यूक्रेन संकट: फ्रांस ने अपने नागरिकों से रूस छोड़ने की अपील की

फ्रांस ने रूस में रह रहे अपने नागरिकों से अपील की है कि वे बिना देरी किये, जितनी जल्दी हो सके उतनी जल्दी रूस छोड़ दें. फ्रांस की ओर से यह बयान यूरोपीय संघ की ओर से नए प्रतिबंधों की घोषणा के बाद जारी किया गया है.

लाइव कवरेज

पवन सिंह अतुल, अभय कुमार सिंह, ब्रजेश मिश्रा and भूमिका राय

  1. यूक्रेन: जहां देश की अपील पर 'वर्दी' पहन रहे हैं आम लोग

  2. वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की: यूक्रेन के राष्ट्रपति रूस से युद्ध में कैसे बने प्रतिरोध की आवाज़?

  3. यूक्रेन: जब कीएव में बीबीसी संवाददाता से बोले होटलकर्मी- 'सर जागिए, बमबारी हो सकती है'

  4. यूक्रेन: रूस को क्या उम्मीद के मुताबिक मिल रही है कामयाबी?

  5. यूक्रेन संकट: कीएव के मेयर ने कहा- झूठे दावों पर भरोसा ना करें

    मेयर

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    कीएव के मेयर वेट्टाली का एक बयान कुछ समय पहले ही प्रकाशित किया गया था. जिसमें उनके हवाले से दावा किया गया था कि रूस के सैनिकों ने राजधानी कीएव को चारों ओर से घेर लिया है.

    लेकिन अब वेट्टाली ने कहा है कि ऐसा कुछ भी नहीं है और असलियत यह है कि यह एक ग़लत सूचना है.

    मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम पर अपना संदेश देते हुए वेट्टाली ने कहा, “रूसी इंटरनेट पब्लिकेशन ने मेरे नाम के साथ जानकारी फैलायी है कि कीएव को रूस की सेना ने घेर रखा है और लोगों को निकालना असंभव है.”

    “आप लोग झूठ पर भरोसा मत करें. केवल आधिकारिक सूत्रों से प्राप्त जानकारी को ही सच मानें.”

  6. ब्रेकिंग न्यूज़, यूक्रेन संकट: फ्रांस ने अपने नागरिकों से रूस छोड़ने की अपील की

    फ्रांस

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    फ्रांस ने रूस में रह रहे अपने नागरिकों से अपील की है कि वे बिना देरी किये, जितनी जल्दी हो सके उतनी जल्दी रूस छोड़ दें.

    फ्रांस की ओर से यह बयान यूरोपीय संघ की घोषणा के बाद जारी किया गया है.

    दरअसल, यूरोपीय संघ ने रूस पर कुछ और नए प्रतिबंध लगाते हुए अपने हवाई क्षेत्र को रूसी विमानों के लिए प्रतिबंधित कर दिया है.

    यूरोप और विदेश मामलों के लिए फ्रांसिसी मंत्रालय की वेबसाइट पर जारी एक बयान में लिखा गया है कि – रूस और यूरोप के बीच हवाई यातायात को लेकर बढ़ते प्रतिबंधों के कारण, रूस में रह रहे फ्रांस के नागरिकों से अपील की जाती है कि फ्रांस के लोग वो चाहें पर्यटक हों, छात्र हों या किसी पेशे से जुड़े हों, फ़ौरन रूस छोड़ दें.

    साथ ही इस बयान में लोगो से यह भी अपील की गयी है कि वे निकट भविष्य में रूस की यात्रा को टाल दें.

  7. रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधि मंडल के बीच होने वाली संभावित बातचीत पर ब्रिटेन के पीएम ने जताया संदेह

    बोरिस जॉनसन

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    ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा है कि रूस, यूक्रेन की मौजूदा असलियत से लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है.

