रूस से तनाव के बीच यूक्रेन को मिली अमेरिका से 90 टन वाली 'घातक सहायता'
सीमा पर रूसी भारी संख्या में रूसी सैनिकों की तैनाती के बीच यू्क्रेन को अमेरिका ने 90 टन की 'घातक सहायता' भेजी है.
हाल ही में अमेरिका की ओर से यूक्रेन को सैन्य मदद की मंज़ूरी मिलने के बाद यह पहली खेप है जो कीव पहुंची है और इसमें सीमा पर तैनात सैनिकों के लिए हथियार भी शामिल हैं.
अमेरिका की ओर से कीव को यह सैन्य मदद ऐसे समय मिली है, जब उसके विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने इसी हफ्ते यूक्रेन का दौरा किया है.
इस दौरान ब्लिंकन ने रूस को चेतावनी दी है कि यदि यू्क्रेन पर हमला करता है तो उसे ठोस जवाब मिलेगा. मॉस्को ने यूक्रेन पर हमले की किसी भी योजना से इनकार किया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने दिसंबर माह में ही यूक्रेन को 20 करोड़ डॉलर यानी करीब 1488 करोड़ रुपये की सुरक्षा सहायता पैकेज को मंज़ूरी दी थी.
कीव स्थित अमेरिकी दूतावास ने कहा कि मदद की यह खेप यूक्रेन की आत्मरक्षा के संप्रभु अधिकार के प्रति वॉशिंगटन की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
अमेरिकी दूतावास ने फ़ेसबुक पोस्ट में लिखा, "रूसी हमले के खिलाफ़ यूक्रेन के सशस्त्र बलों की तरफ से किए जा रहे क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के प्रयासों में संयुक्त राज्य अमेरिका आगे भी इस तरह की मदद करता रहेगा."
यूक्रेन के रक्षा मंत्री ओलेक्सी रिज़नीकोव ने मदद के लिए अमेरिका का शुक्रिया अदा किया है. अमेरिका की तरफ से सैन्य सहायता की यह खेप रूसी विदेश मंत्री और उनके अमेरिकी समकक्ष एंटनी ब्लिंकन के बीच यूक्रेन को लेकर हुई वार्ता के कुछ ही घंटों बाद पहुंची है.
रूस साल 2014 में भी यूक्रेन के हिस्से में आने वाले क्रीमिया पर कब्ज़ा कर चुका है. इसके बाद से ही यूक्रेन की सेना और रूस समर्थित विद्रोहियों के बीच जारी संघर्ष में 14 हज़ार से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं और करीब 20 लाख लोगों को अपना घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है.
अब अमेरिका सहित कई देशों ने चेतावनी दी है कि रूस यू्क्रेन पर किसी भी वक्त हमला कर सकता है और करीब 1 लाख रूसी सैनिक सीमा पर तैनात हैं.