'आत्मा का वज़न' बताने वाला प्रयोग किसने और कैसे किया था?

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प्राचीन मिस्र के लोगों का मानना था कि मरने के बाद इंसान एक लंबे सफ़र पर निकल पड़ता है.

ये सफ़र बेहद मुश्किल होता है जिसमें वो सूर्य देवता की नाव पर सवार होकर 'हॉल ऑफ़ डबल ट्रूथ' तक पहुंचता है.

यहां सच और न्याय की देवी की कलम के वज़न की तुलना इंसान के दिल के वज़न से की जाती है.

प्राचीन मिस्र के लोगों का मानना था कि इंसान के सभी भले और बुरे कर्मों का हिसाब उसके दिल पर लिखा जाता है.

अगर इंसान ने सादा और निष्कपट जीवन बिताया है तो उसकी आत्मा का वज़न पंख की तरह कम होगा और उसे ओसिरिस के स्वर्ग में हमेशा के लिए जगह मिल जाएगी.

किंवदंतियों के मुताबिक़, सच्चाई का पता लगाने वाले इस हॉल में आत्मा का लेखा-जोखा देखा जाता है और उसका फ़ैसला होता है.

स्टोरी/आवाज़: डालिया वेन्चुरा/आदर्श राठौर

एडिटिंग/मिक्सिंग: केंज़/अजीत सारथी

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