किसानों का तीन घंटे का 'चक्का जाम' कितना असरदार रहा?
तीन कृषि क़ानूनों का विरोध कर रहे 40 से अधिक किसान संगठनों का देशभर में बुलाया गया तीन घंटे का 'चक्का जाम' समाप्त हो गया है.
दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में चक्का जाम नहीं बुलाया गया था. राजधानी दिल्ली में शहीद पार्क के पास प्रदर्शन के दौरान क़रीब 50 लोगों को हिरासत में लिया गया है.
वहीं दिल्ली मेट्रो ने दस मेट्रो स्टेशनों के दरवाज़ें चक्का जाम के मद्देनज़र बंद रखे थे. चक्का जाम का सबसे ज़्यादा असर हरियाणा और पंजाब में दिखाई दिया जहां अधिकतर राज्य और राष्ट्रीय राजमार्ग बंद रहे. 2
6 जनवरी की ट्रैक्टर परेड के बाद से ये किसान संगठनों का पहला बड़ा प्रदर्शन था. किसान संगठनों और सरकार के 11 दौर की वार्ता के बाद बातचीत टूट गई है और तीनों क़ानूनों को लेकर गतिरोध बना हुआ है. चक्काजाम के दौरान देश के कई हिस्सों से पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों की रिपोर्टें भी आई हैं.
वीडियो: आनंद दत्त, बिस्वा रंजन मिश्रा, आलोक पुतुल, शुरैह नियाज़ी, मोहर सिंह मीणा, सीटू तिवारी, समीरात्मज मिश्र (बीबीसी हिंदी के लिए)
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)