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तालिबान के प्रवक्ता ने कहा- अफ़गानिस्तान अब इस्लामिक अमीरात है
तालिबान के प्रवक्ता ने बीबीसी से कहा है कि अफ़गानिस्तान अब आधिकारिक तौर 'इस्लामिक अमीरात ऑफ़ अफ़गानिस्तान' बन गया है.
लाइव कवरेज
सिंधुवासिनी, अपूर्व कृष्ण and मोहम्मद शाहिद
वीडियो: जानिए, तालिबान की नई सरकार में कौन-कौन है
तालिबान के प्रवक्ता ने कहा- अफ़गानिस्तान अब इस्लामिक अमीरात है
तालिबान के प्रवक्ता ने बीबीसी से कहा है कि अफ़गानिस्तान अब आधिकारिक तौर 'इस्लामिक अमीरात ऑफ़ अफ़गानिस्तान' बन गया है.
तालिबान के प्रवक्ता अहमदुल्ला वसिक़ से जब यह पूछा गया कि सरकार में किसी महिला को शामिल न करके वो क्या संदेश देना चाहते हैं तो इसके जवाब में उन्होंने कहा कि कैबिनेट के सदस्यों का ऐलान अभी पूरा नहीं हुआ है.
मुल्ला हसन अखुंद की अगुआई वाली सरकार में मुल्ला याकूब रक्षा मंत्री और सिराज हक्कानी को गृह मंत्री का पद मिला है.
वियतनाम: कोरोना वायरस फैलाने के जुर्म में युवक को पाँच साल जेल की सज़ा
वियतनाम में एक शख़्स को कोविड-19 दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने और कोरोना वायरस फैलाने के आरोप में पाँच साल जेल की सज़ा सुनाई गई है.
वियतनाम की एक अदालत ने ले वान ट्री नाम के इस शख़्स को आठ लोगों को “ख़तरनाक संक्रामक बीमारी” से संक्रमित करने का दोषी पाया. इनमें से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी.
वियतनाम ने कोरोना की पहली लहर में महामारी को काबू करने में बेहतरीन सफलता पाई थी लेकिन दूसरी लहर में यह भी वायरस की चपेट में आ गया.
इस साल जून महीने में ज़्यादा ख़तरनाक डेल्टा वेरिएंट आने के बाद यहाँ संक्रमण मामलों में तेज़ी देखी गई. नतीजन, पाबंदियाँ भी बढ़ानी पड़ीं.
वियतनाम में अब तक कोरोना संक्रमण के 5,30,000 मामले सामने आए हैं और 13 हज़ार लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें से संक्रमण के कई मामले पिछले महीने ही दर्ज किए गए थे.
इनमें से कई मामले वियतनाम के हो ची मिन्ह शहर में देखे जा रहे हैं.
कैसे फैलाया वायरस?
जेल की सज़ा पाने वाले 28 वर्षीय ले वान जुलाई महीने में मोटरसाइकिल से हो ची मिन्ह शहर से होते हुए अपने गृहप्रांत का माऊ पहुँचे थे.
का माऊ में वान ने आइसोलेशन नियमों का पालन नहीं किया और हो ची मिन्ह से लौटने वाली बात भी अधिकारियों से छिपाई.
उस समय स्थानीय नियमानुसार बाहर से आने वाले किसी भी शख़्स को कम से कम 21 दिनों के लिए आइसोलेशन में रहना ज़रूरी था.
बाद में वान कोरोना पॉजिटिव पाए गए और यह भी पता चला कि उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों से लेकर एक वेलफ़ेयर स्टाफ़ के सदस्य को भी संक्रमित किया.
दोषी साबित होनी पर वान को पाँच साल जेल की सज़ा सुनाई गई. उन पर 880 डॉलर (लगभग 65 हज़ार रुपये) जुर्माना भी लगाया गया.
