तालिबान से न्योते के सवाल पर चीन की चुप्पी, कहा- बताने के लिए कुछ नहीं है

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि तालिबान ने अफ़गानिस्तान में नई सरकार के गठन के कार्यक्रम में चीन, पाकिस्तान, रूस, तुर्की, ईरान और क़तर को शामिल होने के लिए निमंत्रण दिया है.

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  3. तालिबान से न्योते के सवाल पर चीन की चुप्पी, कहा- बताने के लिए कुछ नहीं है

    चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता

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    चीनी विदेश मंत्रालय ने उन मीडिया रिपोर्ट्स पर कोई जवाब नहीं दिया जिनमें दावा किया जा रहा है कि तालिबान ने नई सरकार बनाने के कार्यक्रम में चीन को न्योता दिया है.

    कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि तालिबान ने अफ़गानिस्तान में नई सरकार के गठन के कार्यक्रम में चीन, पाकिस्तान, रूस, तुर्की, ईरान और क़तर को शामिल होने के लिए निमंत्रण दिया है.

    चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने सोमवार को जब इस बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, “अभी मुझे आपको इस बारे में जानकारी देने के लिए कुछ नहीं है.”

    वेंगबिन ने फिर दुहराया कि चीन अफ़गानिस्तान में एक समावेशी और उदार मूल्यों वाली सरकार की समर्थन करता है.

    अफ़गानिस्तान पर क़ब्ज़े के कुछ समय बाद ही चीन ने तालिबान के साथ ‘दोस्ताना रिश्ते’ विकसित करने की इच्छा जताई थी.

    तालिबान के नेता

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    तालिबान की सरकार बनने में हो रही है देरी

    चीन, पाकिस्तान और रूस के दूतावास काबुल में अब भी सक्रिय हैं. चीन अफ़गानिस्तान की पंजशीर घाटी में जारी हालात पर भी नज़र बनाए हुए है.

    माना जा रहा है कि पंजशीर इलाक़े में तालिबान के ख़िलाफ़ विरोध और अस्थिरता भी सरकार बनने में देरी के पीछे एक वजह है.

    हालाँकि तालिबान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक बार फिर दावा किया है कि पंजशीर पर उनका क़ब्ज़ा हो गया है लेकिन नॉर्दन एलायंस इन दावों को अब भी ख़ारिज़ कर रहा है.

    अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान की नई सरकार का नया रूप पिछले हफ़्ते ही दुनिया के सामने आने वाला था. लेकिन अब बताया जा रहा है कि सरकार बनाने में तालिबान को कुछ वक़्त और लगेगा.

    नई सरकार के गठन को लेकर तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद से सोमवार को हुई प्रेस कॉन्फ़्रेंस में सवाल भी पूछा गया, लेकिन उनकी तरफ़ से कोई ठोस जवाब नहीं आया.

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  5. पाकिस्तानी क्रिकेट टीम को झटका, मिस्बाह-उल-हक़ और वक़ार यूनुस का इस्तीफ़ा

    मिस्बाह-उल-हक़

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    आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप से एक महीने पहले पाकिस्तानी क्रिकेट टीम को झटका लगा है.

    टीम के प्रमुख कोच मिस्बाह-उल-हक़ और बॉलिंग कोच वक़ार यूनुस ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.

    पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने एक विज्ञप्ति जारी करते हुए यह जानकारी दी और बताया कि उनकी जगह सकलैन मुश्ताक़ और अब्दुल रज्ज़ाक को आंतरिम कोच बनाया गया है.

    मिस्बाह-उल-हक़ और वक़ार यूनुस को सितंबर 2019 में कोच नियुक्त किया गया था. दोनों का कॉन्ट्रैक्ट पूरा होने में अभी एक साल की वक़्त बाकी था.

    पीसीबी ने अपनी विज्ञप्ति में कहा है कि दोनों ने अपने फ़ैसले की जानकारी सोमवार सुबह ही दी.

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    क्यों दिया इस्तीफ़ा?

    मिस्बाह और वक़ार ने अपने इस्तीफ़े के पीछे काम के बोझ, परिवार से दूरी और लंबे समय तक बायो बबल में रहने को वजह बताया है.

    हालाँकि दोनों का यह फ़ैसला ऐसे समय में सामने आया है जब पूर्व टेस्ट कैप्टन रमीज़ राजा को पीसीबी का नया चेयरपर्सन बनाए जाने की चर्चा है.

    रमीज़ राजा ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा था कि उन्हें नहीं लगता कि मिस्बाह और वक़ार पाकिस्तानी टीम के लिए सबसे अच्छे कोच हैं.

