अफ़गानिस्तान पर हमारी बात नहीं सुनी तो ख़राब हालात के लिए तैयार रहे दुनिया: पाकिस्तान
पाकिस्तान के सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने कहा है कि अगर अफ़ग़ानिस्तान के मसले पर पाकिस्तान की बात नहीं सुनी गई तो दुनिया को एक बड़ी समस्या झेलने के लिए तैयार हो जाना चाहिए.
लाइव कवरेज
अनंत प्रकाश, विभुराज, मोहम्मद शाहिद and अपूर्व कृष्ण
काबुल ड्रोन हमले में बच्चे और आम लोग कैसे मरे? जाँच कर रहा है अमेरिका
अमेरिका में फिर बढ़ रहे हैं कोरोना मामले, लाख के करीब आ रहे हैं केस

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अमेरिका में कोरोना वायरस से संक्रमित होकर अस्पताल में भर्ती होने वाले लोगों की संख्या एक बार फिर एक लाख के पार पहुंच गयी है. इससे पहले जनवरी में अमेरिकी अस्पतालों में भर्ती कोरोना मरीजों की संख्या एक लाख के पार थी.
यूएस डिपार्टमेंट ऑफ़ हेल्थ एंड ह्यूमन सर्विसेज़ के मुताबिक़, इस समय 100,317 अस्पताल बेड कोविड मरीजों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे हैं.
अमेरिका के फ़्लोरिडा और टेक्सस प्रांतों में अस्पताल में भरती मरीजों की संख्या अपेक्षाकृत रूप से ज़्यादा है.
पिछले हफ़्ते फ़्लोरिडा में कोरोना से मरने वालों की मृत्यु दर पूरी महामारी के दौरान रही मृत्यु दर से भी ज़्यादा रही. इसके बाद फ़्लोरिडा में कोविड 19 से मरने वालों की कुल संख्या 42,731 हो गयी है.
वहीं, अमेरिका में इस समय संक्रमित हुए लोगों की संख्या 38,818,764 और कुल मरने वालों की संख्या 637,658 है.
आज का कार्टून: घबराना नहीं है
टीएमसी में शामिल हुए बीजेपी विधायक तन्मय घोष, क्या बोले दिलीप घोष?

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इमेज कैप्शन, टीएमसी का झंडा पकड़े हुए तन्मय घोष पश्चिम बंगाल में बीजेपी के टिकट से चुनाव लड़कर विधानसभा पहुंचे तन्मय घोष ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस की सदस्यता ले ली है.
विष्णुपुर विधानसभा सीट से विधायक तन्मय घोष ने कहा है, “बीजेपी बदले की राजनीति कर रही है. वे केंद्रीय संस्थाओं का इस्तेमाल करके पश्चिम बंगाल के लोगों के अधिकार छीनने की कोशिश कर रहे हैं. मैं सभी राजनेताओं से आग्रह करता हूं कि वे लोगों के भले के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का समर्थन करें.”
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घोष के टीएमसी में शामिल होने पर बंगाल में बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा है कि घोष काफ़ी डरे हुए थे.
उन्होंने कहा, “वे लोग एक लंबे समय से उनके पीछे पड़े हुए थे. (इससे) वह काफ़ी डरे हुए थे. वह टीएमसी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे. उन्होंने उनके (घोष के) ख़िलाफ़ एफआईआर तक दर्ज कराई है, इस तरह उन्होंने हर तरह से उन्हें डराया धमकाया. ऐसे में उन्होंने मजबूरी में आकर टीएमसी की सदस्यता ली.”
घोष पहले ऐसे नेता नहीं हैं जो पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी की हार के बाद टीएमसी में शामिल हुए हैं.
उनसे पहले मुकुल राय जैसे कई नेता, कार्यकर्ता और मौजूदा विधायक बीजेपी छोड़कर टीएमसी में शामिल हो चुके हैं.
पाकिस्तान ने कहा- अफ़गानिस्तान पर हमारी बात नहीं सुनी तो झेलने के लिए तैयार रहे दुनिया