पेगासस मामलाः सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को जवाब के लिए दिया और समय, अगली सुनवाई 13 सितंबर को
सुप्रीम कोर्ट ने पेगासस मामले में दायर याचिकाओं पर जवाब देने के लिए केंद्र सरकार को और समय देते हुए मामले की अगली सुनवाई 13 सितंबर को रखी है.
मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश एनवी रमन्ना की अगुआई वाली तीन जजों की खंडपीठ ने 17 अगस्त को इस संबंध में केंद्र को नोटिस भेज उन याचिकाओं पर जवाब माँगा है जिनमें इस मामले की अदालत की निगरानी में जाँच करवाने की माँग की गई है.
जुलाई महीने में मीडिया में रिपोर्ट आई थी जिनमें कहा गया था कि केंद्र सरकार ने कथित तौर पर इसराइली स्पाईवेयर पेगासस के ज़रिए राजनेताओं, कार्यकर्ताओं और पत्रकारों की जासूसी करवाई.
मुख्य न्यायाधीश एनवी रमन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा था कि वो इस बारे में आगे फ़ैसला लेगी जिनमें सरकार का ये आग्रह भी शामिल है कि इस मामले की जाँच स्वतंत्र विशेषज्ञों की एक समिति से करवाई जाए.
सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को नोटिस भेजते हुए साथ ही कहा था कि वो सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी किसी सूचना को उजागर करने के लिए मजबूर नहीं करना चाहती मगर वो जानना चाहती है कि क्या आम लोगों की कथित निगरानी के लिए आदेश दिए गए थे.
सुप्रीम कोर्ट में पेगासस मामले पर 11 याचिकाएँ दायर की गई हैं.
ब्रेकिंग न्यूज़, तालिबान ने किया अंतरिम सरकार का ऐलान, अखुंद होंगे मुखिया
तालिबान ने अपनी अंतरिम कुछ अहम सदस्यों के नाम का ऐलान किया है. मुल्ला हसन अखुंद सरकार के मुखिया होंगे.
तालिबान के प्रवक्ता ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर इसकी जानकारी दी.
मुल्ला याकूब को तालिबान सरकार में रक्षा मंत्री बनाया गया है और सिराज हक्कानी को गृह मंत्री का पद मिला है.
वीडियो: करनाल में किसानों ने तोड़े बैरिकेड, पानी की बौछार
करनाल: किसानों ने पुलिस बैरिकेड तोड़कर किया लघु सचिवालय का घेराव
बीबीसी संवाददाता कमल सैनी के मुताबिक़ किसानों ने पुलिस बैरिकेड तोड़कर लघु सचिवालय का घेराव किया.
सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया लेकिन वो आगे बढ़ते गए.
किसान नेता राकेश टिकैत ने ट्वीट कर कहा कि हरियाणा सरकार पानी की बौछार से किसानों को नहीं दबा सकती.
इस बीच पत्थरबाजी की ख़बरें भी आईं.
इधर, हरियाणा की खाप पंचायतों ने भी किसानों से अपनी एकजुटता ज़ाहिर की है.
बीबीसी हिंदी का डिजिटल रेडियो बुलेटिन 'दिनभर'
अमेरिका ने कहा- हम तालिबान के संपर्क में, उन्होंने दिया भरोसा
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा है कि उनका मंत्रालय तालिबान के साथ काबुल से अतिरिक्त चार्टर उड़ानों के संचालन पर बात कर रहा है ताकि अफ़ग़ानिस्तान से निकलना चाह रहे लोगों की मदद की जा सके.
उन्होंने क़तर की राजधानी दोहा में मंगलवार को एक साझा प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा कि कुछ घंटे पहले तालिबान से संपर्क किया गया है.
ब्लिंकन ने बताया कि तालिबान ने उन्हें भरोसा दिया है कि वो यात्रा के लिए वाजिब दस्तावेज़ों के साथ देश छोड़ना चाह रहे लोगों को सुरक्षित जाने देने देगा.
उन्होंने कहा कि अमेरिका तालिबान से कहेगा कि वो अपने इस भरोसे को पूरा करे.
