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नवाज़ को इजाज़त इमरान के लिए झटका?
हालाँकि इमरान ख़ान सरकार नहीं चाहती थी कि तीन बार प्रधानमंत्री की कुर्सी संभाल चुके नवाज़ शरीफ़ इलाज़ के लिए विदेश जाएं. सरकार का कहना था कि अगर ऐसा ज़रूरी है तो उनसे 700 करोड़ रुपए का बॉन्ड भरवाना चाहिए.
69 साल के नवाज़ शरीफ़ को पिछले साल चौधरी शुगर मिल से जुड़े भ्रष्टाचार के एक मामले में सात साल की सज़ा सुनाई गई थी.
जानकारों का कहना है कि इमरान सरकार इस मुद्दे पर दुविधा में थी, एक तरफ़ नवाज़ शरीफ़ को उचित इलाज़ नहीं देने के लिए उसे देश में भारी आलोचना का सामना करना पड़ रहा था,
वही ये भी अंदेशा है कि अगर नवाज़ शरीफ़ विदेश से नहीं लौटे तो उसे जनता का गुस्सा झेलना पड़ेगा.
शायद यही वजह रही कि इमरान सरकार उनसे बॉन्ड साइन करवाना चाहती थी. लेकिन सियासी मोहरे चलने के उस्ताद माने जानेवाले नवाज़ शरीफ़ ने ऐसा करने से साफ़ इनकार कर दिया.
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