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उत्तर कोरिया के पर्दाफाश का दावा करने वाली फ़िल्म
उत्तर कोरिया पर बनी एक नई डॉक्यूमेंट्री में ये दिखाया गया है कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचने के लिए उत्तर कोरिया क्या-क्या तरक़ीबें अपना रहा है और दावा किया गया है कि जो कुछ भी इस डॉक्युमेंट्री में दिखाया गया है वो स्टिंग ऑपरेशन पर आधारित है.
इसमें उत्तर कोरियाई शासक किम जोंग-उन के प्रशासन के अधिकारियों के साथ फर्ज़ी रक्षा समझौते किए जाने की बात दिखाई गई है.
डॉक्यूमेंट्री के किरदार भी कम अजीब नहीं हैं. एक किरदार डेनमार्क का एक बेरोज़गार शेफ़ है जो कम्युनिस्ट तानाशाही की ओर आकर्षित है. दूसरा किरदार स्पेन का एक रईस व्यक्ति है, और तीसरा किरदार है उत्तर कोरिया का एक प्रचारक जिसे सेना की वर्दी पहनने का शौक़ है.
इसके अलावा डॉक्यूमेंट्री में एक किरदार फ्रांस का एक पूर्व सैनिक है जो कोकीन की तस्करी का दोषी पाया जा चुका है. इसे फ़िल्म में एक रहस्यपूर्ण व्यक्ति के तौर पर दिखाया गया है.
लेकिन क्या ये सब सच हो सकता है?
संयुक्त राष्ट्र के एक पूर्व अधिकारी ने बीबीसी से कहा है कि वो इस फ़िल्म को विश्वसनीय मानते हैं. 'द मोल' नाम की ये फ़िल्म डेनमार्क मूल के फ़िल्म निर्माता मेड्स ब्रगर ने बनाई है.
उनका दावा है कि उन्होंने उत्तर कोरिया के अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों के उल्लंघन का पर्दाफ़ाश करने के लिए तीन साल लंबा और बेहद जटिल स्टिंग ऑपरेशन किया.
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