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पाकिस्तान: ख़ुद को 'पैग़ंबरे इस्लाम का चौकीदार' कहने वाले खादिम हुसैन रिज़वी कौन थे?
ख़ुद को एक धार्मिक आंदोलनकारी बताने वाले 'तहरीके लब्बैक या रसूल अल्लाह' के संस्थापक ख़ादिम हुसैन रिज़वी के बारे में कुछ साल पहले तक लोगों को ज़्यादा जानकारी नहीं थी.
पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने इसी साल मार्च में ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई को फ़टकार लगाते हुए कहा था कि ख़ादिम हुसैन रिज़वी को पैसा कहाँ से मिलता है? उनका व्यवसाय क्या है? उन्हें कौन लोग चंदा देते हैं? इसकी जानकारी किसी के पास क्यों नहीं है.
साल 2017 में लाहौर की पीर मक्की मस्जिद के धार्मिक उपदेशक रहे 52 वर्षीय ख़ादिम हुसैन रिज़वी ने असल शोहरत ईशनिंदा क़ानून में संशोधन के ख़िलाफ़ एक लंबी और सफल लड़ाई लड़कर हासिल की.
इससे पहले 4 जनवरी 2011 को मारे गए पंजाब प्रांत के राज्यपाल सलमान तासीर के हत्यारे मुमताज़ क़ादरी की मौत की सज़ा के मामले में भी ख़ादिम हुसैन रिज़वी बहुत सक्रिय रहे थे. रिज़वी ने सलमान तासीर की हत्या को ये कहते हुए उचित ठहराया था कि "सलमान ने ईशनिंदा क़ानून को 'एक काला क़ानून' कहा था जो कि एक ग़लत बयान था."
स्टोरी: हारून रशीद, इस्लामाबाद (पाकिस्तान) से
आवाज़: विशाल शुक्ला
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