टेक होम सैलरी क्या आने वाले दिनों में कम होने वाली है?
आप अगर कहीं नौकरी करते हैं तो दो शब्दों से आप वाक़िफ़ होंगे. एक है 'कॉस्ट टू कंपनी' यानी कर्मचारी के तौर पर आपकी कंपनी आप पर कितना ख़र्च करती है. दूसरा शब्द है, 'टेक होम सैलरी' जो 'कॉस्ट टू कंपनी' से अमूमन थोड़ा कम होती है, क्योंकि अक्सर सैलरी अलग-अलग हिस्सों में कट कर ही आती है. देश में अब तक 29 श्रम क़ानून होते थे, लेकिन अब सरकार केवल 4 क़ानून में ही इन्हें समेटने की तैयारी में है. इनमें से एक 'वेज' यानी वेतन से संबंधित भी है. ये क़ानून संसद से पास हो गए हैं. लेकिन अभी इसके नियम ड्राफ्ट के तौर पर तैयार हैं. उम्मीद जताई जा रही है कि अगले वित्त वर्ष यानी 1 अप्रैल से पहले पहले इसके नियम नोटिफाई हो जाएँगे. जानिए इसके बारे में अहम बातें.
स्टोरीः सरोज सिंह
आवाज़ः मानसी दाश
वीडियो एडिटः देवाशीष कुमार
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