    न्यूज़ीलैंड की टीम 11 सितंबर से पाकिस्तान के दौरे पर आने वाली है. यहाँ टीम तीन वनडे और पाँच टी-20 मैच खेलेगी.

    वक़ार युनूस

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  6. क्या पंजशीर में तालिबान जीत गया है?

  7. हरियाणा: करनाल में किसानों की महापंचायत से पहले धारा-144, ड्रोन और वॉटर कैनन तैयार

    किसान

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    हरियाणा के करनाल में किसानों की महापंचायत और लघु सचिवालय के घेराव की चेतावनी से पहले वहाँ भीड़ को प्रतिबंधित करने वाली धारा-144 लागू कर दी गई है.

    ज़िला प्रशासन ने यहाँ एक साथ पाँच या उससे अधिक लोगों के जुटने पर रोक लगा दी है और साथ ही रास्तों में बदलाव करते हुए ट्रैफ़िक एडवाइज़री जारी की गई है.

    करनाल के जिलाधिकारी निशांत यादव ने कहा, “कल किसान मंडी में महापंचायत बुलाई गई है. मैं लोगों से अपील करना चाहता हूं कि कल के दिन अगर ज़रूरी न हो तो राष्ट्रीय राजमार्ग-44(करनाल की सीमा) में यात्रा करने से बचें. हम सचिवालय और हाइवे को जाम नहीं होने देंगे.”

    हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने कहा, “सभी को अपनी बात कहने और प्रदर्शन का अधिकार है.कल किसान भी कर रहे हैं तो करें लेकिन शांतिपूर्वक करें.”

    उन्होंने कहा, “हमने सारे इंतज़ाम किए हैं.लोगों की सुविधा के लिए कुछ रास्ते बदले भी हैं.मैंने एडीजीपी (कानून व्यवस्था) को ख़ुद वहां रहने का आदेश दिया है.”

    करनाल पुलिस अधीक्षक गंगाराम पुनिया ने बताया कि महापंचायत के मद्देनज़र सुरक्षाबलों की 40 कंपनियां तैनात की गई हैं, जिनमें से 10 कंपनियां सीआरपीएफ़की हैं.

    इसके अलावा पाँच पुलिस अधीक्षक और 25 के आसपास डीएसपीस्तर के अधिकारी भी तैनात हैं.

    उन्होंने कहा, ''हालात काबू में बनाए रखने के लिहाज़ से पुलिस ने वॉटर कैनन और ड्रोन की व्यवस्था भी की है. पुनिया ने कहा कि शांति-व्यवस्था में भंग डालने वालों से सख़्ती से निबटा जाएगा.

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    करनाल में किसानों पर हुआ था लाठीचार्ज

    केंद्र सरकार के कृषि क़ानूनों के विरोध की अगुआई कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने धमकी दी है कि अगर उनकी माँगें पूरी नहीं हुईं तो वो 7 सितंबर, मंगलवार को करनाल के लघु सचिवालय का घेराव करेंगे.

    प्रशासन से बातचीत के सवाल पर हरियाणा भारतीय किसान यूनियन के प्रमुख चढ़ूनी ने कहा कि प्रशासन ने बात करने के लिए बुलाया था लेकिन हल नहीं निकला है.

    उन्होंने बताया, "हमने कहा है कि हम पंचायत करेंगे और उसके बाद हमारा सचिवालय के घेराव का कार्यक्रम है.प्रशासन ने कहा है कि हम रोकेंगे.”

    इससे पहले हरियाणा पुलिस ने 28 अगस्त को करनाल में विरोध प्रदर्शन कर रहे कुछ किसानों पर लाठीचार्ज किया था जिसमें 10 से ज़्यादा प्रदर्शनकारी घायल हो गए थे.

    इस लाठीचार्ज में घायल एक किसान की मौत भी हो गई थी.

    गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने लाठीचार्ज में शामिल सभी लोगों के ख़िलाफ़ केस दर्ज किए जाने और मृत किसान के परिजनों को 25 लाख रुपये मुआवज़ा देने की माँग की थी.

    हालाँकि प्रशासन का दावा है कि किसान की मौत लाठीचार्ज की चोट की वजह से नहीं बल्कि दिल का दौरा पड़ने से हुई.

    उस समय करनाल के तत्कालीन जिलाधिकारी आयुष सिन्हा का एक वीडियो भी वायरल हुआ था जिसमें वो पुलिसकर्मियों को किसानों का ‘सिर फोड़ने’ का आदेश दे रहे थे.

    संयुक्त किसान मोर्चा ने सिन्हा पर हत्या का मामला दर्ज किए जाने की माँग की थी. विरोध बढ़ता देखकर बाद में आईएएस आयुष सिन्हा का तबादला कर दिया गया था.