    बोरिस जॉनसन ने कहा है कि रूस ने न्यूक्लियर फ़ोर्स को ‘स्पेशल अलर्ट’ पर रखा है, ऐसा करके राष्ट्रपति पुतिन यूक्रेन में जो हो रहा है उससे लोगों का ध्यान भटकाना चाहते हैं.

    ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने यूक्रेन के लोगों की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे क्रेमलिन को मुंह तोड़ जवाब दे रहे हैं.

    उन्होंने कहा कि यूरोप में इस वक़्त जो कुछ भी हो रहा है वो सिर्फ़ तबाही ही है.

    बोरिस जॉनसन ने इन हालातों का समाधान निकालने के लिए रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधि मंडल के बीच होने वाली संभावित बातचीत को लेकर भी संदेह ज़ाहिर किया है.

    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्ज़ेंडर लुकाशेंको से रविवार दिन में हुई बातचीत के बाद एक बयान जारी किया है.

    इस बयान के मुताबिक, ‘’हम इस बात पर सहमत हुए हैं कि यूक्रेन का प्रतिनिधि मंडल रूसी प्रतिनिधि मंडल से बिना किसी शर्त यूक्रेन-बेलारूस सीमा पर प्रिपयात नदी के किनारे मिलेगा.’’

    ‘’अलेक्ज़ेंडर लुकाशेंको ने यह ज़िम्मेदारी ली है कि जब यूक्रेन का प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए जाएगा, बातचीत करेगा और वापस लौटने तक, सभी विमान, हेलिकॉप्टर और मिसाइल बेलारूस की सीमा पर लैंड रहेंगे.’’

  8. ब्रेकिंग न्यूज़, यूरोपीय संघ यूक्रेन के शरणार्थियों को तीन साल के लिए शरण देने पर सहमत

    जर्मनी के गृहमंत्री का कहना है कि यूरोपीय संघ के सभी सदस्य देशों ने इस बात पर सर्वसम्मति जताई है कि वे यूक्रेन के शरणार्थियों को तीन साल के लिए शरण देंगे.

    ख़ास बात यह है कि इसके लिए शरणार्थियों को पहले आवेदन करने की ज़रूरत नहीं होगी.

  9. यूक्रेन संकट: कीएव के चारों ओर रूसी सेना, बच निकलने के सारे रास्ते बंद- कीएव के मेयर

    मेयर

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    कीएव के मेयर ने न्यूज़ एजेंसी एपी को बताया है कि रूस की सेना ने राजधानी कीएव को घेर लिया है.

    विट्टाली क्लिट्स्को ने नागरिकों को कीएव से बाहर निकालने के एक सवाल का जवाब देते हुए कहा नागरिकों को यहां से बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है.

    उन्होंने कहा, “हम ऐसा नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि बाहर निकलने के सारे रास्ते बंद हैं. फिलहाल हम घेरे में हैं.”

    कीएव में लगातार हवाई हमलो की आवाज़ सुनायी दे रही है.

    यूक्रेन पर रूस के हमले का आज चौथा दिन है और बीते तीन दिनों की तरह यह रात भी यूक्रेन के लोगों के लिए भारी साबित हो रही है.

    यूक्रेन में रूस की ओर से लगातार हवाई हमले हो रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि रूस की बैलिस्टिक मिसाइलों को बेलारूस की ज़मीन से लॉन्च किया गया.

    यूक्रेन के पूर्वी शहर नीप्रो में हवाई हमले की चेतावनी जारी की गयी है.

    राजधानी कीएव में भी चेतावनी वाले सायरन बज रहे हैं.

    यूक्रेन पर रूस के हमले को तीन दिन-तीन रात बीत चुके हैं. इस बीच यूक्रेन लगातार दावा करता रहा है कि रूस के सैकड़ों सैनिक हमले के दौरान मारे गए हैं. लेकिन अब पहली बार रूस ने भी यह बात स्वीकार की है.

