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भारतीय सेना के पास चीन के ख़िलाफ़ क्या-क्या विकल्प हैं?
भारत के चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेंस स्टाफ़ जनरल बिपिन रावत ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा था, "लद्दाख में चीनी सेना के अतिक्रमण से निपटने के लिए सैन्य विकल्प भी है लेकिन यह तभी अपनाया जाएगा जब सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर वार्ता विफल रहेगी."
रक्षा सेवा में रहे दिग्गजों ने शायद ही उनके इस बयान पर भौंहें चढ़ाई हों. सेना के उत्तरी कमान के प्रमुख रहे लेफ़्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) डी.एस. हुड्डा ने कहा, "क्या सीडीएस कह सकते हैं कि सैन्य विकल्प मौजूद नहीं हैं? मुझे लगता है कि वो केवल तथ्य बता रहे थे."
भारत में जहां हर सेना की अपनी कमान है. वहीं चीनी सेना में भौगोलिक दृष्टि से परिभाषित पांच थिएटर कमान (टीसी) हैं. इनमें ईस्टर्न टीसी, सदर्न टीसी, वेस्टर्न टीसी, नॉर्दर्न टीसी और सेंट्रल टीसी शामिल हैं.
इसमें कोई संदेह नहीं है कि भारतीय सेना ख़ुद को चीन के साथ लगने वाली 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर रक्षात्मक युद्ध में लगा देखती है. इसका सीधा-सीधा मतलब है कि यह लड़ाई सामने से आने वाले दुश्मन को मार गिराने की है.
स्टोरीः जुगल पुरोहित
आवाज़ः विशाल शुक्ला
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