गोवा में महिलाओं को नौकरी में 30 फ़ीसद आरक्षण देगी कांग्रेसः प्रियंका
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने शुक्रवार को गोवा में घोषणा की कि अगर कांग्रेस पार्टी वहां सत्ता में आई तो वहां महिलाओं को नौकरियों में 30 फ़ीसद आरक्षण दिया जाएगा.
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गोवा में महिलाओं के नौकरी में 30 फ़ीसद आरक्षण देगी कांग्रेसः प्रियंका

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कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने शुक्रवार को गोवा में घोषणा की कि अगर कांग्रेस पार्टी वहां सत्ता में आई तो महिलाओं को नौकरियों में 30 फ़ीसद आरक्षण दिया जाएगा.
वे इस राज्य में आने वाली नई पार्टी को लेकर लोगों को सचेत रहने की सलाह भी दीं.
उन्होंने आम आदमी पार्टी की आलोचना की जो गोवा के चुनाव में एक बड़ी भूमिका निभाने का प्रयास कर रही है.
प्रियंका ने इस दौरान केजरीवाल सरकार को दिल्ली में प्रदूषण के लिए ज़िम्मेदार ठहराया.
उन्होंने लोगों से कहा, "जब आप मतदान करने जाएं तो सबसे पहले अपने बारे में फिर राज्य और अपने परिवार के बारे में सोचें. उस पार्टी को वोट दें जो आपके मुद्दों को सुलझा सकती है."
प्रियंका गोवा के तटवर्ती क्यूपेम विधानसभा क्षेत्र के तहत मोरपिरला गांव में आदिवासी महिलाओं से भी मिलीं और उनके साथ पारंपरिक नृत्य भी किया.
उन्होंने यह भी कहा कि वोट देने से पहले ये ज़रूर देखें कि जब वह पार्टी सत्ता में थी तब उसने आपके लिए क्या किया, "क्या उन्होंने विकास कार्य किए? मैं दिल्ली से हूं, आम आदमी पार्टी दिल्ली से है? दिल्ली में बहुत प्रदूषण है जहां आप सांस तक नहीं ले सकते... आपके लिए केवल कांग्रेस पार्टी ही काम करेगी."
इसी दौरान उन्होंने कहा, "राज्य की सत्ता में आने के बाद कांग्रेस नौकरियों में 30 फ़ीसद आरक्षण केवल महिलाओं के लिए रखेगी."
उन्होंने गोवा में पानी की कमी, बेरोज़गारी जैसे मुद्दों को हल करने का भी वादा किया.
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चीनी मीडिया में जनरल बिपिन रावत की मौत पर तंज़ भरी टिप्पणी
अमेरिका में महंगाई बीते 40 सालों के रिकॉर्ड स्तर पर

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अमेरिका में महंगाई बीते 40 सालों के अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है.
अमेरिका में यह महंगाई जून 1982 के बाद से अपनी सबसे तेज़ सालाना दर से बढ़ रही है.
अमेरिका की श्रम सांख्यिकी ब्यूरो के मुताब़िक बीते महीने नवंबर में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में 6.8% की तेज़ी देखी गई.
पेट्रोल की कीमतों में 6.1% का इजाफ़ा हुआ तो वहीं पुरानी कारों, किराए और खाने की कीमतों में भी वृद्धि देखी गई.
हालांकि नवंबर की महीने में कीमतों में वृद्धि की मासिक गति में अक्तूबर की तुलना में कमी देखी गई.
अक्तूबर के महीने में यह गति 0.9 फ़ीसद थी जबकि नवंबर में यह 0.8 फ़ीसद थी.
हालांकि राष्ट्रपति बाइडन ने इन आंकड़ों के जारी होने से पहले गुरुवार को बताया कि ये ऊर्जा और पुरानी कारों की घटती कीमतों को नहीं दर्शाएंगे.
लगातार बढ़ रही महंगाई की वजह से राष्ट्रपति बाइडन भी राजनीतिक रूप से दबाव में हैं क्योंकि इन दिनों वे अपने 1.9 ट्रिलियन डॉलर के सोशल स्पेंडिंग बिल को अमेरिकी संसद में पारित करवाने का प्रयास कर रहे हैं.
भारत में अब तक ओमिक्रॉन के 25 मामले, पर कोई भी मरीज़ गंभीर नहीं: केंद्र सरकार

