ये दंगे भारतीय इतिहास का वो हिस्सा हैं, जिन्हें भुला नहीं सकते.
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साल 2002 में हुए दंगे गुजरात और भारत के इतिहास का वो हिस्सा हैं, जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता. उस वक़्त जब गुजरात दंगों की गिरफ़्त में था, तब कुछ लोगों ने नफ़रत की जगह इंसानियत का रास्ता अपनाया. हिंसा की जगह नेक-नीयती को तवज्जोह दी और भारतीय संविधान की प्रस्तावना में लिखे शब्दों और उसकी भावना पर खरे उतरे. देखिए बीबीसी संवाददाता तेजस वैद्य की इस रिपोर्ट में... कैसे एक मुस्लिम परिवार ने उस मुश्किल वक़्त में एक हिंदू लड़के को पनाह दी थी.
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