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इतने ज़्यादा क्यों बढ़ रहे हैं सोने के दाम?
कोरोना वायरस महामारी के दौर में एक ओर जहां दुनिया की अर्थव्यवस्था चरमराई हुई है और नौकरियों पर संकट मंडरा रहा है, वहीं दूसरी ओर सोने और चांदी के दाम दिन-ब-दिन आसमान छू रहे हैं.
महामारी के बाद पहले से ख़स्ताहाल देश की अर्थव्यवस्था और बुरी स्थिति में पहुंच चुकी है. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) ने इस साल में भारत की विकास दर को लेकर अनुमान लगाया है कि यह 4.5 फ़ीसदी रह सकती है.
भारत ही नहीं आईएमएफ़ ने दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए इस विकास दर का आकलन 4.9 फ़ीसदी किया है. इन सबके बीच एक ख़बर ज़रूर सबका ध्यान खींचती है, वो है सोने के दाम.
सोने की कीमत भारत में जून महीने की शुरुआत में 46,600 प्रति 10 ग्राम के आसपास थी जो अब 48,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच चुकी है. वहीं, जून महीने में दुनिया में सोने के दामों में बीते आठ सालों में सबसे अधिक रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई थी.
शुक्रवार को सोने के दामों में गिरावट ज़रूर दर्ज की गई लेकिन यह सिर्फ़ 400 रुपये के आसपास थी. विशेषज्ञों का मानना है कि सोने के दामों में अभी और तेज़ी देखने को मिलेगी.
स्टोरी और आवाज़: मोहम्मद शाहिद
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