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भारत में अब तक कोविड-19 के ओमिक्रॉन वेरिएंट के 25 मामले दर्ज़ हो चुके हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने शुक्रवार को यह जानकारी दी.
हालांकि लव अग्रवाल ने बताया कि किसी भी मरीज़ में अब तक कोई गंभीर लक्षण नहीं देखे गए हैं. उनके अनुसार, सभी मरीज़ों में अब तक "हल्के" लक्षण ही पाए गए हैं.
उन्होंने ये भी बताया कि ओमिक्रॉन वेरिएंट के मरीज़ों का कुल हिस्सा कोरोना के सभी वेरिएंट का केवल 0.04 फ़ीसदी हैं.
लव अग्रवाल के अनुसार, पिछले हफ़्ते देश में कोरोना की पॉजिटिविटी रेट 0.73 फ़ीसदी रही और पिछले 14 दिनों में देश में रोज़ 10,000 से कम मामले सामने आए. इनमें से केवल केरल और महाराष्ट्र में 43 प्रतिशत से अधिक सक्रिय मरीज़ पाए गए.

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'सतर्कता अभी बनी रहनी चाहिए'
संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने हालांकि इस बात पर ज़ोर दिया कि कोरोना को लेकर सतर्कता अभी बरक़रार रहनी चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि इसके लिए 'कोविड उपयुक्त व्यवहार' (सीएबी) का सख़्ती से पालन करने की ज़रूरत है.
उन्होंने कहा, "विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि टीकाकरण के अलावा सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों और पर्याप्त सावधानियों को रखे जाने की ज़रूरत है. इसमें ढिलाई के चलते ही यूरोप में मामले बढ़ रहे हैं."
अग्रवाल के अनुसार, "24 नवंबर तक केवल दो देशों में ओमिक्रॉन के मामले दर्ज़ हुए थे, लेकिन अब ये 59 देशों तक फैल गए हैं. इन 59 देशों में ओमिक्रॉन के 2,936 मामले दर्ज़ हो गए हैं. इसके अलावा 78,054 संभावित मामले भी सामने आए हैं. उनके जीनोम की सीक्वेसिंग हो रही है."
बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', 10 दिसंबर 2021, सुनिए मोहन लाल शर्मा से
ममता बनर्जी ने किस बात पर महुआ मोइत्रा को सबके सामने लगाई फटकार

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने नादिया ज़िले में पार्टी की एक बैठक के दौरान सांसद महुओ मोइत्रा को क्यों सबके सामने फटकार लगाई, ये चर्चा का विषय बना हुआ है. ममता बनर्जी ने सबसे सामने कहा- महुआ, मैं आपको एक स्पष्ट संदेश देना चाहती हूँ. मुझे ये देखने की आवश्यकता नहीं कि कौन किसके ख़िलाफ़ है. अगर कोई किसी को पसंद नहीं करता, तो वो कुछ लोगों को न्यूज़ के लिए भेज देता है. इस तरह की राजनीति एक दिन चल सकती है, हमेशा के लिए नहीं. जब कहीं चुनाव होते हैं, तो पार्टी इसका फ़ैसला करेगी कि कौन चुनाव लड़ेगा. यहाँ किसी भी तरह की असहमति की गुंज़ाइश नहीं है. हम सबको मिल कर काम करना चाहिए.
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ममता बनर्जी जब ये सब बोल रही थी, महुआ मोइत्रा वहीं मंच पर उनके साथ मौजूद थीं. महुआ मोइत्रा कृष्णानगर से टीएमसी की सांसद हैं. दरअसल पश्चिम बंगाल के नादिया में स्थानीय निकाय चुनाव से पहले पार्टी की एक बैठक थी. इस बैठक के दौरान ममता बनर्जी ने पार्टी के कृष्णानगर प्रमुख जयंत शाह के ख़िलाफ़ पिछले महीने हुए प्रदर्शन के बारे में पूछ लिया.