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इमेज कैप्शन, पाकिस्तान के सूचना मंत्री फवाद चौधरी पाकिस्तान के सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने कहा है कि अगर अफ़ग़ानिस्तान के मसले पर पाकिस्तान की बात नहीं सुनी गई तो दुनिया को एक बड़ी समस्या झेलने के लिए तैयार हो जाना चाहिए.
चौधरी ने टीआरटी वर्ल्ड को एक इंटरव्यू देते हुए ये बात कही.
उन्होंने कहा, “पिछले कुछ समय में, पाकिस्तान की सलाह पर ध्यान नहीं दिया गया है, अगर पाकिस्तान और उसके प्रधानमंत्री की सलाह मानी गयी होती तो स्थिति कुछ और होती.”
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बेहद चिंताजनक था सोवियत संघ का जाना
अस्सी के दशक को याद करते हुए चौधरी ने कहा कि पाकिस्तान के लिए स्थिति “बेहद चिंताजनक थी, जब सोवियत संघ ने 1988 में अफ़ग़ानिस्तान छोड़ा तब हमें समस्याओं का सामना करना पड़ा.”
उन्होंने कहा कि "अफ़ग़ान संघर्ष का समाधान निकालने में त्रोइका प्लस यानी रूस, चीन, अमेरिका और पाकिस्तान की अहम भूमिका है लेकिन इसके साथ ही एक अन्य समूह जिसके सदस्य तुर्की, पाकिस्तान, ईरान समेत अन्य सेंट्रल एशियन को भी इस समस्या का समाधान निकालने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की ज़रूरत है.
पाकिस्तान के लिए नया दलदल
फवाद चौधरी ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान से अमेरिकी और नैटो सेनाओं के जाते ही पाकिस्तान एक बार फिर इस दलदल में फंस गया है.
उन्होंने कहा कि पहले से 35 लाख शरणार्थी पाकिस्तान में रह रहे हैं, ऐसे में “हमारी अर्थव्यवस्था में और ज़्यादा शरणार्थियों को शरण देने की क्षमता नहीं है.”
इसके बाद उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “जिस तरह अफ़ग़ानिस्तान को पहले छोड़ दिया गया था, अगर दुनिया एक बार फिर वही ग़लती करती है तो ठीक हमारी सीमा पर चरमपंथी संगठनों का झुंड होगा जो कि हमारे लिए बेहद चिंता का विषय होगा.”
खट्टर बोले, अमरिंदर कौन होते हैं इस्तीफ़ा मांगने वाले, पंजाब सरकार खुद किसानों को भड़का रही है

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इमेज कैप्शन, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सोमवार को कहा है कि उनके राज्य में किसानों को भड़काने में पंजाब सरकार का हाथ है.
खट्टर ने कहा, “इसमें स्पष्ट रूप से पंजाब सरकार का हाथ है.”
इस दावे के पक्ष में तर्क देते हुए उन्होंने बीकेयू नेता बलवीर सिंह द्वारा पंजाब सीएम को मिठाई खिलाने वाली घटना का ज़िक्र किया.
खट्टर ने कहा कि अगर ऐसा नहीं होता तो “राजेवाल पंजाब सीएम को मिठाई खिलाने नहीं जाते.” और “ये एक कड़वी सच्चाई है”
इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस और वामपंथी नेताओं को भी अपने राज्य में किसानों को भड़काने के लिए ज़िम्मेदार ठहराया.
उन्होंने कहा, “हरियाणा में पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुडा और अन्य कांग्रेसी नेताओं के साथ – साथ कुछ वामपंथी नेता किसानों को कानून अपने हाथ में लेने के लिए भड़का रहे हैं.”
‘मेरा इस्तीफ़ा मांगने वाले अमरिंदर कौन’
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने किसानों के साथ लाठी चार्ज किए जाने पर हरियाणा सीएम के इस्तीफ़े की मांग की थी.
इस पर खट्टर ने कहा, “वह मेरा इस्तीफ़ा मांगने वाले कौन होते हैं. इसकी जगह पर उन्हें इस्तीफ़ा देना चाहिए क्योंकि वह इस किसान आंदोलन के पीछे हैं. दिल्ली सीमा पर विरोध प्रदर्शन कर रहे किसान पंजाब के रहने वाले हैं. हरियाणा के किसान सिंघु या टिकरी बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं.”
मजिस्ट्रेट के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग
हाल ही में एक वीडियो सामने आया था जिसमें हरियाणा के करनाल ज़िले में प्रशासनिक अधिकारी आयूष सिन्हा कथित तौर पर कुछ पुलिसकर्मियों को विरोध प्रदर्शन करते किसानों के साथ निर्ममता से पेश आने की बात कहते नज़र आ रहे थे.
इस मामले में खट्टर ने कहा कि संबंधित अधिकारी द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्दों का चुनाव सही नहीं था. लेकिन उन्होंने पुलिस द्वारा की गयी कार्रवाई का बचाव किया.
हालांकि, उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने शनिवार को किसानों पर हुए लाठीचार्ज और सिन्हा के ख़िलाफ़ कार्रवाई किए जाने की मांग पर कहा है कि “सरकार इस मामले मेंउचित कार्रवाई करेगी.”
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बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', सुनिए फ़ैसल मोहम्मद अली के साथ
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इस्लामिक स्टेट ने ली काबुल एयरपोर्ट पर रॉकेट हमलों की ज़िम्मेदारी