ब्लिंकन ने कहा कि अमेरिका को लगता है कि वहाँअभी उनके लगभग 100 नागरिक ऐसे हैं जो बाहर निकलना चाहते हैं.
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने इससे पहले अफ़ग़ानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी के बाद वहाँ रह गए अपने नागरिकों की संख्या 100 से 200 के बीच बताई थी.
राहुल गांधी ने किसान आंदोलन पर किया ट्वीट, पूछा- किस किस को रोकोगे?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर से कृषि क़ानूनों का विरोध कर रहे किसानों के समर्थन में एक ट्वीट किया है.
इसके एक दिन पहले भारतीय जनता पार्टी ने मुज़फ़्फ़रनगर में किसानों की महापंचायत को लेकर राहुल गांधी के एक ट्वीट में दिख रही एक तस्वीर को लेकर उनकी आलोचना की थी.
बीजेपी ने कहा था कि ये तस्वीर उस महापंचायत की नहीं थी. कांग्रेस ने जवाब में कहा कि राहुल गांधी ने कहीं ये दावा नहीं किया कि ये तस्वीर मुज़फ़्फ़रनगर की थी.
राजस्थान: पहलू ख़ान मॉब लिंचिंग मामले पर फिर क्यों हो रही चर्चा
मोहर सिंह मीणा
जयपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए
राजस्थान हाईकोर्ट ने पहलू ख़ान मॉब लिंचिंग और हत्या के मामले में अलवर एडीजे कोर्ट से बरी किए सभी छह लोगों को 10-10 हज़ार रुपये के ज़मानती वॉरंट से तलब किया है.
अलवर की एडीजे कोर्ट ने 14 अगस्त 2019 को छह लोगों को संदेह का लाभ देते हुए इस मामले से बरी कर दिया था.
राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आरपी सिंह और अधिवक्ता अलका भटनागर और इरशाद की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एनए नक़वी ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी लेकिन कोरोना महामारी के कारण डेढ़ साल तक इसकी सुनवाई नहीं हो सकी थी.
अब हाईकोर्ट में न्यायाधीश विजय विश्नोई और न्यायाधीश गोवर्धन बाढ़दार की खंडपीठ ने सोमवार को दोनों की अपील पर सुनवाई की है.
राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिवक्ता आरपी सिंह ने बीबीसी से बताया, "अधीनस्थ न्यायालय ने एक दर्शक की तरह इस मामले को देखा जबकि उच्चतम न्यायालय ने ज़ाहिरा शेख़ के मामले में यह व्यवस्था दी है कि एक न्यायाधीश को सत्य का खोजी होना चाहिए.”
उन्होंने कहा, “अभियोग पक्ष अगर कोई गड़बड़ी करे तो न्यायाधीश को सख़्ती से निपटना चाहिए. पहलू ख़ान मामले में भी अधीनस्थ न्यायालय ने तकनीकी ख़ामियों के कारण उन दोषी व्यक्तियों को भी बरी कर दिया, जिनकी तस्वीरें तक उपलब्ध थीं."
भीड़ की हिंसा में मारे गए थे पहलू ख़ान
पहलू ख़ान 1 अप्रैल 2017 को अपने दो बेटों के साथ जयपुर से दुधारू पशु ख़रीदकर हरियाणा स्थित अपने घर लौट रहे थे.
इस दौरान अलवर के बहरोड़ में कुछ लोगों ने उनकी गाड़ी रुकवाकर उनके और उनके बेटों के साथ मारपीट की.
घटना की सूचना पर पहुँची पुलिस ने पहलू ख़ान को अस्पताल में भर्ती कराया जहाँ तीन दिन बाद उनकी मौत हो गई.
मामला हाईकोर्ट में पहुँचने के बाद अब एक बार फिर यह मामला चर्चा में आ गया है.
ब्रेकिंग न्यूज़, करनाल: योगेंद्र यादव ने पहले किया पुलिस हिरासत में लिए जाने का दावा, फिर कहा- दबाव के कारण छोड़ा
किसान महापंचाय में हिस्सा ले रहे और स्वराज इंडिया के संस्थापक योगेंद्र यादव का कहना है कि करनाल पुलिस ने उन्हें, राकेश टिकैत और अन्य कई किसान नेताओं को हिरासत में ले लिया था.
