कहानी ज़िंदगी की एपिसोड-4: मैं कौन हूँ

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'कहानी ज़िंदगी की' के हर एपीसोड में रूपा झा आपको सुना रही हैं भारतीय भाषाओं में लिखी ऐसी चुनिंदा कहानियां जो अपने आप में बेमिसाल हैं, जो हमारी और आपकी ज़िंदगी में झांकती हैं और सोचने को मजबूर भी करती हैं.

इस बार की कहानी है मैं कौन हूँ. मूल कहानी का शीर्षक है -इल्लकगाने. लेखिका हैं तेलुगू भाषा की प्रसिद्ध कथाकार पी. सत्यवती.

पी सत्यवती तेलुगू भाषा की एक प्रतिष्ठित और सम्मानित लेखिका हैं. मज़बूत महिला, विशेष रूप से कामकाजी महिलाएं उनकी कहानियों की नायिका है. पी. सत्यवती ने 70 के दशक की शुरुआत में अपनी साहित्यिक यात्रा शुरू की और उन्होंने 5 दशकों में समाज में हो रहे बदलाव को महिलाओं की नज़र से देखा है.

मैं कौन हूँ एक ऐसी घरेलू महिला की कहानी है जो कि अपनी घर गृहस्थी के चक्कर में भूल जाती है कि उसका अपना भी कोई अस्तित्व है. ये कहानी उस महिला के संघर्ष की है जो अपनी पहचान की तलाश कर रही है.

लेखिका- पी. सत्यवती

वाचन - रूपा झा

हिंदी अनुवाद- लक्ष्मी रेड्डी

ऑडियो मिक्सिंग- जितेंद्र सासन

इलस्ट्रेशन- गोपाल शून्य

अलाप- शिल्पी

प्रस्तुतकर्ता- मोहन लाल शर्मा

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