पाकिस्तान ने आईएमएफ़ से कर्ज़ लेकर बड़ी ग़लती तो नहीं कर दी?

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अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) द्वारा पाकिस्तान के लिए 50 करोड़ डॉलर के कर्ज़ की किस्त जारी करने की मंज़ूरी के बाद देश में महंगाई दर और भी बढ़ सकती है.

इस कर्ज़ के लिए सरकार जिन शर्तों पर सहमत हुई है, अर्थशास्त्रियों के अनुसार वो बहुत सख़्त शर्तें हैं. इन शर्तों में पावर सेक्टर में टैरिफ बढ़ाने और टैक्स ब्रेक को ख़त्म करना भी शामिल है.

अर्थशास्त्रियों के अनुसार, देश का स्टेट बैंक आने वाले दिनों में महंगाई को रोकने के लिए ब्याज दरें बढ़ा सकता है. इसका बुरा असर देश के आर्थिक उत्पादन पर पड़ सकता है और चीज़ें महँगी हो सकती हैं.

स्टोरी: तनवीर मलिक

आवाज़: विशाल शुक्ला

वीडियो एडिटिंग: दीपक जसरोटिया

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