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इमेज कैप्शन, एयरपोर्ट पर हमले के लिए इस्तेमाल हुई कार की निगरानी करते तालिबान गार्ड इस्लामिक स्टेट की अफ़ग़ान शाखा ने कहा है कि सोमवार को काबुल एयरपोर्ट पर रॉकेट हमलों के पीछे उसका हाथ था.
इस्लामिक स्टेट ख़ोरासान प्रांत या आईएस-के ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि ये हमला कामयाब रहा.
मगर अधिकारियों का कहना है कि इन पाँच रॉकेटों को पहले ही पकड़कर नष्ट कर दिया गया.
अमेरिका ने इससे पहले चेतावनी दी थी कि आईएस-के 31 अगस्त को वापसी की डेडलाइन से पहले काबुल एयरपोर्ट पर हमले करने की कोशिश कर सकता है.
आईएस-के ने पिछले सप्ताह गुरुवार को एयरपोर्ट पर हुए आत्मघाती हमले की भी ज़िम्मेदारी स्वीकार की थी.
इस हमले में 170 अफ़ग़ान नागरिक और अमेरिकी सेना के 13 सदस्य मारे गए.
अफ़गानिस्तान में अमेरिकी ड्रोन हमले में छह बच्चे मारे गए, परिवार ने बताया

इमेज कैप्शन, हमले के बाद का दृश्य अफ़ग़ानिस्तान में एक परिवार के लोगों ने बीबीसी को बताया है कि अमेरिका ने एक आत्मघाती हमलावर को निशाना बनाकर जो ड्रोन हमला किया था उसमें उनके 10 रिश्तेदार मारे गए जिनमें छह बच्चे थे.
रविवार को इन लोगों के घर के सामने खड़ी कार में धमाका हुआ जिससे इन 10 लोगों की मौत हो गई.
अमेरिकी सेना ने कहा है कि उसके हमले में एक वाहन को निशाना बनाया गया था जिसमें कम-से-कम एक व्यक्ति ऐसा था जो इस्लामिक स्टेट से जुड़ा था.
उसने ऐसा भी कहा है कि हमले की वजह से शायद पास मौजूद दूसरे लोग भी निशाने की ज़द में आ गए होंगे.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि वो इस घटना की जाँच कर रहे हैं, मगर उन्हें अभी ये स्पष्ट नहीं है कि 10 लोग कैसे मारे गए.
उन्होंने एक बयान में कहा है कि ड्रोन हमले के बाद कई शक्तिशाली धमाके हुए.
उसने कहा है कि धमाकों से लगता है कि वहाँ बड़ी मात्रा में विस्फोटक रखे थे जिनसे और लोग हताहत हो गए हो सकते हैं.
अमेरिकी सेना ने इससे पहले कहा था कि हमले से काबुल के हामिद करज़ई इंटरनेशल एयरपोर्ट पर इस्लामिक स्टेट की अफ़ग़ान शाखा के एक ख़तरे को दूर कर दिया गया.
मोदी ही पीएम उम्मीदवार- बोले त्यागी, मगर नीतीश को क्यों कहा जा रहा पीएम मैटेरियल