    पहली बार, रूस के रक्षा मंत्रालय ने माना है कि यूक्रेन पर हमले के दौरान उसके कई सैनिक हताहत हुए हैं. हालांकि रूस की ओर से कोई सही और सटीक आंकड़ा नहीं जारी किया गया है.

    रूस के रक्षा मंत्रालय के हवाले से TASS समाचार एजेंसी ने कहा है कि , “विशेष सैन्य अभियान के दौरान रूस के कई सैनिक मारे गए हैं और कई घायल भी हुए हैं.”

  10. रूस का हमला झेल रहे यूक्रेन की मदद के लिए यूरोपीय संघ ने पहली बार उठाया है ऐसा क़दम

    ईयू

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    यूरोपीय संघ ने घोषणा की है कि वह यूक्रेन को जल्दी ही हथियार मुहैया कराना चाहता है.

    यूक्रेन को हथियार मुहैया कराने का यह फ़ैसला अपने आप में काफी अहम है. यह पहला मौक़ा है जब ईयू ने इस तरह का कोई क़दम उठाया है.

    एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला वोन देर लेयेन ने कहा कि यह एक वॉटर-शेड मूमेंट है.

    इसके साथ ही उन्होंने रूस और बेलारूस को लक्षित करने वाले नए प्रतिबंधों की भी घोषणा की. उन्होंने रूस के लिए यूरोपीय एयर-स्पेस को भी प्रतिबंधित करने की घोषणा की.

    यूरोपीय संघ ने रूस पर कुछ और नए और पहले से कहीं अधिक सख़्त प्रतिबंध लगाए हैं.

    इन घोषणाओं के दौरान लेयेन ने यह भी कहा कि यह पहला मौक़ा है जब ईयू किसी हमले से जूझ रहे देश में हथियारों की ख़रीद और उसके सप्लायी का ख़र्च उठाएगा.

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    रूस के सभी विमानों को यूरोप के हवाई क्षेत्र में प्रतिबंधित कर दिया गया है.

    इसका मतलब यह हुआ कि अब से रूस के विमान यूरोपीय संघ के क्षेत्र में उतरने, उड़ान भरने के लिए मान्य नहीं होंगे.

    उन्होंने कहा कि ये प्रतिबंध रूस के कुलीन वर्ग के निजी जेट विमानों पर भी लागू रहेगा.

    इसके अलावा रूस के सरकारी मीडिया जैसे रशिया-टुडे और स्पूतनिक और उनकी अन्य कंपनियों को लेकर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं.

    उन्होंने कहा, “हम एक ऐसा टूल विकसित कर रहे हैं जो यूरोप में ग़लत और आक्रामकता फैलाने वाली ख़बर को बैन कर देगा.”

    रूस के साथ-साथ बेलारूस पर लगे प्रतिबंधों को और सख़्त करने का फ़ैसला लिया गया है.

  11. ब्रेकिंग न्यूज़, यूक्रेन संकट: रूस ने पहली बार सैनिकों के हताहत होने की बात स्वीकारी

    रूस-यूक्रेन

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    यूक्रेन पर रूस के हमले को तीन दिन-तीन रात बीत चुके हैं. इस बीच यूक्रेन लगातार दावा करता रहा है कि रूस के सैकड़ों सैनिक हमले के दौरान मारे गए हैं. लेकिन अब पहली बार रूस ने भी यह बात स्वीकार की है.

    पहली बार, रूस के रक्षा मंत्रालय ने माना है कि यूक्रेन पर हमले के दौरान उसके कई सैनिक हताहत हुए हैं. हालांकि रूस की ओर से कोई सही और सटीक आंकड़ा नहीं जारी किया गया है.

    रूस के रक्षा मंत्रालय के हवाले से TASS समाचार एजेंसी ने कहा है कि , “विशेष सैन्य अभियान के दौरान रूस के कई सैनिक मारे गए हैं और कई घायल भी हुए हैं.”