हालाँकि इसके थोड़े ही देर बाद उन्होंने ट्वीट कर बताया कि किसानों के भारी दबाव और प्रदर्शन के कारण उन्हें पुलिस ने बस से उतार दिया.
योगेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पर बताया है कि बस से उतारे जाने के बाद अब सभी किसान नेता पैदल ही आगे बढ़ रहे हैं.
प्रशासन के साथ बातचीत असफल होने के बाद किसानों की भीड़ लघु सचिवालय की ओर बढ़ रही है.
करनाल: बातचीत विफल, लघु सचिवालय की ओर बढ़ रहे हैं किसान
बीबीसी संवाददाता कमल सैनी ने बताया है कि करनाल प्रशासन से बातचीत विफल होने के बाद किसानों की भीड़ अब लघु सचिवालय की तरफ़ बढ़ने लगी है.
किसानों की योजना लघु सचिवालय का घेराव करने की है.
प्रशासन ने शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए हैं.
बड़ी संख्या में सुरक्षाबल और रैपिड एक्शन फ़ोर्स तैनात किए गए हैं.
साथ ही प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए वॉटर कैनन और भीड़ पर नज़र रखने के लिए ड्रोन का इंतज़ाम भी किया गया है.
किसानों ने कहा है कि वो शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करेंगे और किसी भी तरह की हिंसा में शामिल नहीं होंगे.
ब्रेकिंग न्यूज़, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता गिरफ़्तार, 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में
आलोक प्रकाश पुतुल
रायपुर से बीबीसी हिन्दी के लिए
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंदकुमार बघेल को 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.
86 वर्षीय नंद कुमार बघेल पर लखनऊ में, ब्राह्मणों के खिलाफ कथित रुप से आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है.
उनके खिलाफ रविवार को रायपुर के एक थाने में ब्राह्मण समाज ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी.
इस मामले में गिरफ़्तारी के बाद आज रायपुर की एक स्थानीय अदालत में उन्हें पेश किया गया जहाँ उन्होंने ज़मानत लेने से इनकार कर दिया.
इसके बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.
इससे पहले पत्रकारों से बातचीत में नंद कुमार बघेल ने कहा-“मेरी आमने सामने की लड़ाई है. हम ज़मानत नहीं लेना चाहते हैं और जेल से डरते नहीं हैं.”
नंद कुमार बघेल के खिलाफ समुदायों के बीच शत्रुता, घृणा या वैमनस्य की भावना पैदा करने और सामाजिक तनाव बढ़ाने यके आरोप में भारतीय दंड संहिता की धारा 505 और 153 ए के तहत मामला दर्ज करने के बाद रविवार को ही पुलिस उनकी गिरफ़्तारी के लिए दिल्ली रवाना हो गई थी.
पिता के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा था कि हमारे राजनीतिक विचार एवं मान्यतायें भी बिल्कुल अलग अलग हैं.
उन्होंने कहा था,"एक पुत्र के रूप में मैं उनका सम्मान करता हूँ लेकिन एक मुख्यमंत्री के रूप में उनकी किसी भी ऐसी ग़लती को माफ नहीं किया जा सकता जो सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने वाली हो. मेरी सरकार में कोई भी कानून से ऊपर नहीं है फिर चाहे वो मुख्यमंत्री के 86 साल के पिता ही क्यों न हो."
भूपेश बघेल ने कहा था कि इस सम्बंध में पुलिस द्वारा विधिसम्मत कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी.
ब्रेकिंग न्यूज़, किसानों और प्रशासन की बैठक विफल, अगला फ़ैसला महापंचायत में
करनाल ज़िला प्रशासन ने किसान नेताओं से बातचीत की लेकिन इससे कोई हल नहीं निकल सका.
