चीन से निपटने के लिए भारत को क्या करना चाहिए?

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भारत के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइज़री बोर्ड (NSAB) के चेयरमैन पी एस राघवन का कहना है कि भारत के पास ऐसे तरीके और साधन कम हैं, जिनसे वो चीन को चोट पहुंचा सकता है और अब तक लंबी अवधि की रणनीति ने कोई ख़ास कामयाबी नहीं दी है.

उन्होंने चीन का नाम तो नहीं लिया लेकिन ज़रूर ये कहा कि देश में जब 5जी की नीलामी होगी तो बाहरी खिलाड़ियों के बजाय देश की कंपनियों को तरजीह दी जानी चाहिए.

उन्होंने रूस के बारे में भी राय रखी. राघवन का कहना है कि अगर रूस आगे भी चीन के साथ नज़दीकियां बढ़ाना जारी रखता है तो छोटे भाई की हैसियत में ही रहेगा, सुपरपावर नहीं.

राघवन से बीबीसी संवाददाता जुगल पुरोहित ने बातचीत की.

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