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    यूक्रेन में रूस की सेना

    एक पुरानी कहावत है कि जब दुश्मन से सामना होता है तो सेना की योजनाएं धरी की धरी रह जाती हैं. यूक्रेन में रूस की सेनाओं पर ये कहावत सही साबित होती दिख रही है.

    रॉयल यूनाइटेड सर्विस इंस्टीट्यूट में यूरोपीय सुरक्षा के विशेषज्ञ एड अर्नाल्ड रूस के हमले पर टिप्पणी करते हुए कहते हैं, "इसके नतीजे रूस के लिए निराशाजनक हैं और ये उम्मीद के मुताबिक बहुत धीमा है."

    वो इसके कई कारण बताते हैं.

    उनके मुताबिक सेना जब आक्रमण करती है तो वो शुरूआत में अपनी पूरी शक्ति लगा देती है. लेकिन यूक्रेन में रूस ने अभी ऐसा नहीं किया है. यूक्रेन की घेराबंदी में रूस के 150000 से 190000 तक सैनिक थे लेकिन इन सभी को अभी यूक्रेन के भीतर नहीं भेजा गया है.

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    क्या है रूस का इरादा?

    रूस की सेनाओं ने कीएव की तरफ़ बढ़ने में भी प्रगति हासिल की है. राजधानी पर क़ब्ज़ा करना रूस की सेना का एक अहम लक्ष्य है. सिर्फ इसलिए ही नहीं कि ये सरकार का मुख्यालय है और यहां से ही रूस के ख़िलाफ़ प्रतिरोध का नेतृत्व किया जा रहा है.

    राष्ट्रपति पुतिन चाहते हैं कि वो लोकतांत्रिक रूप से चुने गए राष्ट्रपति वोलोदोमीर ज़ेलेंस्की को पद से हटा दें और अपने इशारों पर चलने वाली सत्ता यूक्रेन में स्थापित कर दें.

    अर्नाल्ड कहते हैं कि रूस को यूक्रेन में अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए राजधानी कीएव पर नियंत्रण करना ज़रूरी है. इसके बिना यूक्रेन में रूस के लक्ष्य हासिल नहीं होंगे.

    अब सवाल ये है कि रूस के लिए ऐसा करना कितना आसान होगा? रूस की सेनाओं कीएव की घेराबंदी करने की कोशिश कर रही हैं. लेकिन जितना भीतर वो जाएंगी, उतना कड़ा मुक़ाबला उन्हें करना होगा. यूक्रेन के लोगों ने रूस का मुक़ाबला करने के लिए कमर कस ली है.

    आशंका है कि यूक्रेन की सड़कों पर लड़ाई छिड़ सकती है. ऐसा हो भी रहा है.

  12. रूसी सैनिकों के परिजनों के लिए यूक्रेन की हॉटलाइन पर लगातार आ रहे कॉल

    रूस के हमले के ख़िलाफ़ प्रदर्शन

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    इमेज कैप्शन, रूस के हमले के ख़िलाफ़ प्रदर्शन

    यूक्रेन पर हमला करने आए रूस के सैनिकों के लिए यूक्रेन ने हॉटलाइन नंबर जारी किया है. अब ऐसी ख़बरें हैं कि इस हॉटलाइन नंबर पर लगातार कॉल आ रहे हैं.

    कीएव इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के मुताबिक़, हॉटलाइन पर सैकड़ों की संख्या में फ़ोन आए हैं.

    यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को ये सर्विस शुरू की है, इसे नाम दिया गया है- 'कम बैक अलाइव फ्रॉम यूक्रेन'.

    एक अधिकारी ने बताया, "इस हॉटलाइन पर आप पता लगा सकते हैं कि आपके रिश्तेदार अभी भी जिंदा हैं, क़ैदी हैं या जख़्मी हैं. आप ये तय कर सकते हैं कि आपको अपने मृत रिश्तेदार का शव कब और कैसे ले जाना है."

