ईरान में महिलाओं को क्या-क्या झेलना पड़ता है, ख़ुद सुनाई उन्होंने अपनी कहानी

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मरियम कांपती हुई आवाज़ में बताती हैं कि कैसे उनके पति ने उन पर सबके सामने हमला किया था. लोगों ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थीं, जैसे एक पति का पत्नी को पीटना सामान्य बात हो. ना यहां कोई क़ानून है, ना ही कोई सुरक्षित घर है और यहां तक की पुलिस भी बहुत कुछ नहीं कर सकती है.

कुछ परिवार भी ऐसी घटनाओं को निजी मामला बता कर पर्दा डाल देते हैं. मरियम के देश ईरान में उनकी जैसी कहानी का सुना जाना एक दुर्लभ बात है. लेकिन एक नया पॉडकास्ट शुरू होने के बाद से बहुत सी महिलाएं सामने आकर अपनी कहानी सुना रही हैं. वो अपने साथ हुई घरेलू हिंसा को बयान कर रही हैं.

मरियम (बदला हुआ नाम) इन महिलाओं को अपनी कहानियां कहने, सामाजिक दायरे को तोड़ने और परंपराओं को चुनौती देने के लिए प्रेरित कर रही हैं. मरियम इन महिलाओं से कहती हैं कि शहरज़ादी बनों. शहरजादी मिथकीय पारसी रानी का ही एक नाम है जिसने कहानियां सुनाने की अपनी कला से अपनी मौत को टाल दिया था. धारावाहिक अलिफ़ लैला ( द अरेबियन नाइट्स पर आधारित) की मुख्य किरदार वही थीं.

स्टोरी: बीबीसी मॉनिटरिंग

आवाज़: नवीन नेगी

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