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पीएम मोदी के लिए कैसे हर मर्ज़ की दवा हैं अजीत डोभाल?
कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस समय नरेंद्र मोदी और अमित शाह के बाद अजीत डोभाल भारत के तीसरे सबसे ताक़तवर शख़्स हैं.
भारतीय ख़ुफ़िया विभाग के एक अधिकारी ने नाम ना देने की शर्त पर बताया कि 'डोभाल भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसियों के कमांड स्ट्रक्चर को बाई-पास करते हुए फ़ील्ड एजेंटों से सीधे संपर्क में रहते हैं.'
मोदी से उनकी नज़दीकी उनके प्रधानमंत्री बनने से पहले शुरू हो चुकी थी, जब डोभाल विवेकानंद फ़ाउंडेशन के प्रमुख हुआ करते थे.
साल 2014 में जब बीजेपी सत्ता में आई तो राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के पद के लिए पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल, वर्तमान विदेश मंत्री सुब्रमण्यम जयशंकर, पूर्व राजनयिक हरदीप पुरी और अजीत डोभाल के नाम पर विचार हुआ लेकिन नरेंद्र मोदी ने डोभाल के नाम पर ही मोहर लगाई.
उनकी नियुक्ति पर शिशिर गुप्ता ने हिंदुस्तान टाइम्स में लिखा था, "संघ परिवार को डोभाल पर विश्वास है. इंटेलिजेंस ब्यूरो से रिटायर होने के बाद उन्होंने पर्दे के पीछे रह कर बीजेपी और नरेंद्र मोदी की काफ़ी मदद की है."
स्टोरी और आवाज़: रेहान फ़ज़ल
वीडियो एडिटिंग: दीपक जसरोटिया
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