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इमेज कैप्शन, जनता दल यूनाइडेट के महासचिव के सी त्यागी बिहार की सत्तारूढ़ पार्टी जदयू के महासचिव केसी त्यागी ने सोमवार को कहा है कि "आगामी आम चुनाव 2024 में पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी हैं और वही इस पद के उम्मीदवार रहेंगे."
बता दें कि पिछले कुछ दिनों से जदयू नेताओं द्वारा नीतीश कुमार को पीएम मैटेरियल बताए जाने के बाद बिहार एनडीए में टकराव की स्थिति पैदा हो गयी है.
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हालांकि, बीजेपी और जेडीयू में मौजूदा तनाव के लिए सिर्फ ये बयान ज़िम्मेदार नहीं है. इससे पहले पेगासस जासूसी कांड में जाँच की मांग करने से लेकर जातिगत जनगणना मुद्दे पर नीतीश कुमार के खुलकर सामने आने से भी बीजेपी और जदयू के रिश्तों में तनाव बढ़ा है.
इसके साथ ही जदयू ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उतरने के प्रति अपने रुझान को स्पष्ट कर दिया है.
लेकिन नीतीश कुमार को पीएम मैटेरियल बताए जाने के बाद दोनों पक्षों में जारी तनाव खुलकर सामने आ गया है.
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पीएम मैटेरियल बयान का मतलब क्या?
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, जनता दल यूनाइटेड के महासचिव केसी त्यागी ने पार्टी की नेशनल काउंसिल मीटिंग के बाद ये बयान दिया है.
उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार प्रधानमंत्री पद के दावेदार नहीं है. जदयू एनडीए का सबसे भरोसेमंद सदस्य है और पीएम मोदी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन यानी राजग के नेता हैं. लेकिन वह (नीतीश कुमार) निश्चित रूप से पीएम मैटेरियल हैं.”
ख़बरों के मुताबिक़, जदयू नेता ललन सिंह ने रविवार को पटना में आयोजित पार्टी की नेशनल काउंसिल बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव पेश किया था जिसे स्वीकार कर लिया गया है.
हालांकि, ललन सिंह ने ये भी कहा है कि "प्रधानमंत्री बनने के लिए ज़रूरी योग्यता होने और दावा करने में अंतर है. पीएम मैटेरियल का मतलब ये है कि उनमें देश का नेतृत्व करने की योग्यता और क्षमता है. लेकिन हम एक छोटी पार्टी हैं, हम इसका दावा कैसे कर सकते हैं?"
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लेकिन इसके बाद जदयू के ही नेता उपेंद्र कुशवाहा ने कहा है कि "हम अभी इस पद के लिए दावा नहीं कर रहे हैं. हम एनडीए के साथ हैं और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को स्वीकार करते हैं. लेकिन अगर लोग भविष्य की संभावनाओं पर बात करें तो ऐसी कोई भी चीज नहीं है जिससे असंभव कहा जा सके."
कुशवाहा ने ये बयान बीजेपी नेताओं द्वारा दिए गए उन बयानों के जवाब में दिया गया है जिसमें ये कहा जा रहा था कि पीएम बनने के लिए केंद्र में 272 सीटों की ज़रूरत पड़ती है, वो सीटें जदयू कहां से लाएगी.
समन्वय समिति बनाने की मांग
इसके साथ ही केसी त्यागी ने बिहार समेत देश के तमाम राज्यों और केंद्र में एनडीए समन्वय समिति बनाने की मांग उठाई है.
त्यागी ने कहा कि “हम एनडीए में शामिल हैं और इस गठबंधन का पूरी तरह समर्थन करते हैं. पार्टी विभिन्न मुद्दों के समाधान के लिए एनडीए समन्वय समिति के गठन का स्वागत करेगी. अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के कार्यकाल में समन्वय समिति बनाकर बहुत से काम किए गए थे.
अगर सरकार के सुचारू कामकाज और घटक दलों के नेताओं के अनुचित बयानबाजी रोकने के लिए केंद्र एवं राज्य स्तर पर समन्वय समिति फिर से बनाई जाए तो हमें खुशी होगी."