  8. राहुल गांधी 'राजनीतिक कोयल’-बोली बीजेपी, लगाया पुरानी तस्वीर ट्वीट करने का आरोप

    राहुल गांधी

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    भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा प्रहार करते हुए उन्हें 'राजनीतिक कोयल' बताया है.

    कांग्रेस प्रवक्ता संबित पात्रा ने एक संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि जिस तरह से कोयल अपना घोंसला नहीं बनाती और दूसरे पक्षियों के बने बनाए घोंसलों में जाकर आराम करती है.

    बीजेपी ने राहुल गांधी पर किसान आंदोलन को समर्थन देने को लेकर तंज किया है.

    पात्रा ने कहा, “अपने संगठन को आगे नहीं बढ़ाना, अपने संगठन को अध्यक्ष विहीन रखना, परिश्रम नहीं करना और दूसरे के कंधों पर बंदूक रखकर चलाने का प्रयास करना राहुल गांधी जी की आदत बन चुकी है.

    बीजेपी प्रवक्ता ने राहुल गांधी पर रविवार को यूपी के मुज़फ़्फ़रनगर में किसानों की महापंचायत के बारे में ट्वीट करते हुए एक पुरानी तस्वीर ट्वीट करने का आरोप लगाया.

    संबित पात्रा ने कहा, ”देश में जब भी भ्रम की, झूठ की राजनीति होती है, तो राहुल गांधी जी का हाथ होता ही है. आज राहुल गांधी जी ने किसान आंदोलन की पुरानी तस्वीर को ट्वीट कर उसे वर्तमान का फोटो बताया है.

    ”राहुल गांधी भली-भांति जानते हैं कि कांग्रेस अध्यक्षविहीन है, इसलिए कांग्रेस जमीन पर किसी भी विषय को उठाने के लिए असमर्थ है. इसलिए ये झूठे फोटो के माध्यम से राजनीति करने की कोशिश करते हैं.”

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  9. तालिबान विरोधी गुट के नेता मसूद का 'विद्रोह' का आह्वान, कहा- हम अभी पंजशीर में हैं

    तालिबान विरोधी गुट नेशनल रेसिस्टेंस फ़्रंट (NRF) के प्रमुख नेता अहमद मसूद ने सोशल मीडिया पर जारी किए गए ऑडियो मैसेज में तालिबान के ख़िलाफ़ 'राष्ट्रीय विद्रोह' का आह्वान किया है.

    उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, “हम पंजशीर में हैं और हमारा विरोध जारी रहेगा.”

    मसूद ने थोड़ी देर पहले फ़ेसबुक पर तकरीबन सात मिनट का ऑडियो मैसेज पोस्ट करते हुए लिखा है, “ताकत यही है- अपने धर्म, अपने सम्मान और अपने देश के लिए लड़ना. इससे ज़्यादा सम्मानजनक कुछ और नहीं है.''

    ''बल्ख़ ले से लेकर पंजशीर तक, मेरा परिवार आवाज़ उठा रहा है. तालिबान हमारे परिजनों की हत्या के लिए निकल चुके हैं. वो पंजशीर में हर दरवाजे पर जा रहे है.”

    उन्होंने कहा कि तालिबान के लड़ाके मौलवियों की अपील को नज़रअंदाज़ करते हुए एनआरएफ़ के लोगों पर हमला कर रहे हैं.

    मसूद ने यह भी बताया कि रविवार को उनके अपने परिवार के कुछ सदस्यों की हत्या कर दी गई.

    इस रिकॉर्डिंग में मसूद ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर तालिबान को वैधता देने के साथ-साथ उन्हें सैन्य और राजनीतिक समर्थन देने का दोषी ठहराया.

    उन्होंने कहा कि रेसिस्टेंस फ़ोर्स अब भी पंजशीर में मौजूद है और अपनी लड़ाई जारी रखेगी. वहीं, तालिबान का दावा है कि उन्होंने पंजशीर पर भी कब्ज़ा कर लिया है.

    मसूद

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    हमले रुकने पर लड़ाई बंद करने को भी तैयार

    इससे पहले मसूद ने कहा था कि उन्होंने एक योजना का समर्थन किया है जिसे धार्मिक नेताओं ने आगे बढ़ाया है जो कि एक समझौते के लिए है.

    मसूद ने तालिबान से संघर्ष ख़त्म करने को कहा था.

    एक फ़ेसबुक पोस्ट में मसूद ने कहा था कि वो लड़ाई रोकने को तैयार हैं, अगर तालिबान हमले बंद कर दे.