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आरोप ये है कि महुआ मोइत्रा के समर्थकों ने जयंत शाह के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया था. इस विरोध प्रदर्शन के वीडियो सोशल मीडिया पर डाले गए थे. ममता बनर्जी को इसी पर आपत्ति थी. उन्होंने महुआ के सामने ये स्पष्ट कर दिया कि टिकट किसको मिलेगा, ये पार्टी फ़ैसला करेगी.
अमेरिकी प्रतिबंधों का भारत-ईरान की चाबहार परियोजना पर असर नहीं: एस जयशंकर

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भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों का चाबहार परियोजना पर कोई असर नहीं पड़ेगा. उन्होंने यह भी कहा है कि यह बंदरगाह काम कर रहा है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, विदेश मंत्री जयशंकर ने शुक्रवार को लोकसभा में यह बयान दिया है. उन्होंने प्रश्नकाल के दौरान बसपा के एक सांसद के एक सवाल के जवाब में यह बात कही.
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विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि ईरान में भारत के सहयोग से विकसित किए जा रहे चाबहार बंदरगाह की परियोजना का अमेरिकी प्रतिबंधों से कोई भी मतलब नहीं है.
लोकसभा में उन्होंने बताया, ''यह टर्मिनल पूरी तरह चालू है. हमने 2016 में समझौता किया था और 2018 में टर्मिनल को अपने नियंत्रण में ले लिया. हम वहाँ छह क्रेन भी भेज चुके हैं.''
उन्होंने आगे कहा कि चाबहार पोर्ट के संचालन को लेकर हमारे जो समझौते हैं, वो केवल ईरान तक सीमित हैं. इसके लिए अफ़ग़ानिस्तान की सरकार से कोई समझौते की ज़रूरत नहीं है.
चाबहार पोर्ट क्या है?
मई 2016 नरेंद्र मोदी ने ईरान का दौरा किया था. वो पिछले 15 साल में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली ईरान यात्रा थी. इस दौरे में भारत, ईरान और अफ़ग़ानिस्तान के बीच बंदरगाह के विकास के लिए एक त्रिपक्षीय समझौता हुआ था.
ईरान काफ़ी पहले से चाहता था कि भारत इस परियोजना का विकास करे. लेकिन भारत ने इसे पूरा करने में काफ़ी देरी की है.
चाबहार में दो पोर्ट हैं- शाहिद कलंतरी और शाहिद बहिश्ती.
केंद्रीय नौवहन मंत्रालय की निवेश इकाई 'इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल' ने यहां दो कंटेनर बर्थ विकसित करने के लिए जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट और गुजरात के कांडला पोर्ट ट्रस्ट के साथ मिलकर एक संयुक्त उद्यम बनाया. इस पर 8.5 करोड़ डॉलर का निवेश किया गया है.
किसान आंदोलन के दौरान पुलिस की कार्रवाई में नहीं मरा कोई किसान : केंद्र सरकार