    ये हॉटलाइन रूस के लोगों से यूक्रेन की सीधी अपील है, जिनमें से हज़ारों गिरफ़्तारी के ख़तरों के बीच युद्ध के ख़िलाफ़ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का विरोध कर रहे हैं.

    बता दें कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में युद्ध के ख़िलाफ़ यूक्रेन और रूस के लोग प्रदर्शन करते दिख रहे हैं.

  13. पुतिन का 'न्यूक्लियर अलर्ट', क्या वही हुआ जिसका था नेटो को डर

    पुतिन

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    फ्रैंक गार्डनर

    सुरक्षा संवाददाता, बीबीसी

    रूस की ओर से न्यूक्लियर फ़ोर्स को ‘स्पेशल अलर्ट’ पर रखना राष्ट्रपति पुतिन के गुस्से और पश्चिमी देशों की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों के प्रति उनकी नाराज़गी के तौर पर भी देखा जा रहा है. साथ ही उनकी इस चिंता के असर के तौर पर भी कि उनके देश को नेटो से ख़तरा है. उनके हालिया कदमों ने कहीं न कहीं पश्चिमी देशों का ध्यान ज़रूर खींचा है.

    यूक्रेन में जिस तरह की सैन्य कार्रवाई हुई है, नेटो के सैन्य योजनाकारों को इसी बात का डर था. यही वजह है कि नेटो गठबंधन ने बार-बार यह दोहराया कि अगर रूस हमला करता है तो वो यूक्रेन की मदद के लिए अपनी सेनाओं को लड़ाई में नहीं भेजेंगे.

    हालांकि रूस की योजना अब नाकाम होती दिख रही है. लड़ाई के चौथे दिन यूक्रेन के किसी भी शहर पर रूस कब्जा नहीं कर पाया और दूसरी तरफ यह भी माना जा रहा है कि रूस को भारी नुकसान भी उठाना पड़ा है.

    इस वजह से रूस की बेचैनी और बढ़ी हुई है और उनके लिए बेलारूस बॉर्डर पर होने वाली बातचीत को स्वीकर करना उसके लिए कठिन हो रहा है, जबकि यह रास्ता ही यूक्रेन और रूस के लिए ठीक है.

    रूस की ओर से न्यूक्लियर हमले की चेतावनी पश्चिमी देशों को पीछे हटने के लिए एक इशारा है.

    रूस एयरफ़ोर्स

    परमाणु हथियार का इस्तेमाल ‘’दुनिया के लिए एक आपदा होगी'' : यूक्रेन

    यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने कहा कि अगर रूस यूक्रेन पर परमाणु हथियार इस्तेमाल करता है तो यह ‘’दुनिया के लिए एक आपदा होगी.‘’

    उन्होंने दावा किया, ‘’लेकिन ये हमें तोड़ नहीं पाएगा.’’

    उनका बयान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के उस आदेश के बाद आया है जिसमें उन्होंने न्यूक्लियर फोर्स को ‘स्पेशल अलर्ट’ पर रहने को कहा है.

    एक न्यूज़ कॉन्फ़्रेंस में कुलेबा ने कहा कि, ‘’राष्ट्रपति पुतिन का यह आदेश तब आया है जब दोनों देशों के प्रतिनिधि मंडल बातचीत के लिए मिलने को तैयार हो गए हैं.’’

    ‘’हम इस घोषणा को या इस आदेश को यूक्रेनी प्रतिनिधि मंडल पर अतिरिक्त दबाव बनाने की कोशिश के तौर पर देख रहे हैं.’’

    उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन किसी भी तरह के दबाव में हार नहीं मानेगा.

    रूस को कभी नेटो से ख़तरा नहीं रहा: अमेरिका

    राष्ट्रपति पुतिन की ओर से न्यूक्लियर फोर्स को स्पेशल अलर्ट पर रहने का आदेश देने पर अमेरिका ने सवाल उठाए हैं.

