धर्म के नाम पर हिंसा करने वालों को बख़्शा नहीं जाएगाः इमरान ख़ान

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कहा कि जिन लोगों ने धर्म के नाम पर सियालकोट में जुल्म किया है उन्हें बख्शा नहीं जाएगा.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि इस घटना ने न केवल पूरे देश को शर्मसार किया है बल्कि इससे देश की छवि भी धूमिल हुई है. उन्होंने यह भी कहा कि आज पाकिस्तान ने यह तय किया है कि ईशनिंदा के नाम पर श्रीलंकाई नागरिक के जैसी हत्या की घटनाओं को दोबारा नहीं होने देना चाहिए.
प्रियंथा दियावदाना की शोक सभा को संबोधित करते हुए इमरान ख़ान ने कहा कि जिन लोगों ने धर्म के नाम पर हिंसा भड़काई, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा.
श्रीलंकाई नागरिक प्रियंथा दियावदाना सियालकोट की एक फ़ैक्ट्री में बतौर मैनेजर काम करते थे. तीन दिसंबर को हिंसक भीड़ ने ईशनिंदा के आरोप में पीट-पीट कर उनकी हत्या की और बाद में उनके शरीर को आग लगा दिया.
पुलिस ने इस मामले में अब तक दो दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ़्तार किया है, जिसमें उस फ़ैक्ट्री के कर्मचारी और इलाके के लोग भी शामिल हैं.
इमरान ख़ान ने ये भी बताया कि सियालकोट के व्यापारी समुदाय के लोगों ने प्रियंथा के परिवार के लिए एक लाख डॉलर की रक़म इकट्ठा की है और जिस फ़ैक्ट्री में वो कार्यरत थे उसने उनके परिवार को आजीवन उनकी सैलरी देने का फ़ैसला लिया है.
इस दौरान पाक प्रधानमंत्री ने प्रियंथा को बचाने का प्रयास करने वाले मलिक अदनान की तारीफ़ करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि पूरा देश यह याद रखेगा कि कैसे उस शख़्स ने देर तक उन दरिंदों को रोकने का प्रयास किया.
इमरान ख़ान ने बताया कि मलिक अदनान को गणतंत्र दिवस 23 मार्च के अवसर पर तमग़ा-ए-शुजात से सम्मानित किया जाएगा.
तमग़ा-ए-शुजात पाकिस्तान में दिया जाने वाला चौथा सबसे बड़ा बहादुरी पुरस्कार है.

