    32 वर्षीय मसूद ने लंदन के किंग्स कॉलेज से पढ़ाई की है और वो सैंडहर्स्ट मिलिट्री ऐकेडमी से ग्रैजुएट हैं.

    मसूद के पिता अहमद शाह मसूद को ‘पंजशीर का शेर’ नाम से जाना जाता था. उन्होंने 1980 में सोवियत के हमले का विरोध किया था 1990 में तालिबान से लोहा लिया था.

    साल 2001 में अमेरिका पर हुए आतंकी हमले से ठीक दो दिन पहले 48 साल की उम्र में उनकी हत्या कर दी गई थी.

  10. ब्रेकिंग न्यूज़, पाकिस्तान की आईएसआई के प्रमुख मुल्ला बरादर से मिले, तालिबान ने की पुष्टि

    आईएसआई महानिदेशक लेफ़्टिनेंट जनरल फ़ैज़ हमीद और मुल्ला अब्दुल ग़नी बरादर

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    तालिबान ने इस बात की पुष्टि की है कि पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई के प्रमुख ने अपने काबुल दौरे में तालिबान नेता मुल्ला अब्दुल ग़नी बरादर के साथ मुलाक़ात की थी.

    आईएसआई महानिदेशक लेफ़्टिनेंट जनरल फ़ैज़ हमीद पिछले दिनों काबुल के एक अघोषित दौरे पर गए थे.

    काबुल पर पिछले महीने तालिबान के क़ब्ज़े के बाद से किसी विदेशी अधिकारी का ये पहला काबुल दौरा था.

    सोमवार को तालिबान प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात की पुष्टि की कि अपने दौरे में आईएसआई प्रमुख ने मुल्ला बरादर से मुलाक़ात की.

    तालिबान प्रवक्ता ने इस बारे में और जानकारी देते हुए कहा, "पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल ने डूरंड लाइन की सुरक्षा और जेलों से क़ैदियों के भागने को लेकर चिंता जताई जो पाकिस्तान में आतंकवाद फैला सकते हैं.

    हमने उनको भरोसा दिया कि हम अफ़ग़ानिस्तान से पाकिस्तान के ख़िलाफ़ किसी भी कार्रवाई की इज़ाज़त नहीं देंगे."

    "पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल ने हमें एयरपोर्ट को चलाने के लिए मदद की भी पेशकश की, मगर हमने उनसे कहा कि हम आपकी पेशकश की क़द्र करते हैं मगर पहले हमें अपना सिस्टम बनाने दें."

    इससे पहले पाकिस्तानी मीडिया में ऐसी ख़बर आई थी कि आईएसआई प्रमुख की अगुआई में पाकिस्तान का एक दल तालिबान के न्यौते पर काबुल पहुँचा है.

    मगर तालिबान ने कहा कि इस दौरे का प्रस्ताव पाकिस्तान ने रखा था.

    इससे पहले पिछले सप्ताह सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा था जिसमें आईएसआई प्रमुख हमीद एक पत्रकार के प्रश्नों का उत्तर देते दिखते हैं.

    जब उनसे पूछा गया कि क्या वो तालिबान के नेताओं से मिलेंगे तो उन्होंने कहा- "नहीं, अभी मुझे स्पष्ट नहीं है"...ये कहकर वो साथ खड़े काबुल में पाकिस्तान के राजदूत मंसूर अहमद ख़ान की ओर देखते हैं

    एक और प्रश्न के जवाब में वो कहते हैं- "चिंता ना करें, सब ठीक हो जाएगा."

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  11. झारखंड विधानसभा में नमाज़ के कमरे से नाराज़ बीजेपी विधायक, सदन में जय श्री राम के नारे

    रविवार को बीजेपी ने राज्य में कई जगहों पर प्रदर्शन किए

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    झारखंड में विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने नमाज़ पढ़ने के लिए एक अलग कमरा आवंटित किए जाने के विरोध में सोमवार को सदन में जमकर हंगामा किया.

    सत्र शुरू होने से पहले ही बीजेपी विधायक विधानसभा के प्रवेशद्वार की सीढ़ियों पर बैठ गए और हाथों में तख्तियाँ लिए हनुमान चालीसा और "हरे रामा" का जाप करने लगे.

    कार्यवाही शुरू होने पर बीजेपी विधायक दीर्घा में आ गए और "जय श्री राम" के नारे लगाने लगे.

    बीजेपी कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे को लेकर रविवार को राज्यव्यापी प्रदर्शन किया था और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तथा स्पीकर रवींद्र नाथ महतो के पुतले जलाए.

    स्पीकर महतो ने विधासभा में एक कमरे को नमाज़ पढ़ने के लिए आवंटित कर दिया था जिसे लेकर बीजेपी आपत्ति कर रही है.

