बूचड़खाने में काम करने वाली एक लड़की की आपबीती

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बूचड़खाने में काम करने वाले लोगों की ज़िंदगी के बारे में बाक़ी दुनिया को बहुत कम पता होता है. वही बूचड़खाने, जहाँ गोश्त के लिए जानवर काटे जाते हैं, और वही गोश्त जिसे हम खाते हैं.

बूचड़खाने में काम करने वाली एक महिला ने अपने काम के बारे में और उसके मानसिक प्रभाव के बारे में बीबीसी को बताया.

चेतावनी: इस कहानी से कुछ पाठकों की संवेदनाएं आहत हो सकती हैं.

स्टोरीः टीम बीबीसी

आवाज़ः भूमिका राय

वीडियो एडिटः दीपक जसरोटिया

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