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अभिजीत बनर्जी-एस्थर डूफ़ेलो के नोबल का उदयपुर कनेक्शन
ये बात थी 1996 की शुरुआती महीने की. उदयपुर के समाजसेवी अजय मेहता के भाई उदय मेहता एमआईटी में प्रोफेसर हैं. उदय ने अपने भाई को अभिजीत बनर्जी से मिलवाया.
अजय मेहता के निमंत्रण के छह महीने के अंदर अभिजीत बनर्जी अपने सहयोगी माइकल क्रेमर के साथ उदयपुर पहुंच गए. तब अजय मेहता इलाके की ग्रामीण इलाकों में काम करने वाली संस्था सेवा मंदिर के सर्वेसर्वा हुआ करते थे.
उनकी संस्था उदयपुर के उन इलाकों में प्राइमरी शिक्षा के लिए स्कूल चलाने का काम कर रही थी जहां सरकारी व्यवस्था नहीं पहुंच पा रही थी. इन्हीं स्कूलों पर अभिजीत बनर्जी ने रैंडम कंट्रोल ट्रीटमेंट का वो प्रयोग शुरू किया जिसके चलते उन्हें इस साल का नोबेल पुरस्कार मिला. यहां से शुरू हुआ सिलसिला आगे बढ़ा और सेवा मंदिर के साथ उन्होंने पूर्ण टीकाकरण अभियान पर काम शुरू किया. उनके इस काम का जिक्र नोबेल पुरस्कार समिति ने भी किया है.
बीबीसी संवाददाता प्रदीप कुमार की रिपोर्ट.
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