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इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जदयू साल 2022 में होने वाले उत्तर प्रदेश और मणिपुर विधानसभा चुनाव में भाग लेगी.
उन्होंने कहा, "हमारी प्राथमिकता बीजेपी के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ना होगी. लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है तो हम अकेले चुनाव लड़ेंगे."
बता दें कि इससे पहले साल 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जदयू ने भाग नहीं लिया था.
लेकिन आगामी चुनावों को लेकर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने इसी महीने की शुरुआत में कहा है कि पार्टी अकेले चुनाव लड़ने के लिए सक्षम है.
बीजेपी की ओर से आई प्रतिक्रिया
बिहार बीजेपी में नीतीश कुमार के पीएम मैटेरियल होने की बात से लेकर अकेले चुनाव लड़ने की बात पर कई बीजेपी नेताओं ने बयान दिए हैं.
लेकिन बीजेपी सांसद अजय निषाद ने अपने बयान से जदयू - बीजेपी गठजोड़ पर सवालिया निशान लगा दिया है.
जदयू का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि“केंद्र में बीजेपी 300 से ज़्यादा सांसदों के साथ पूर्ण बहुमत की सरकार चला रही है, अगर कोई पार्टी एनडीए छोड़कर जाना भी चाहे तो इसका बीजेपी पर असर नहीं पड़ेगा.”
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ब्रेकिंग न्यूज़, टोक्यो पैरालंपिक में भारत को दूसरा स्वर्ण, जेवलिन थ्रो में सुमित अंतिल ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड
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भारत के सुमित अंतिल ने टोक्यो पैरालंपिक खेलो में भारत के लिए दूसरा स्वर्ण पदक जीत लिया है.
सुमित ने जेवलिन थ्रो स्पर्धा के एफ़64 वर्ग में 68.55 मीटर दूर भाला फेंक ना केवल स्वर्ण पदक जीता बल्कि नया वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया.
इससे पहले सोमवार को ही अवनि लेखारा ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफ़ल स्टैंडिंग एस1 स्पर्धा में जीत दर्ज करते हुए भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाया था.
सोमवार को भारत को कुल पाँच पदक मिले.
पुरुषों की जेवलिन थ्रो (एफ़-46) स्पर्धा में भारत के देवेंद्र झांझरिया ने रजत और सुंदर सिंह गुर्जर ने कांस्य पदक जीता.
वहीं योगेश कथूनिया ने डिस्कस थ्रो की एफ़-56 स्पर्धा में रजत पदक दिलाया.
टोक्यो पैरालंपिक में भारत अब तक कुल सात पदक जीत चुका है. इनमें दो स्वर्ण पदक, चार रजत और एक कांस्य पदक है.
इसके साथ ही टोक्यो ओलंपिक की ही तरह पैरालंपिक में भी ये भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है.
इससे पहले भारत का सबसे अच्छा प्रदर्शन 2016 में रियो के पैरालंपिक में रहा था जहाँ उसे दो गोल्ड, एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज़ मिला था.
चीन ने कहा- अमेरिका समेत पूरी दुनिया करे तालिबान की मदद

