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थाईलैंड में राजशाही के ख़िलाफ़ विरोध की कहानी. Duniya Jahan
थाईलैंड दुनिया के उन देशों में शुमार है जहां राजतंत्र का अपमान करने पर बेहद कठोर सज़ा दी जाती है.
लेकिन अब उसी थाईलैंड में राजा की आलोचना करते हुए हज़ारों नौजवान सड़कों पर उतरकर सुधारों के लिए अपनी आवाज़ बुलंद कर रहे हैं.
विरोध-प्रदर्शन क्यों मायने रखते हैं, ये समझने के लिए थाई राजतंत्र की कहानी को जानना ज़रूरी है.
थाईलैंड दक्षिण-पूर्व एशिया का एकमात्र देश है, जो 19वीं और 20वीं शताब्दी में यूरोपीय देशों के औपनिवेशिक चंगुल में नहीं फंसा.
वहां भले ही मौजूदा राजा के ख़िलाफ़ प्रदर्शन हो रहे हैं, लेकिन उनके पिता और पूर्व राजा किंग पूमीपोन का उनके शासनकाल में लोग बहुत सम्मान करते थे.
प्रजेंटर और प्रोड्यूसर- संदीप सोनी
ऑडियो और वीडियो एडिटः तिलक भाटिया और काशिफ़ सिद्दिक़ी
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