ था जलियाँवाला बाग़ से भी बड़ा नरसंहार, क्या है कहानी?
जलियाँवाला बाग़ नरसंहार के बारे में तो सब जानते हैं लेकिन राजस्थान-गुजरात सीमा की मानगढ़ पहाड़ी पर हुए नरसंहार से कम ही लोग परिचित होंगे. मानगढ़ नरसंहार में डेढ़ हज़ार लोगों के मारे जाने का दावा किया जाता है.
मानगढ़ पहाड़ी पर जुटे हज़ारों लोगों पर अंग्रेज़ी और देसी रियासतों की फ़ौज ने पूरी तैयारी के साथ गोलियाँ बरसाईं थीं. दावा है कि ये कांड जलियाँवाला बाग़ से बड़ा नरसंहार था. लेकिन, इतना बड़ा नरसंहार इतिहास में उस स्तर पर दर्ज नहीं हो सका. राजस्थान की राजधानी जयपुर से क़रीब 550 किलोमीटर दूर आदिवासी बहुल बांसवाड़ा के ज़िला मुख्यालय से क़रीब 80 किमी दूर है मानगढ़.
108 साल पहले हुए नरसंहार का गवाह रहा ये पहाड़ इसकी कहानी ख़ुद में समेटे हुए है. लोग अब इसे मानगढ़ धाम के नाम से बुलाते हैं. इसका क़रीब 80 फ़ीसदी भाग राजस्थान और 20 फ़ीसदी हिस्सा गुजरात में पड़ता है.
घटना के क़रीब आठ दशक बाद राजस्थान सरकार ने नरसंहार में मारे गए सैकड़ों लोगों की याद में 27 मई, 1999 को शहीद स्मारक बनवाया, तो मानगढ़ को पहचान मिली.
वीडियोः मोहर सिंह मीणा, बीबीसी हिंदी के लिए
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