ट्रैक्टर परेड के दौरान दिल्ली में हुई हिंसा के वक़्त किसान नेता कहां थे?
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गणतंत्र दिवस के दिन किसान नेताओं ने शांतिपूर्ण ट्रैक्टर परेड निकालने की इजाज़त दिल्ली पुलिस से मांगी थी. लेकिन परेड शुरू होने के कुछ घंटों के अंदर अलग-अलग बॉर्डर से हिंसक तस्वीरें सामने आईं.
आरोप ये है कि किसान गणतंत्र दिवस के दिन जिस गण यानी जनता या समूह की आवाज़ तंत्र यानी सिस्टम या सरकार में बैठे लोगों तक पहुँचाना चाहते थे, वो आवाज़ कहीं दब गई और भीड़ तंत्र हावी हो गया.
हिंसा की ख़बरें जैसे ही मीडिया में आनी शुरू हुई, किसान नेताओं की एक के बाद एक अपील आनी शुरू हो गई. सवाल है कि आखिर हिंसा के वक़्त ये तमाम किसान नेता कहां थे?
स्टोरीः सरोज सिंह
आवाज़ः विशाल शुक्ला
वीडियो एडिटः मनीष जालुई
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