    वो माँग कर रहे हैं कि इसी तरह से वहाँ हनुमान जी का भी एक मंदिर बनाया जाए तथा अन्य धर्मों के लोगों के लिए भी उपासना स्थल बनाए जाएँ.

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  12. योगी सरकार पर बोल फँसे यूपी के पूर्व राज्यपाल क़ुरैशी, राजद्रोह का मामला दर्ज

    अज़ीज़ क़ुरैशी

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    उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल अज़ीज़ क़ुरैशी पर राज्य की योगी सरकार के बारे में कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी के लिए देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार उत्तर प्रदेश की पुलिस ने सोमवार को जानकारी दी कि बीजेपी के एक नेता आकाश कुमार सक्सेना की शिकायत पर रामपुर ज़िले के एक थाने में रविवार को क़ुरैशी के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज किया गया.

    बीजेपी नेता ने आरोप लगाया है कि क़ुरैशी ने समाजवादी पार्टी नेता आज़म ख़ान और उनकी पत्नी ताज़ीन फ़ातिमा से मुलाक़ात के बाद योगी आदित्यनाथ सरकार के विरूद्ध अपमानजक टिप्पणी की और इसे “ख़ून चूसनेवाला दानव“ बताया.

    शिकायत में कहा गया कि "ये बयान दो समुदायों के बीच तनाव पैदा कर सकता है और समाज में अशांति फैला सकता है."

    अज़ीज़ कुरैशी ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा है कि उनके शब्दों को उन्हें राजनीतिक नुक़सान पहुँचाने और जनता को गुमराह करने के लिए ग़लत तरीक़े से पेश किया जा रहा है.

    क़ुरैशी ने कहा, "मैंने कहा था कि आज जितनी क्रूरता हो रही है वैसी पहले नहीं हुई. मैंने किसी के ख़िलाफ़ कुछ नहीं कहा था."

    81 वर्षीय क़ुरैशी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं और 2014 से 2015 तक मिज़ोरम के राज्यपाल रह चुके हैं.

    वो कुछ समय तक उत्तर प्रदेश के भी राज्यपाल रह चुके हैं.

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  13. मोदी बोले- भारत में रोज़ जितने टीके लग रहे, उतनी कई देशों की आबादी भी नहीं

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत में आज एक दिन में कोरोना की जितनी वैक्सीन दी जा रही है उतनी कई देशों की आबादी भी नहीं है.

    प्रधानमंत्री मोदी ने हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्यकर्मियों और टीका लेने वालों के साथ एक वार्तालाप में भारत के टीकाकरण अभियान की सराहना की.

    उन्होंने कहा,"भारत आज एक दिन में सवा करोड़ टीके लगाकर रिकॉर्ड बना रहा है। जितने टीके भारत आज एक दिन में लगा रहा है, वो कई देशों की पूरी आबादी से भी ज्यादा है. भारत के टीकाकरण अभियान की सफलता, प्रत्येक भारतवासी के परिश्रम और पराक्रम की पराकाष्ठा का परिणाम है."

    प्रधानमंत्री ने हिमाचल प्रदेश की तारीफ़ करते हुए उसे कोरोना के ख़िलाफ़ लड़ाई में एक चैंपियन बताया.

    उन्होंने कहा,"100 वर्ष की सबसे बड़ी महामारी के विरुद्ध लड़ाई में हिमाचल प्रदेश, चैंपियन बनकर सामने आया है. हिमाचल भारत का पहला राज्य बना है, जिसने अपनी पूरी टीका लेने योग्य आबादी को कोरोना टीके की कम से कम एक डोज़ लगा ली है."

    उन्होंने कहा कि सिक्किम, दादरा और नगर हवेली भी इस लक्ष्य को पूरा कर चुके हैं.

    प्रधानमंत्री ने कहा,"हिमाचल के बाद सिक्किम, दादरा और नगर हवेली ने 100% आबादी को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज़ लगाया है."

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  14. लीबिया के पूर्व शासक गद्दाफ़ी के बेटे को सात साल बाद किया गया रिहा

    सादी गद्दाफ़ी लीबिया स्पेशल फ़ॉर्सेज़ के कमांडर थे

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    इमेज कैप्शन, सादी गद्दाफ़ी लीबिया स्पेशल फ़ॉर्सेज़ के कमांडर थे

    लीबिया के पूर्व शासक मुअम्मर गद्दाफ़ी के तीसरे बेटे को राजधानी त्रिपोली की जेल से रिहा कर दिया गया है. वो वहां पर 2014 से क़ैद थे.