    व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी जेन साकी ने कहा कि रूस को किसी भी स्थिति में नेटो से ख़तरा नहीं रहा.

    पुतिन ने नेटो नेताओं पर आरोप लगाए हैं कि उन्होंने रूस के ख़िलाफ़ ‘’भड़काऊ बयान’’ देने की छूट दी है.

  14. व्लादिमीर पुतिन इतने ताक़तवर कैसे बने?

  15. यूक्रेन: युद्ध के बीच इमरान ख़ान के रूस जाने के मायने

  16. यूक्रेन: तीन दिन में देश छोड़कर भागे करीब दो लाख लोग

    यूक्रेन पर रूस का हमला

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    यूक्रेन पर रूस हमले के बाद देश छोड़कर भागने वालों का नया आंकड़ा सामने आया है.

    स्लोवाकिया के अधिकारियों के मुताबिक, बीते 24 घंटों में यूक्रेन से करीब 10 हज़ार लोग उनकी तीन सीमाओं से देश में आए हैं.

    ये सामान्य आंकड़े से करीब 10 गुना है.

    43 हज़ार से अधिक लोग बीते तीन दिनों में यूक्रेन से रोमानिया पहुंचे हैं. जबकि डेढ़ लाख से अधिक लोगों ने पोलैंड में शरण ली है.

    यूक्रेन की सीमा अन्य चार देशों- हंगरी, मोलडोवा, बेलारूस और रूस से मिलती है. हंगरी और मोलडोवा में भी जहां हज़ारों लोगों ने शरण ली है.

  17. यूक्रेन के राष्ट्रपति रूस से बातचीत को लेकर बोले...

    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की

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    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्ज़ेंडर लुकाशेंको से रविवार दिन में हुई बातचीत के बाद एक बयान जारी किया है.

    इस बयान के मुताबिक, ‘’हम इस बात पर सहमत हुए हैं कि यूक्रेन का प्रतिनिधि मंडल रूसी प्रतिनिधि मंडल से बिना किसी शर्त यूक्रेन-बेलारूस सीमा पर प्रिपयात नदी के किनारे मिलेगा.’’

    ‘’अलेक्ज़ेंडर लुकाशेंको ने यह ज़िम्मेदारी ली है कि जब यूक्रेन का प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए जाएगा, बातचीत करेगा और वापस लौटने तक, सभी विमान, हेलिकॉप्टर और मिसाइल बेलारूस की सीमा पर लैंड रहेंगे.’’

    ज़ेलेंस्की ने पहले कहता था कि रूसी प्रतिनिधि मंडल से वो बेलारूस में नहीं मिलेंगे क्योंकि रूस ने बेलारूस के कुछ हिस्सों से यूक्रेन पर हमला किया था.

    हालांकि अब तक न तो रूस और न ही बेलारूस की ओर से इस बातचीत को लेकर कोई बयान दिया गया है.

  18. रूस के राष्ट्रपति पुतिन का आदेश, स्पेशल अलर्ट पर न्यूक्लियर फ़ोर्स, अमेरिका ने कहा-अस्वीकार्य कदम

    पुतिन

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    रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रूसी सेना को आदेश दिया है कि वो न्यूक्लियर फोर्सेज़ को स्पेशल अलर्ट पर रखें रूस की स्ट्रैटेजिक मिसाइल फोर्सेज़ के लिए सबसे बड़ा अलर्ट है.

    अमेरिका ने इस पर प्रतिक्रिया दी है और इसे 'अस्वीकार्य कदम' बताया है.

    इसके पहले पुतिन ने रक्षा मंत्री सेरगेई शोइगू और सेना के दूसरे शीर्ष अधिकारियों से बात करते हुए कहा कि पश्चिमी देशों ने रूस के साथ 'दोस्ताना बर्ताव नहीं' किया और उन पर 'ग़लत तरह से प्रतिबंध लगा दिए.'

