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सऊदी और प्रिंस को लेकर बाइडन की क्या नीति है?
भारत में मौजूद विदेश मामलों के जानकारों को लगता है कि विदेश नीति को लेकर अमेरिका जो बोल रहा है और जो वो कर रहा है उसमें काफ़ी विरोधाभास देखने को मिल रहा है. जानकारों का कहना है कि जो बाइडन ने राष्ट्रपति पद की कमान संभालते ही संकेत देने शुरू किए कि उनके कार्यकाल में या यूं कहा जाए कि 'डेमोक्रट्स' के एजेंडे में मानवाधिकारों पर अब ज़्यादा ज़ोर दिया जा रहा है.
इसलिए बताया जा रहा है कि बाइडन के कई निर्णय, मध्य पूर्व को लेकर चले आ रहे, पिछली सरकार के रुख़ से बिलकुल विपरीत नज़र आ रहे हैं. इन्हीं निर्णयों में से एक है सऊदी अरब के पत्रकार जमाल ख़ाशोज्जी की हत्या से जुड़ी अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसी के रिपोर्ट का जारी होना.
हालाँकि विश्लेषक, अमेरिका के इस निर्णय की व्याख्या अपने अपने ढंग से कर रहे हैं. कुछ को लगता है कि रिपोर्ट के जारी होने से सऊदी अरब के 'क्राउन प्रिंस' मोहम्मद बिन सलमान को बड़ा झटका लगा है. जबकि, कुछ विश्लेषकों का मानना है कि रिपोर्ट में सीधे तौर पर मोहम्मद बिन सलमान की संलिप्तता की बात नहीं कही गई है.
स्टोरी: सलमान रावी
आवाज़: नवीन नेगी
वीडियो एडिटिंग: देवाशीष कुमार
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