    सादी गद्दाफ़ी लीबिया स्पेशल फ़ॉर्सेज़ के कमांडर थे लेकिन उन्होंने इटली में एक प्रोफ़ेशनल फ़ुटबॉल खिलाड़ी के तौर पर भी अपना करियर बनाने की कोशिश की थी जिसको लेकर उनकी चर्चा रही थी.

    साल 2011 में जब उनके पिता को सत्ता से हटाने के बाद मार दिया गया तो वो नीज़ेर भाग गए थे लेकिन उनको वहां से लीबिया प्रत्यर्पित किया गया था. वो हत्या समेत कई अपराध के मामलों में दोषी नहीं पाए गए थे.

    रिहाई के तुरंत बाद सादी गद्दाफ़ी ने एक प्राइवेट जेट लिया और वो इस्तांबुल के लिए उड़ गए.

    लीबिया की नेशनल यूनिटी सरकार ने एक बयान में कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि उनकी रिहाई से एक राष्ट्रीय सामंजस्य में मदद मिलेगी.

    लीबियाई नेता गद्दाफ़ी के आठ बच्चे थे और उनमें से ज़्यादातर ने उनके शासन में बड़ी भूमिका निभाई थी.

    उनके बेटे मुतस्सिम को भी 2011 में उनके पिता के समय ही मार डाला गया था.

    दो और बेटे विद्रोह के शुरूआती दौर में ही मारे गए थे.

    गद्दाफ़ी के उत्तराधिकारी माने जाने वाले उनके बेटे सैफ़-अल-इस्लाम 2017 में रिहा किए जाने के बाद से लीबिया में ही रह रहे हैं.

    एक और बेटे के बारे में कहा जाता है कि उन्हें लेबनान में पकड़ा गया है.

  15. तालिबान बोला- सुप्रीम लीडर हिब्तुल्लाह अख़ुंदज़ादा ज़िंदा हैं और जल्द सामने आएंगे

    हिब्तुल्लाह अख़ुंदज़ादा

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    तालिबान ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस करके बताया है कि उनके शीर्ष नेता हिब्तुल्लाह अख़ुंदज़ादा ज़िंदा हैं और ‘जल्द ही सार्वजनिक रूप से नज़र आएंगे.’

    ये लगातार सवाल उठ रहे थे कि तालिबान के शीर्ष नेता कहां पर हैं और वो सार्वजनिक रूप से अब तक सामने क्यों नहीं आए हैं.

    मई 2016 में अख़ुंदज़ादा तालिबान के सुप्रीम कमांडर बने थे. माना जाता है कि उनकी उम्र 60 के पार है और उन्होंने अपना अधिकतर जीवन अफ़ग़ानिस्तान में ही बिताया है.

    हालांकि, विश्लेषकों का कहना है कि अफ़ग़ान तालिबान नेताओं की तथाकथित ‘क्वेटा शूरा’ से उनके क़रीबी संबंध बने हुए हैं जो कि पाकिस्तान के क्वेटा शहर में स्थित है.

    तालिबान के सुप्रीम कमांडर होने के नाते अख़ुंदज़ादा राजनीतिक, सैन्य और धार्मिक मामलों के इंचार्ज हैं.

    ‘महिलाएं समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं’

    महिलाएं

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    तालिबान के महिलाओं के प्रति व्यवहार को लेकर प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद से एक बार फिर सवाल किया गया तो उन्होंने पहले की तरह दोहराया कि शरीया या इस्लामी क़ानून के तहत महिला अधिकारों का सम्मान किया जाएगा.

    उन्होंने कहा, “महिलाएं हमारे समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं.”

    तालिबान के इस दावे के बावजूद अफ़ग़ानिस्तान में महिलाओं के उत्पीड़न की बढ़ती रिपोर्ट सामने आ रही हैं.

    रविवार को चश्मदीदों ने बीबीसी को बताया था कि तालिबान लड़ाकों ने घोर प्रांत में एक महिला पुलिसकर्मी को गोली मार दी थी.

  16. अफ़ग़ानिस्तान में नई सरकार कब तक? क्या बोले इस पर तालिबान प्रवक्ता

    तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने सोमवार को काबुल में प्रेस कॉन्फ़्रेंस की

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    इमेज कैप्शन, तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने सोमवार को काबुल में प्रेस कॉन्फ़्रेंस की

    अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान की सरकार का गठन कब होगा? इस सवाल पर तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद सोमवार को हुई प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कोई ठोस जवाब नहीं दे पाए.

    उन्होंने बार-बार बस यही वादा दोहराया कि यह एक ‘समावेशी’ सरकार होगी लेकिन उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि वो इससे अधिक और जानकारी नहीं दे सकते हैं.