    रूस के इस कदम को नेटो देशों की प्रतिक्रिया के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है.

    रूस के राष्ट्रपति पुतिन के इस कदम को भविष्य की तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है लेकिन बीबीसी से रक्षा संवाददाता गॉर्डन कोरेरा का कहना है कि ये रूस का परमाणु हथियारों के इस्तेमाल का संकेत देने के बजाए नेटा को चेतावनी देने का एक तरीका लगता है.

    पुतिन ने बीते सप्ताह भी चेतावनी दी थी, ‘’जो भी हमें रोकने की कोशिश करेगा उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.’’

    वहीं, अमेरिका ने इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया दी है.

    संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की प्रतिनिधि लिंडा थॉमस ग्रीनफ़ील्ड ने 'सीबीएस न्यूज़' से कहा कि यह बिल्कुल ‘स्वीकार नहीं किया जाएगा.’

    उन्होंने कहा, ‘’इसका मतलब ये है कि राष्ट्रपति पुतिन युद्ध को उस तरीके से आगे बढ़ाने जा रहे हैं जो बिल्कुल अस्वीकार्य है और हमें उनके एक्शन हर संभव तरीके से रोकने होंगे.’’

    आईएईए

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    आईएईए ने बुलाई आपात बैठक

    इंटरनेशनल अटॉमिक एनर्जी एजेंसी ने (IAEA) बुधवार को यूक्रेन के मौजूदा हालात को लेकर आपात बैठक बुलाई है.

    यूक्रेन में चार न्यूक्यिलर पावर प्लांट हैं और अगर यहां हमला होता है तो बड़ी तबाही हो सकती है.

    संयुक्त राष्ट्र की न्यूक्लियर वॉचडॉग संस्था के 35 देशों के बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स की बैठक में यूक्रेन के हालात पर चर्चा होगी.

    रूस की सेनाओं ने चेर्नोबिल में रेडियोएक्टिव वेस्ट और न्यूक्लियर फ्यूल को सीज़ कर दिया है. यह जगह दुनिया के सबसे बुरे न्यूक्लियर हादसे के लिए जानी जाती है. यहां काम करने वाले स्टाफ़ की ड्यूटी बीते गुरुवार से नहीं बदली गई है.

    आईएईए का कहना है कि चेर्नोबिल में स्टाफ को उनका काम करने दिया जाए.

  19. व्लादिमीर पुतिन को जूडो फ़ेडेरेशन ने किया निलंबित

    व्लादिमीर पुतिन

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    इंटरनेशनल जूडो फ़ेडेरेशन ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को बतौर मानद अध्यक्ष और एंबेसडर पद से निलंबित कर दिया है.

    रूस के राष्ट्रपति जूडो 'ब्लैक बेल्ट' हैं.

    यह फ़ैसला हाल के दिनों में रूस पर लगाए गए खेल संबंधित ‘प्रतिबंधों’ में से एक है.

    सितंबर में होने वाली रूस की फॉर्मूला वन ग्रां प्री को रद्द कर दिया गया है.

    इस सप्ताह की शुरुआत में यह घोषणा भी की गई थी कि चैंपियंस लीग 2022 का फ़ाइनल मुक़ाबला अब सेंट पीटर्सबर्ग के बजाय पेरिस में खेला जाएगा.

    वहीं, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रविवार को रूस की विशेष सेनाओं को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि ये सेनाएं ‘बहादुरी से अपनी सैन्य़ ज़िम्मेदारियां निभा रही हैं.’

    टीवी पर प्रसारित उनके एक संबोधन को क्रेमलिन की वेबसाइट पर भी प्रकाशित किया गया है.

    उन्होंने कहा, ’’रूस के लोगों और हमारी महान मातृभूमि के नाम पर यह एक त्रुटिहीन सेवा है.’’

  20. बीबीसी हिन्दी का डिजिटल बुलेटिन ‘दिनभर’ सुनिए मोहनलाल शर्मा से