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केंद्र सरकार ने शुक्रवार को संसद में कहा कि किसानों के आंदोलन के दौरान पिछले एक साल में पुलिस की कार्रवाई में किसी भी किसान की मौत नहीं हुई है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी.
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उन्होंने बताया, ''किसान आंदोलन में मारे गए किसानों के परिजनों को मुआवज़ा देने जैसे मामले संबंधित राज्य सरकारों के पास लंबित हैं. किसान आंदोलन के दौरान पुलिस की कार्रवाई में किसी भी किसान की मौत नहीं हुई."
उधर आंदोलन से जुड़े किसान संगठनों का दावा है कि पिछले एक साल के दौरान इस आंदोलन में 700 से अधिक किसानों की मौत हो चुकी है और वे इसके लिए सरकार को ज़िम्मेदार बताते हैं.
साथ ही किसानों की मांग रही है कि केंद्र सरकार इन किसानों के परिजनों को पंजाब सरकार की तर्ज़ पर मुआवज़े का एलान करे.
गुरुवार को रुक गया आंदोलन
इससे पहले केंद्र सरकार से कई दौर की बातचीत के बाद किसानों ने गुरुवार को अपने आंदोलन को स्थगित करने का एलान किया था.
किसान नेताओं ने तीन कृषि क़ानूनों के रद्द किए जाने के बाद बाक़ी मांगें भी मान लेने या या उन पर उचित आश्वासन मिलने के बाद ये फ़ैसला लिया. किसान नेताओं ने कहा था कि वे 11 दिसंबर से अपने घर लौटना शुरू कर देंगे.
हालांकि किसान नेताओं का कहना है कि 15 जनवरी को एक बार फिर वे स्थिति की समीक्षा करेंगे और अगर सरकार वादे पूरे नहीं करती, तो वे फिर आंदोलन करेंगे.
बिपिन रावत और उनकी पत्नी का अंतिम संस्कार हुआ, बेटियों ने दी मुखाग्नि

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भारत के पहले चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेंस स्टाफ़ बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत का अंतिम संस्कार पूरे सैनिक सम्मान के लिए साथ कर दिया गया है. दिल्ली कैंट के बरार स्क्वायर पर उनका अंतिम संस्कार किया गया. उनकी बेटियों ने उन्हें मुखाग्नि दी.

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी वहाँ मौजूद थे. सीडीएस रावत को 17 तोपों की सलामी दी गई. बड़ी संख्या में सैनिक अधिकारी वहाँ मौजूद थे. इससे पहले सीडीएस रावत का पार्थिव शरीर उनके सरकारी आवास पर रखा गया था. जहाँ बड़ी संख्या में राजनेता, सैनिक अधिकारी और अन्य लोगों ने श्रद्धांजलि दी. आठ दिसंबर को तमिलनाडु के कुन्नूर में हुई हेलिकॉप्टर दुर्घटना में बिपिन रावत समेत 13 लोगों की मौत हो गई थी. इस हादसे में उनकी पत्नी मधुलिका रावत की भी मौत हो गई थी. इस हादसे में ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह बच गए थे, जिनका इलाज चल रहा है. उनकी स्थिति गंभीर लेकिन स्थिर बताई जा रही है.
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जनरल बिपिन रावत को श्रद्धांजलि देने के लिए शुक्रवार सुबह से ही उनके सरकारी आवास पर लोगों की भीड़ लगी रही. गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमन्ना, विदेश मंत्री एस जयशंकर, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी, मनसुख मंडाविया, सर्बानंद सोनोवाल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने श्रद्धांजलि दी. बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और किसान नेता राकेश टिकैत ने भी सीडीएस रावत को श्रद्धांजलि

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नवाब मलिक ने वानखेड़े के ख़िलाफ़ बयान देने पर मांगी माफ़ी