    नई सरकार के गठन की घोषणा अफ़ग़ानिस्तान में कभी भी हो सकती है लेकिन ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने इसको लेकर कोई ख़ास वक़्त नहीं बताया है.

    तालिबान के अफ़ग़ानिस्तान पर क़ब्ज़े के बाद से ही यह सवाल उठ रहे हैं कि तालिबान की नई सरकार में महिलाओं के अधिकार, मानवाधिकार और राजनीतिक स्वतंत्रता का क्या अर्थ होगा.

    सीमा के मुद्दे पर भी बोला तालिबान

    सीमा

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    तालिबान प्रवक्ता ने कहा कि चमन और तोरखम सीमा क्रॉसिंग से पाकिस्तान में अफ़ग़ान लोगों के जाने की कोशिश करने के मुद्दे भी सामने आए हैं.

    उन्होंने कहा कि तालिबान लगातार अपने लड़ाकों को आदेश दे रहा है कि वो क्रॉसिंग पर बाधा उत्पन्न न करे.

    इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में काबुल में आए प्रतिनिधिमंडल ने कहा था कि अफ़ग़ानिस्तान में रिहा किए गए क़ैदियों के कारण सुरक्षा स्थिति को देखते हुए क्रॉसिंग बंद की गई है और जो देश में आना चाहते हैं या देश से जाना चाहते हैं उनकी जांच के लिए कहा गया है.

  17. तालिबान के दावों के बीच अहमद मसूद का ट्वीट- “मैं सुरक्षित हूँ, मित्र, चिंता न करें.”

    तालिबान ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस करके दावा किया है कि उसने पंजशीर प्रांत पर क़ब्ज़ा कर लिया है और विरोधी दल के नेताओं का कुछ पता नहीं है.

    दूसरी ओर तालिबान विरोधी गुट नेशनल रेसिस्टेंस फ़्रंट (NRF) के नेता अहमद मसूद ने ट्वीट करके बताया है कि वो सुरक्षित हैं.

    मसूद ने ट्वीट किया है, “मैं सुरक्षित हूँ, मित्र, चिंता न करें.”

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    NRF ने तालिबान के दावों का खंडन किया है और उसका कहना है कि वो अभी भी सभी मोर्चों पर डटा हुआ है.

  18. ब्रेकिंग न्यूज़, तालिबान ने कहा- अमरुल्लाह सालेह देश छोड़कर भागे

    अमरुल्लाह सालेह

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    इमेज कैप्शन, अमरुल्लाह सालेह

    तालिबान ने अपनी प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान यह दावा किया है कि देश के पूर्व उप-राष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह देश छोड़कर भाग गए हैं.

    पंजशीर की जंग के दौरान सालेह पंजशीर में ही थे और वो नेशनल रेसिस्टेंस फ़ोर्स (NRF) के साथ थे.

    तालिबान प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने काबुल में अपनी प्रेेस कॉन्फ़्रेंस में कहा है कि उन्हें कहा गया है कि सालेह अफ़ग़ानिस्तान छोड़कर ताजिकिस्तान भाग गए हैं.

    पिछले सप्ताह सालेह ने एक वीडियो जारी कर कहा था कि वो घाटी छोड़कर नहीं भागे हैं.

    तालिबान प्रवक्ता ने आज कहा है कि पंजशीर जिन लोगों के नियंत्रण में था वो ‘ग़ायब हैं.’

    उन्होंने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान उनका घर है और वे जब चाहें तब लौट सकते हैं.

    उन्होंने बताया कि पंजशीर से जो हथियार बरामद किए गए हैं वो अफ़ग़ानिस्तान के हथियारों के ज़ख़ीरे में शामिल होंगे.

  19. ब्रेकिंग न्यूज़, अमेरिका ने अफ़ग़ानिस्तान छोड़ते समय काबुल एयरपोर्ट को नुक़सान पहुंचाया: तालिबान

    तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद

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    तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस करके पंजशीर पर क़ब्ज़े, देश से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और मानवीय मदद पर जानकारी दी है.

    प्रेस कॉन्फ़्रेंस की शुरुआत करते हुए उन्होंने दावा किया है कि तालिबान ने पंजशीर प्रांत पर क़ब्ज़ा कर लिया है.

    उन्होंने काबुल में प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा कि घाटी को ‘आज पूरी तरह साफ़ कर दिया गया है.’

    तालिबान के प्रवक्ता ने कहा कि तालिबान ने जब भी बातचीत की कोशिशें की तो विरोधी समूह ने ‘नकारात्मक जवाब’ दिए.

    ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि तालिबान ने अपने सैन्य बल अंतिम कोने तक ‘आतंकवाद’ से छुटकारा दिलाने के लिए भेजे थे.

