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भारत में रहने वाली पहली रोहिंग्या लड़की जो कॉलेज जाएगी, जानिए उसकी कहानी क्यों है ख़ास
एक ऐसी लड़की की जो आज रोहिंग्या लड़कियों के लिए एक मिसाल बन गई है. 22 साल की तस्मीदा भारत में रह रहे 40 हज़ार रोहिंग्या शरणार्थियों में पहली लड़की हैं जो कॉलेज जाएंगी.
उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया में विदेशी छात्र कोटे के तहत फॉर्म भरा है. दिल्ली में बहने वाली यमुना नदी के किनारे बसे रोहिंग्या कैंप में तस्मीदा टाट और प्लास्टिक से बने घर में माता, पिता और एक भाई के साथ रहती हैं.
6 साल की उम्र में वह अपने देश म्यांमार से जान बचाकर बांग्लादेश आई और फिर 2012 में भारत में शरण ली. इस दौरान कई बेहद मुश्किल हालात के बाद भी उन्होंने अपनी पढाई जारी रखी.
रिपोर्टर: कीर्ति दुबे, शूट-एडिटः साहिबा ख़ान
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