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महाराष्ट्र के मंत्री और एनसीपी नेता नवाब मलिक ने शुक्रवार को बॉम्बे हाईकोर्ट से माफ़ी मांगी है.
नवाब मलिक ने कहा- वे अदालत से माफ़ी मांगते हैं कि उन्होंने उन्हें भरोसा देने के बाद भी ध्यानचंद वानखेड़े (समीर वानखेड़े के पिता) और उनके परिवार के ख़िलाफ़ बयान दिया.
इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को नवाब मलिक को नोटिस जारी करने के साथ उनसे एक हलफ़नामा दायर करने को कहा था.
इस नोटिस में हाईकोर्ट ने उनसे पूछा था कि कोर्ट के पहले के आदेशों का "जानबूझकर उल्लंघन" करने के लिए आख़िर क्यों नहीं उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाए.
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क्या है मामला?
मंगलवार को हाईकोर्ट ने यह भी कहा था कि नवाब मलिक अदालत में वचन दे चुके हैं कि वे ध्यानदेव वानखेड़े और उनके परिवार के ख़िलाफ़ आगे बयान नहीं देंगे,फिर भी उन्होंने बयान दिया.
समीर वानखेड़े नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो यानी एनसीबी के क्षेत्रीय निदेशक हैं. वो शाहरुख़ ख़ान के बेटे आर्यन ख़ान की हाल में गिरफ़्तारी के बाद चर्चा में आए थे.
उसके बाद नवाब मलिक ने उन्हें और उनके परिवार को तरह तरह से निशाने पर लिया था. मलिक ने कई दिनों तक उनके बारे में काफ़ी आरोप लगाए थे. इसके बाद समीर वानखेड़े के पिता ने अदालत का रुख़ किया था.
ब्रेकिंग न्यूज़, जुलियन असांज के प्रत्यर्पण के मामले में अमेरिका को मिली क़ानूनी जीत

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विकीलीक्स के संस्थापक जुलियन असांज को अमेरिका प्रत्यर्पित किया जा सकता है. इस साल जनवरी में ब्रिटेन की एक अदालत ने असांज को अमेरिका प्रत्यर्पित किए जाने के ख़िलाफ़ फ़ैसला दिया था. उस समय कोर्ट ने कहा था कि उनके मानसिक स्वास्थ्य की चिंताओं को देखते हुए उन्हें अमेरिका नहीं भेजा जा सकता. लेकिन अब इसके ख़िलाफ़ अपील में फ़ैसला अमेरिका के पक्ष में गया है.

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वर्ष 2010 और 2011 में कई गोपनीय दस्तावेज़ के प्रकाशन के मामले में अमेरिका को उनकी तलाश थी. वर्ष 2012 से असांज ने ब्रिटेन स्थित इक्वाडोर के दूतावास में शरण ली थी. लेकिन 2019 में इक्वाडोर ने उन्हें शरण देने से इनकार कर दिया और उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया.
बिपिन रावत का पार्थिव शरीर दिल्ली कैंट पहुँचा

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भारत के पहले चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेंस स्टाफ़ (सीडीएस) बिपिन रावत का पार्थिव शरीर दिल्ली कैंट पहुँच गया है.
उनका पार्थिव शरीर उनके सरकारी आवास से दिल्ली कैंट पहुँचा है, जहाँ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.
रास्ते में बड़ी संख्या में लोगों ने बिपिन रावत को श्रद्धांजलि अर्पित की.
आठ दिसंबर को तमिलनाडु के कुन्नूर में हुई हेलिकॉप्टर दुर्घटना में सीडीएस बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत समेत 13 लोगों की मौत हो गई थी. इस हादसे में ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह बच गए थे, जिनका इलाज चल रहा है. उनकी स्थिति गंभीर लेकिन स्थिर बताई जा रही है.

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जनरल बिपिन रावत को श्रद्धांजलि देने के लिए शुक्रवार सुबह से ही उनके सरकारी आवास पर लोगों की भीड़ लगी रही. गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमन्ना, विदेश मंत्री एस जयशंकर, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी, मनसुख मंडाविया, सर्बानंद सोनोवाल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने श्रद्धांजलि दी. बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और किसान नेता राकेश टिकैत ने भी सीडीएस रावत को श्रद्धांजलि दी. दिल्ली कैंट में जनरल रावत और उनकी पत्नी का अंतिम संस्कार किया जाएगा.
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रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने कहा- यूक्रेन के पूरब में हो रही लड़ाई नरसंहार से कम नहीं

