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चीन के साथ एलएसी पर तनाव, भारत का पक्ष क्या है?
भारत और चीन की सेनाओं के बीच एलएसी पर तनाव बना हुआ है. सात सितंबर को भी पूर्वी लद्दाख में एक घटना होने की ख़बर आ रही है. चीन ने भारत पर आरोप लगाया है कि उसकी सेना ने एलएसी का उल्लंघन किया और वॉर्निंग शॉट फ़ायर किए.
भारत का कहना है कि एलएसी पर तनाव को कम करने के लिए वो प्रतिबद्ध है लेकिन चीन लगातार उकसावे वाले कार्रवाई कर रहा है. भारतीय सेना का दावा है कि उसने न तो एलएसी का उल्लंघन किया और न कोई आक्रामक तरीक़ा अपनाया. उसने गोलीबारी करने से भी इनकार किया है.
भारत का कहना है कि सैन्य, कूटनीतिक और राजनीतिक स्तर पर दोनों देश बात कर रहे हैं और दूसरी तरफ़ चीन की सेना समझौतों का उल्लंघन कर रही है. सात सितंबर, 2020 की घटना के बारे में उसने कहा कि चीन की सेना पीपल्स लिबरेशन आर्मी ने एलएसी पर भारत की फ़ॉरवर्ड पोजिशन के क़रीब आने की कोशिश की. हमारे सैनिकों ने उन्हें पीछे हटाने की कार्रवाई शुरू की.
इसके बाद चीन के सैनिकों ने भारतीय सैनिकों को भड़काने के लिए हवाई फ़ायरिंग की. हालाँकि, इस कदर की भड़काऊ कार्रवाई करने के बावजूद, भारतीय सैनिकों ने संयम बरता और ज़िम्मेदार-परिपक्वता के साथ व्यवहार किया. भारत का कहना है कि उसकी सेना इलाक़े में शांति और सौहार्द्र बनाए रखने के लिए समर्पित है लेकिन अपनी राष्ट्रीय एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए भी प्रतिबद्ध है. भारत का कहना है कि चीनी सेना के वेस्टर्न थियेटर कमांड के बयान ने सभी को भ्रमित करने की कोशिश की है.
स्टोरी: टीम बीबीसी
आवाज़ः भरत शर्मा
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