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इमेज कैप्शन, जुलाई में तालिबान नेत मुल्ला बरादर के साथ चीन के विदेश मंत्री वांग यी चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान की बदली हुई स्थितियों को देखते हुए ये आवश्यक हो गया है कि दुनिया के सभी देश तालिबान के साथ संपर्क स्थापित करें.
चीन की सरकारी न्यूज़ एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक़, रइस बातचीत में वांग यी ने ये भी कहा है कि बातचीत के साथ–साथ तालिबान का सक्रिय रूप से मार्गदर्शन करने की ज़रूरत है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, वांग यी ने तालिबान के नेतृत्व वाली अफ़ग़ान सरकार की मदद करने का मुद्दा भी उठाया.
उन्होंने कहा है कि अमेरिका को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर काम करने की ज़रूरत है ताकि अफ़ग़ानिस्तान को बेहद ज़रूरी आर्थिक, मानवीय और आजीविका से जुड़ा सहयोग दिया जा सके.
वांग यी ने कहा कि ये ज़रूरी है ताकि नए राजनीतिक ढांचे को सरकारी संस्थानों के सामान्य संचालन को बनाए रखने, सामाजिक सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने, मुद्रा के मूल्य ह्रास और मुद्रास्फीति पर अंकुश लगाने और जल्द से जल्द शांतिपूर्ण पुनर्निर्माण की यात्रा शुरू करने में मदद की जा सके.

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इमेज कैप्शन, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन अमेरिका की जीत पर सवाल
चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने इस बातचीत में अफ़ग़ानिस्तान में अमेरिकी जीत पर सवाल खड़े किए.
वांग ने कहा कि तथ्य बताते हैं कि अफ़ग़ानिस्तान युद्ध के ज़रिए कभी भी अफ़ग़ानिस्तान में आतंकवादी ताकतों को ख़त्म करने का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सका.
उन्होंने कहा कि नैटो सेनाओं ने जिस तरह जल्दबाजी में अफ़ग़ानिस्तान से वापसी की है, उसके बाद कई आतंकी संगठनों को अफ़ग़ानिस्तान में फिर से संगठित होने का अवसर मिलने की संभावना पैदा हो गयी है.
वांग ने अमेरिका से कहा है कि वह चुनिंदा रूप से आतंकवाद से लड़ने, दोहरा रवैया अपनाने की जगह अफ़ग़ानिस्तान की संप्रभुता और स्वतंत्रता का सम्मान करते हुए हिंसा एवं आतंकवाद से निपटने में उसकी मदद करने के लिए ठोस कदम उठाए.

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चीन–अमेरिका संबंध
वांग यी ने चीन–अमेरिकी रिश्तों पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि उनकी सरकार अमेरिका के साथ संबंधों को शक्ल देते हुए अमेरिका के चीन के प्रति रुख को ध्यान में रखेगी.
उन्होंने कहा है कि टकराव से बेहतर संवाद है और संघर्ष से बेहतर सहयोग है और चीन सरकार अमेरिका के साथ अपने संबंधों को अमेरिका की ओर से चीन के प्रति अख़्तियार किए गए रुख के आधार पर तय करेगी.
उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका द्विपक्षीय रिश्तों को वापस पटरी पर लाना चाहता है तो उसे आंख बंद करके चीन की छवि बिगाड़ने और उस पर हमला करने से बाज आना चाहिए. और, चीन की संप्रभुता, सुरक्षा और विकास से जुड़े हितों को नुकसान पहुंचाना बंद करना चाहिए.
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ब्रेकिंग न्यूज़, टोक्यो पैरालंपिक में विनोद कुमार का कांस्य पदक छिना

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इमेज कैप्शन, विनोद कुमार ने रविवार को कांस्य पदक जीता था टोक्यो में हो रहे पैरालंपिक खेलों में डिस्कस थ्रो में कांस्य पदक जीतनेवाले भारतीय खिलाड़ी विनोद कुमार का कांस्य पदक वापस ले लिया गया है.
उन्हें डिस्कस थ्रो स्पर्धा में शारीरिक अक्षमता (डिसेबिलिटी) निर्धारण जाँच में "अयोग्य" पाया गया है.
विनोद कुमार ने रविवार को डिस्कस थ्रो की एफ़-52 कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल जीता था.
इसके बाद भारतीय खेल प्राधिकरण (स्पोर्ट्स ऑथोरिटी ऑफ़ इंडिया) ने बताया था कि 19.91 मीटर डिस्कस फेंक कर उन्होंने एशिया में एक नया रिकॉर्ड बनाया है.
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तालिबान ने काबुल में अमेरिकी ड्रोन हमले पर कहा- दूसरे देश में हमला ग़ैर-क़ानूनी

