फ़ेसबुक के लिए वॉट्सऐप नकदी छापने की मशीन कैसे बना?
व्हॉट्सऐप के कारोबारी मॉडल को समझाते हुए इसके चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर मैट इडेमा कहते हैं, "फेसबुक और इंस्टाग्राम दुकान की खिड़कियां हैं, जबकि व्हॉट्सऐप नकदी बनाने की मशीन है."
अपनी पैरेंट कंपनी फेसबुक के तहत व्हॉट्सऐप उस दौर को काफी पीछे छोड़ आया है जबकि इसका मकसद यूजर्स के सालाना सब्सक्रिप्शन के जरिए मुनाफा कमाना होता था. अब इसका फोकस कंपनियों को सर्विसेज देना और व्हॉट्सऐप बिजनेस के जरिए कमीशन हासिल करने पर है.
इसके अलावा, यह भारत जैसे देशों में लागू किए जा चुके दूसरे फीचर्स पर भी है. कोई छोटा कारोबार अपने प्रोडक्ट कैटलॉग को इस एप्लिकेशन के जरिए शेयर कर सकता है और अपने कस्टमर्स के साथ बातचीत कर सकता है. इसी तरह से कोई बड़ी कंपनी व्हॉट्सऐप का इस्तेमाल कस्टमर सर्विस सेंटर और सेल्स के लिए कर सकती है.
स्टोरीः बोरिस मिरांडा
आवाज़ः भूमिका राय
वीडियो एडिटः देबलिन रॉय
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