करनाल ज़िला प्रशासन ने 11 किसानों के प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए आमंत्रित किया था.
बीबीसी के सहयोगी पत्रकार सत सिंह के मुताबिक़ इस बैठक में राकेश टिकैत, गुरनाम सिंह चढूनी, जोगिंदर सिंह उगराहाँ, बलबीर सिंह राजेवाल और डॉक्टर दर्शन पाल भी मौजूद थे.
बीबीसी पंजाबी संवाददाता कमल सैनी के मुताबिक यह बैठक करीब ढाई घंटे तक चली लेकिन कोई हल नहीं निकल सका.
किसानों ने बताया कि उन्होंने करनाल प्रशासन के सामने अपनी सभी माँगें रखीं.
'सिर फोड़ने' का आदेश देने वाले अधिकारी पर कार्रवाई की माँग
किसानों की माँग थी कि किसानों का 'सिर फोड़ने का' आदेश देने वाले आईएएस अधिकारी आयुष सिन्हा के ख़िलाफ़ कोई और कार्रवाई नहीं होती है तो कम से कम उन्हें सस्पेंड किया जाए, लेकिन प्रशासन इस पर राज़ी नहीं हुआ.
अब किसान अपने अगले कदम का फ़ैसला महापंचायत में ही करेंगे.
वहीं, अधिकारियों ने कहा कि इस बैठक के बारे में ज़्यादा जानकारी बाद में साझा की जाएगी.
किसान 28 अगस्त को करनाल में किसानों पर हुए लाठीचार्ज मामले में कार्रवाई की माँग कर रहे हैं.
इस लाठीचार्ज में 10 से ज़्यादा किसान घायल हुए थे और एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई थी.
लाठीचार्ज से पहले करनाल के तत्कालीन जिलाधिकारी आयुष सिन्हा का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वो पुलिस को किसानों का सिर फोड़ने का आदेश दे रहे थे.
इसे लेकर काफ़ी विवाद हुआ था और बाद में आईएएस अधिकारी का तबादला कर दिया गया था.
इस बीच करनाल में सुरक्षा के इंतज़ाम और बढ़ा दिए गए हैं. किसानों ने यहाँ लघु सचिवालय का घेराव करने की योजना बनाई है.
करनाल: प्रशासन ने चेताया- लाठी और लोहे की रॉड लेकर पहुँचे कुछ लोग, क़ानून हाथ में न लें
करनाल ज़िला प्रशासन का कहना है कि उन्हें कुछ ऐसी ख़ुफ़िया रिपोर्ट्स मिली हैं कि किसानों की महापंचायत में कुछ लोग लाठी और लोहे की रॉड जैसे हथियार लेकर शामिल हुए हैं.
प्रशासन और पुलिस ने चेताया है कि ऐसे लोग क़ानून अपने हाथ में न लें वरना शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उचित कार्रवाई की जाएगी.
ज़िला प्रशासन के मुताबिक़, “हमने और पुलिस ने किसान नेताओं से इस बारे में बात की है और उन्होंने ऐसे लोगों से जाने के लिए कहा लेकिन वो अपने नेताओं की बात नहीं सुन रहे हैं. ऐसे सभी लोगों पर क़ानून के मुताबिक़ एक्शन लिया जाएगा.”
'हिंसा में शामिल नहीं होंगे किसान'
वहीं, हरियाणा भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा है कि किसान प्रदर्शन के दौरान किसी भी तरह की हिंसा में शामिल नहीं होंगे.
उन्होंने कहा, “अगर यहाँ मौजूद किसी भी शख़्स के पास हथियार है तो वो हममें से एक नहीं है. ये हमारे शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बदनाम करने की साज़िश हो सकती है.''
चढूनी ने कहा, "हम किसी भी तरह की हिंसा में शामिल नहीं होंगे और तब तक प्रदर्शन करते रहेंगे जब तक हमारी माँगें पूरी नहीं हो जातीं.”
