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कोरोना वायरस वैक्सीन से जुड़े अलग-अलग दावों की हक़ीक़त
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से कोरोना वायरस की वैक्सीन के ट्रायल को लेकर भले ही बड़ी कामयाबी मिली हो लेकिन सोशल मीडिया पर इसके बारे में कई ग़लत दावे किए जा रहे हैं.
वैक्सीन के सुरक्षित होने को लेकर गुमराह करने वाली कई तरह की बातें सोशल मीडिया पर की जा रही हैं.
हाल के सालों में टीकाकरण के विरोध में चलाए जा रहे ऑनलाइन अभियान ने जोर पकड़ लिया है और अब इसका निशाना कोरोना वायरस के वैक्सीन के दावों पर केंद्रित हो चुका है.
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो खूब चल रहा है जो कथित तौर पर ऑस्टिओपैथ कैरी मडेज का बताया जा रहा है. इसमें कोरोना वायरस के वैक्सीन से जुड़े ग़लत दावे किए गए हैं.
इस वीडियो में दावा किया गया है कि कोरोना वायरस का वैक्सीन डीएनए में बदलाव ला देगा. वीडियो में कहा गया है, "कोविड-19 का वैक्सीन इस तरह से बनाया जा रहा है जो हमें आनुवांशिक तौर पर बदल देगा."
वीडियो में वो बिना किसी प्रमाण के यह भी दावा करती हैं कि "वैक्सीन हमें किसी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इंटरफेस से भी जोड़ देगा."
स्टोरी: जैक गुडमैन और फ़्लोरा कार्मिकेल
आवाज़: भरत शर्मा
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