बिहार के नए माउंटेन मैन, जिन्होंने पहाड़ काटकर नहर बना दी

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बिहार की राजधानी पटना से लगभग 200 किमी. दूर गया ज़िले के बांकेबाज़ार प्रखंड के लोगों का मुख्य पेशा कृषि है, लेकिन यहां के लोग धान और गेहूं की खेती नहीं कर पाते थे, क्योंकि सिंचाई का साधन नहीं था. इसके चलते यहां का युवा वर्ग रोज़गार के लिए दूसरे शहरों में पलायन कर चुका है.

कोठिलवा गांव के रहने वाले लौंगी भुइंया के बेटे भी काम-धंधे की तलाश में घर छोड़कर चले गए हैं. अपने गांव से सटे बंगेठा पहाड़ पर बकरी चराते हुए लौंगी भुइंया के मन में एक दिन ये ख्याल आया कि अगर गांव में पानी आ जाए तो पलायन रुक सकता है. फ़सल उगाई जा सकती है.

लौंगी ने देखा कि बरसात के दिनों में वर्षा तो होती है मगर सारा पानी बंगेठा पहाड़ के बीच में ठहर जाता है, उन्हें इससे उम्मीद की रोशनी दिखी.

वीडियो: नीरज प्रियदर्शी, बीबीसी हिंदी के लिए

एडिटिंग: देवाशीष कुमार

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