हाथ की सफ़ाई आखिर है क्या बला

हाथ की सफाई

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    • Author, डेविड रॉबसन
    • पदनाम, बीबीसी फ़्यूचर
  • प्रकाशित

बचपन में जादू का खेल देखना सबको अच्छा लगता है. जादूगर अपने हाथ की सफ़ाई से कुछ चीज़ों को ग़ायब कर देता है. तो कभी रूमाल से कबूतर बना देता है और कभी, इंसान की गर्दन ही अलग कर देता है.

ये अजब करिश्मे देख कर बच्चे तो हैरान होते ही हैं, कई बार बड़े भी इसे सच मान लेते हैं और इसे एक कला के तौर पर देखते हैं. लेकिन सवाल उठता है कि क्या जादू जैसी कोई चीज़ होती है? या नहीं?

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इसी सवाल का जवाब तलाशने की कोशिश कर रहे हैं, जादूगर से मनोविज्ञानिक बने मैथ्यू टॉमकिंस. मैथ्यू, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं. वो ये जानने की कोशिश कर रहे हैं कि हाथ की सफ़ाई आखिर है क्या बला.

इसके लिए उन्होंने खुद लोगों के सामने तजुर्बा किया. दर्शकों के सामने उन्होंने एक गिलास से कोई चीज़ निकाली और हाथ में रख लिया. बाद में उसे गायब कर दिया. कुछ देर बाद वही चीज़ दर्शकों को मैथ्यू के हाथ में नज़र आई. लोगों को लगा कि वो चीज़ मैथ्यू के हाथ में कहीं पहले से थी, जबकि उनके हाथ में कुछ था ही नहीं.

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मनोवैज्ञानिक मानते हैं कि हमारा दिमाग़ एक खास तरीक़े से काम करता है. हमारा दिमाग़ जिस चीज़ के बारे में सोचता है उसके मुताबिक़ ही हमारी आंखों का रेटीना दिमाग में उसकी तस्वीर उकेर देता है.

यही वजह है कि कभी कभी हमारा दिमाग़ अंधेरे में भी कुछ तस्वीरें बना लेता है. ऐसा वहां ज़्यादा होता है, जिस जगह से हम वाकिफ़ होते हैं. जहां हमें ये पता होता है कि यहां क्या क्या सामान रखा है.

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लेकिन जिस जगह से हम नावाकिफ़ होते हैं जहां ये पता ही नहीं होता कि वहां कौन हो सकता है? क्या सामान हो सकता है? तो ऐसे में दिमाग़ किसी किसी चीज़ को छूते हुए कोई तस्वीर बनाता है. कई बार ये तस्वीर एकदम साफ़ होती है. तो, कई बार कोई तस्वीर बन ही नहीं पाती.

कहने का मतलब ये हुआ कि हम जो सोचते हैं और जो देखना चाहते हैं, हमारा दिमाग़ उसी दिशा में काम करता है.

यानी जादू जैसी कोई चीज़ नहीं होती. हमारा दिमाग़ तो बस किसी के हाथ की सफ़ाई का शिकार हो जाता है.

(अंग्रेज़ी में मूल लेख पढ़ने के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="http://bbc.com.im/future/story/20160822-how-tricksters-make-you-to-see-what-they-want-you-to-see%22 platform="highweb"/></link> करें, जो <link type="page"><caption> बीबीसी फ्यूचर</caption><url href="http://bbc.com.im/future%22 platform="highweb"/></link> पर उपलब्ध है.)

(बीबीसी हिन्दी केएंड्रॉयड ऐपके लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक करें</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link>. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)