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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन पर अपना लहज़ा सख़्त करते हुए कहा है कि यूक्रेन के पूर्व में डोनबास में हो रही लड़ाई किसी नरसंहार की तरह है.
रूस के समर्थन वाले विद्रोही वहाँ 2014 से यूक्रेन के सैनिकों से लड़ रहे हैं. वहीं हाल में उसकी सीमा पर हज़ारों रूसी सैनिकों के जमा हो जाने से तनाव और बढ़ने लगा है.
ऐसी आशंका है कि रूस यूक्रेन पर आक्रमण करने की योजना बना रहा है. यूक्रेन के अधिकारियों का कहना है कि रूस जनवरी के अंत में सैनिक हमला कर सकता है.
हालांकि अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि अभी तक ये स्पष्ट नहीं है कि राष्ट्रपति पुतिन ने इसका फ़ैसला किया है या नहीं. वैसे रूस इस आशंका का लगातार खंडन कर रहा है.

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इमेज कैप्शन, रूस के समर्थन वाले विद्रोही डोनबास में 2014 से यूक्रेन के सैनिकों से लड़ रहे हैं. बाइडन ने की यूक्रेन के राष्ट्रपति से बातचीत
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने यूक्रेन के राष्ट्रपति के साथ भी बातचीत की. इसमें उन्होंने मंगलवार को व्लादिमीर पुतिन के साथ हुई बातचीत पर भी चर्चा की.
बाइडन-पुतिन के बीच वीडियो कॉल से हुई वार्ता को उस इलाक़े में तनाव कम करने का एक प्रयास माना गया है.
उससे पहले, अमेरिका और उसके सहयोगी देश (नेटो के सदस्य) रूस को चेतावनी दे चुके हैं कि अगर उसने यूक्रेन पर फिर से हमला किया तो उसे कड़े प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है.
हालाँकि रूस ने भी यूक्रेन पर उकसाने का आरोप लगाया है. उसने यूक्रेन से कहा है कि वो गारंटी दे कि पूर्व की ओर नेटो का विस्तार और रूस के क़रीब हथियारों की तैनाती न हो.
रंजन गोगोई ने राज्यसभा में कम उपस्थिति पर कहा- जब मर्ज़ी होती है, तब जाता हूँ

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भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और मौजूदा राज्य सभा सांसद रंजन गोगोई ने न्यूज़ चैनल एनडीटीवी को दिए एक इंटरव्यू में राज्य सभा में अपनी कम उपस्थिति पर स्पष्टीकरण दिया है.
इस इंटरव्यू में रंजन गोगोई ने कोविड – 19 महामारी को एक कारण बताते हुए कहा, “आप इस बात को नज़रअंदाज़ कर देते हैं कि एक या दो सत्रों पर मैंने राज्य सभा को पत्र लिखकर बताया है कि कोविड की वजह से मैं चिकित्सकीय सलाह पर सत्र में हिस्सा नहीं ले रहा हूं. मैं राज्य सभा जाता हूं जब मुझे लगता है कि मुझे जाना चाहिए. जब मुझे लगता है कि कुछ ऐसे अहम मुद्दे हैं जिन पर मुझे बोलना चाहिए."
उन्होंने कहा, "मैं एक मनोनीत सदस्य हूँ. मुझ पर किसी पार्टी का व्हिप काम नहीं करता है कि जब घंटी बजेगी तो पार्टी सदस्यों को सदन में हाज़िर होना होगा. मुझ पर ये बात लागू नहीं होती. मैं वहाँ जाता हूँ जब मेरी इच्छा होती है. और जब मेरी इच्छा होती है तब मैं वहाँ से बाहर आता हूँ. मैं सदन का एक स्वतंत्र सदस्य हूँ.”
इस इंटरव्यू में पूर्व मुख्य न्यायाधीश ने राज्यसभा में जाने से पहले आरटी-पीसीआर की प्रक्रिया और संसद के सीटिंग अरेंजमेंट को लेकर भी अपनी असहजता स्पष्ट की.
