लॉकडाउन की चोट खाने वाले प्रवासी मज़दूर के ज़ख़्म आपने देखे?
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खाई लाठी, बोझ लादे, पकड़े कान.
घुटनों के बल भी रेंगे, बेचके अपना सम्मान.
लॉकडाउन में सड़कों पर चले जा रहे ये लोग कौन हैं, जो शिकायत नहीं करते.
बस चले जा रहे हैं. पलायन की वायरल तस्वीरों के ज़रिए प्रवासी मज़दूरों के संघर्ष की कहानी.
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