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बदलते दौर में कैसे बदल रहा है क्लासिकल डांस का स्वरूप
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कुछ समय पहले तक क्लास रूम टीचिंग को पढ़ने और सीखने का एकमात्र ज़रिया समझा जाता था.
लेकिन बदलते दौर में क्लासरूम की परिभाषा भी बदली है, जिसके तहत भास्वती मिश्रा ऑनलाइन के ज़रिए अपनी कला को घर-घर तक पहुँचा रही है. भास्वती एक कथक नर्तकी हैं और पिछले 39 सालों से कथक सिखा रही हैं.
वीडियो: बुशरा शेख़
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