You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
पति को बच्चों की तरह संभालने वाली महिला
वंदना मलिक की ज़िंदगी उस समय पूरी तरह बदल गई, जब उनके पति वीरेंद्र मलिक के शरीर ने काम करना बंद कर दिया और इन हालात को दस साल से ज़्यादा समय हो चुका है.
वो मल्टीपल स्क्लरोसिस नामक बीमारी से जूझ रहे हैं. साल 1995 से दिक़्क़तें शुरू हुईं और हालात लगातार बिगड़ते चले गए. अचानक कई सारी ज़िम्मेदारियां उनके कंधों पर आ गईं.
पहले वो अपने पति के दफ़्तर में क़ानूनी अधिकारों के लिए लड़ीं. एक निजी स्कूल में पढ़ाना शुरू किया, गाड़ी चलानी सीखी. अपने पति, बच्चे, परिवार और ख़ुद को संभाला.
वीडियो: सत सिंह, बीबीसी के लिए
एडिटिंग: राजन पपनेजा
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)