You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
कितनी मुश्किल है बच्चों के साथ मां-बाप की देखभाल
बुज़ुर्गों के लिए काम करने वाले एक एनजीओ हेल्पएज इंडिया के एक हालिया सर्वे के मुताबिक 29 प्रतिशत लोगों को अपने घर के बुज़ुर्गों का ख्याल रखना बोझ की तरह लगता है. 15 प्रतिशत लोग तो ऐसे हैं जिन्हें ये बहुत बड़ा बोझ महसूस होता है.
ये लोग उस सैंडविच जेनरेशन से आते हैं जो कई ज़िम्मेदारियों से एकसाथ घिरे हैं. ये सर्वे 'टियर वन' और 'टियर टू' वाले 20 शहरों में किया गया था. इसमें 30 से 50 साल की उम्र के लोगों से बात की गई है.
हेल्पएज इंडिया के साल 2018 के एक सर्वे के मुताबिक क़रीब 25 प्रतिशत बुज़ुर्ग मानते हैं कि उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ है.
बुज़ुर्गों की समस्याओं से ही जुड़ा एक पक्ष है सैंडविच जेनरेशन. क्या है ये सैंडविच जेनरेशन देखें वीडियो में-
वीडियो: कमलेश/ मनीष जालुई
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)