    तालिबान प्रवक्ता ने कहा कि पंजशीर में आज से बिजली और इंटरनेट की बहाली कर दी जाएगी. इस इलाक़े में तालिबान ने फ़ोन, इंटरनेट और बिजली की लाइनें काट दी थीं.

    तालिबान ने यह भी दावा किया है कि पंजशीर पर क़ब्ज़े की लड़ाई में किसी आम आदमी की जान नहीं गई है.

    'अमेरिका ने काबुल एयरपोर्ट को नुक़सान पहुंचाया'

    काबुल एयरपोर्ट

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    तालिबान प्रवक्ता ने कहा है कि घरेलू उड़ानें शुरू हो चुकी हैं और तालिबान इंतज़ार कर रहा है कि कब से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू हो सकती हैं.

    उन्होंने बताया कि तुर्की और क़तर की सरकारें काबुल एयरपोर्ट पर दोबारा सेवाएं शुरू करने में मदद कर रही हैं.

    साथ ही उन्होंने कहा कि अमेरिका ने अफ़ग़ानिस्तान छोड़ते समय एयरपोर्ट को नुक़सान पहुंचाया था.

    तालिबान के प्रवक्ता ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अफ़ग़ानिस्तान के दोबारा निर्माण की अपील की है.

    उन्होंने कहा है कि जो देश मानवीय मदद दे रहे हैं वो इसे जारी रखें. साथ ही उन्होंने सभी अफ़ग़ान लोगों को यह भी आश्वासन दिया है कि देश के हालात धीरे-धीरे सामान्य होंगे और अर्थव्यवस्था भी सुधरेगी.

  20. यूएई ने वीज़ा नियमों में दी बड़ी ढील, विदेशी लोगों को होगा फ़ायदा

    दुबई

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    संयुक्त अरब अमीरात या यूएई ने रविवार को एक बड़े फ़ैसले में दूसरे देशों से काम करने वालों के लिए सख़्त वीज़ा नियमों में ढील देने का एलान किया है.

    इस फ़ैसले के बाद वहाँ काम करने वाले लोग बिना उन्हें काम देने वाली कंपनियों के स्पॉन्सर किए वहाँ रह सकेंगे और काम कर सकेंगे.

    यूएई में दूसरे देशों के लोगों को एक सीमित समय के लिए ही वीज़ा मिलता था जबकि दूसरे कई देशों में एक निश्चित समय तक रहने के बाद विदेशी लोगों को रेसिडेंसी मिल जाती है जिसे लंबे समय का वीज़ा समझा जाता है.

    इससे पहले यूएई ने अपने यहाँ रेसिडेंसी के दर्जे को पूरी तरह से नौकरी से जोड़कर रखा था जिसकी वजह से यदि किसी व्यक्ति की नौकरी नहीं रहती तो उसे देश छोड़ना पड़ता था.

    अब नियम बदलने से ना केवल विदेशी लोग वहाँ बिना कंपनी के स्पॉन्सर किए रह सकते हैं बल्कि उन्हें और भी कई रियायतें मिल सकेंगी.

    क्या हैं रियायतें

    अबू धाबी

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    • जैसे यदि किसी कर्मचारी की नौकरी चली जाती है तो वो तीन और महीने तक वहाँ रहकर दूसरी नौकरी खोज सकते हैं.
    • साथ ही वहाँ रह रहे विदेशी अपने माता-पिता और 25 वर्ष तक की संतानों का वीज़ा भी स्पॉन्सर कर सकते हैं.
    • इसी तरह वहाँ रहकर काम करने वाले फ़्रीलांसर, विधवा या तलाक़शुदा लोगों के लिए भी वीज़ा नियमों में छूट दी गई है.

    यूएई के विदेशी व्यापार राज्य मंत्री थनी अल-ज़ेयूदी ने एक इंटरव्यू में कहा है कि उनका देश अगले 50 वर्षो की अर्थव्यवस्था तैयार कर रहा है और वीज़ा नियमों में छूट का फ़ैसला उसी की एक कड़ी है.

    उन्होंने कहा, "हम पूरी व्यवस्था को दोबारा बनाना चाहते हैं...ताकि रेसिडेंसी सिस्टम ऐसी हो जिससे लोग यहाँ आने के लिए आकर्षित हों और उन्हें ऐसा लगे कि यूएई उनका घर है."

    यूएई ने इससे पहले धनी लोगों और उच्च कौशल वाले लोगों को आकर्षित करने के लिए 2019 में भी 10 साल की अवधि का गोल्डेन वीज़ा देना शुरू किया था.

    गोल्डेन वीज़ा के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए नीचे दी गई रिपोर्ट के लिंक पर क्लिक करें