गिलानी का शव पाकिस्तान के झंडे में लपेटना चाहते थे रिश्तेदार, आरोपों के बाद बोली पुलिस
जम्मू और कश्मीर के अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के जबरन अंतिम संस्कार किए जाने पर अब जम्मू और कश्मीर पुलिस ने अपना बयान जारी किया है.
पुलिस ने कई ट्वीट करके बताया है कि गिलानी का अंतिम संस्कार रज़ामंदी के साथ हुआ था.
कश्मीर ज़ोन पुलिस के ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया है, “सैयद अली शाह गिलानी के निधन के बाद आईजी पुलिस कश्मीर विजय कुमार, एसपी और एएसपी के साथ उनके घर पर रात 11 बजे उनके बेटों से मिले. उन्होंने शोक व्यक्त किया और जनता के हित और क़ानून-व्यवस्था की स्थित को देखते हुए उनसे रात में ही शव दफ़नाने का निवेदन किया.”
“दोनों सहमत थे और उन्होंने रिश्तेदारों के आने के लिए दो घंटे का इंतज़ार करने को कहा. आईजी पुलिस कश्मीर ने व्यक्तिगत रूप से कुछ रिश्तेदारों से बात की और उनको सुरक्षित रास्ता दिलाने का भरोसा दिलाया. हालांकि, तक़रीबन 3 घंटे के बाद पाकिस्तान और शरारती तत्वों के दबाव में वे अलग तरह से व्यवहार करने लगे और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों का सहारा लेने लगे जिसमें शव को पाकिस्तान के झंडे में लपेटना, पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाना और पड़ोसियों को बाहर निकलने के लिए उकसाना शामिल है.”
“समझाने बुझाने के बाद रिश्तेदार शव को क़ब्रिस्तान लेकर गए और इंतज़ामिया कमिटी के सदस्यों और स्थानीय इमाम की मौजूदगी में सम्मानित तरीक़े से अंतिम क्रियाएं की गईं. दोनों बेटों का क़ब्रिस्तान न आना पाकिस्तानी एजेंडे को लेकर उनकी ईमानदारी को दिखाता है, न कि उनके दिवंगत पिता के प्रति प्यार और सम्मान.”
कश्मीर ज़ोन पुलिस ने इसके अलावा गिलानी की अंतिम क्रियाओं के वीडियो भी ट्वीट किए हैं जिसमें शव को नहलाया और फिर उसके बाद दफ़नाया जा रहा है.
वहीं, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ट्वीट करके जानकारी दी है कि जम्मू और कश्मीर में इंटरनेट समेत कई प्रतिबंधों में ढील दी गई है और दोनों ही क्षेत्रों में हालात सामान्य हैं लेकिन उनकी नज़र बनी हुई है.
मुसलमानों के पूर्वज एक हैं तो बीजेपी सौतेला रवैया क्यों अपनाती है: मायावती
बीएसपी के प्रबुद्ध वर्ग विचार कार्यक्रम में मंगलवार को लखनऊ में पार्टी प्रमुख मायावती ने चुनावी तैयारियों पर बात की और विरोधी दलों पर निशाना साधा.
उन्होंने इस दौरान आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के एक बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर हिंदुओं और मुसलमानों के पूर्वज एक ही थे तो बीजेपी मुसलमानों से सौतेला व्यवहार क्यों करती है.
उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कहा, “आरएसएस प्रमुख ने कहा है कि हिंदू और मुसलमानों के पूर्वज एक ही हैं. हिंदुओं और मुसलमानों के पूर्वज एक ही हैं तो बीजेपी मुसलमानों के साथ सौतेला रवैया क्यों अपनाती है.”
उन्होंने सपा और कांग्रेस को भी न बख़्शते हुए कहा कि ‘मुसलमानों को तबाह और बर्बाद करने के मामले में सपा और कांग्रेस भी कम नहीं रही हैं. पश्चिमी यूपी में मेरठ का मलियाना और मुज़फ़्फ़रनगर कांड मुसलमानों को नहीं भूलना चाहिए.’
Live: हरियाणा के करनाल में किसानों की महापंचायत