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सेक्स की वजह से सेंसर होने वाली फ़िल्म
साल 1939 में लिखे गए उपन्यास "ब्लैक नार्सिसस" पर कुछ साल बाद फ़िल्म बनी थी. अब वही कहानी टीवी पर दिखाई जा रही है.
"अक्टूबर के आख़िरी सप्ताह में सिस्टर्स ने दार्जिलिंग छोड़ दिया. वे मोपू के जनरल के महल में रहने के लिए आई थीं जिसे अब कॉन्वेंट ऑफ़ सेंट फ़ेथ के नाम से जाना जाता था."
रूमर गॉडेन के उपन्यास "ब्लैक नार्सिसस" की शुरुआत में ऐसा कुछ भी नहीं है जिससे लगे कि इस पर बनी फ़िल्म को सेंसर किया गया होगा, पाबंदी लगाई गई होगी और दुनिया के महान निर्देशकों में से एक मार्टिन स्कॉर्सेस ने उसे "सही मायनों में कामुक फ़िल्म" माना होगा.
उस फ़िल्म को अंग्रेज निर्देशक माइकल पॉवेल और हंगरी में पैदा हुए लेखक-निर्माता एमरिक प्रेसबर्गर ने बनाया था.
स्टोरी: नील आर्मस्ट्रांग, बीबीसी कल्चर
आवाज़: नवीन नेगी
वीडियो एडिटिंग: देवाशीष कुमार
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