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कश्मीर में लाश पर बैठे बच्चे की कहानी
मृतक की पत्नी ने बीबीसी से बात करते हुए कहा, "उन्हें रोककर गाड़ी से उतरने को कहा गया और फिर सीआरपीएफ़ ने गोली मार दी." परिवार के अन्य सदस्यों ने कहा, "जहां पर शूटआउट हुआ, वहां के लोगों ने हमसे संपर्क किया और घटना की जानकारी दी.
अगर वह गाड़ी चला रहे होते तो उन्हें कार में गोली लगती. कार के कुछ मीटर दूर कैसे गोली लगी?"
मृतक की पत्नी ने आरोप लगाया, "उन्हें मारने के बाद सुरक्षा बलों ने बच्चे को शव के पास बिठाए रखा ताकि तस्वीर खींच सकें."
हालांकि, पुलिस की ओर से किए गए ट्वीट में कहा गया है, "सोपोर में आतंकवादी हमले के दौरान जम्मू-कश्मीर पुलिस ने तीन साल के बच्चे को गोली लगने से बचाया."
इस घटना की कुछ दिल दहला देने वाली तस्वीरें भी सामने आई हैं जिनमें बच्चा अपने नाना के ख़ून से लथपथ शव के साथ नज़र आ रहा है. जिस समय पुलिसकर्मियों ने उसे वहां से हटाया, वह बेहद डरा हुआ था.
मारे गए बशीर अहमद श्रीनगर के रहने वाले थे. 65 साल के बशीर के परिजनों ने सुरक्षा बलों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. श्रीनगर से बीबीसी संवाददाता आमिर पीरज़ादा की रिपोर्ट.
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