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इमेज कैप्शन, तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद काबुल में कथित तौर पर आईएस के आत्मघाती हमलावर पर अमेरिका के ड्रोन हमले पर तालिबान ने टिप्पणी करते हुए कहा है कि किसी दूसरे देश में बिना बताए हमला करना ग़ैर-क़ानूनी है.
अमेरिका की कार्रवाई पर तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने यह बयान दिया है.
उन्होंने चीन के सरकारी टीवी चैनल सीजीटीएन से बातचीत में कहा कि अमेरिका ने ये हमला तालिबान को सूचित किए बग़ैर किया था.
उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से किसी दूसरे देश के अंदर ऐसे हमले करना ग़ैर-क़ानूनी है.
हमले में आम लोगों की भी हुई मौत?

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वहीं दूसरी ओर स्थानीय मीडिया का कहना है कि इस हमले में काबुल के 9 लोगों की मौत हुई है.
टोलो न्यूज़ के एक प्रेज़ेंटर मुस्लिम शेरज़ाद ने अपने ट्वीट में लिखा है कि मरने वालों में एक अफ़ग़ान सेना का फ़ौजी, दो अनुवादक और एक दुकानदार था जबकि इसके अलावा चार बच्चे भी शामिल हैं जो इस ड्रोन हमले में मारे गए हैं.
अमेरिकी समाचार चैनल सीएनएन ने भी अपने एक स्थानीय पत्रकार के हवाले से बताया कि मरने वाले लोगों के एक रिश्तेदार ने उन्हें बताया है कि अमेरिकी हमले में आम लोगों की मौत हुई है.
राजनाथ सिंह का पाकिस्तान पर फिर हमला, बोले- उनका मॉडल भारत में ध्वस्त हो रहा है

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि पाकिस्तान को समझ आ गया है कि चरमपंथ को बढ़ावा देने का उनका मॉडल भारत में नाकाम हो रहा है.
राजनाथ सिंह ने दिल्ली में ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ विषय पर एक कार्यक्रम में कहा, "पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद का मॉडल भारत में ध्वस्त हो रहा है. हाल के कुछ वर्षों में उन्होंने सीमा पर सीज़फायर उल्लंघन बढ़ा दिए थे. सुरक्षाबलों से उन्हें हमेशा मुँहतोड़ जवाब मिला. पाकिस्तान को समझ आने लगा है कि सीज़फायर उल्लंघन से भी उनको कोई खास लाभ नहीं मिलने वाला है."
उन्होंने बताया कि “भारत और पाकिस्तान के बीच में संघर्ष विराम समझौता फ़रवरी में हुआ था. हम इस वक़्त आपसी विश्वास की कमी के कारण ‘वेट एंड वॉच’ की मुद्रा में हैं.हालिया संघर्ष विराम समझौते के बाद सीमा के दोनों ओर कोई भी संघर्ष विराम का उल्लंघन नहीं हुआ है.’
उन्होंने साथ ही कहा कि कश्मीर से बहुत जल्द चरमपंथ का ख़ात्मा हो जाएगा.
राजनाथ सिंह ने कहा, “मेरा मानना है कि कश्मीर में बचा हुआ आतंकवाद भी समाप्त होगा. मेरा यह विश्वास इसलिए है क्योंकि अब तक अलगाववादी ताक़तें जो अनुच्छेद 370 और 35ए से मज़बूती पाती थीं वो अनुच्छेद अब समाप्त हो चुका है.”
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद से ही भारत विरोधी बलों ने सीमा पर या सीमा के ज़रिए देश में अस्थिरता पैदा करने का माहौल बनाया है, इस दिशा में पाकिस्तान की धरती से बहुत सारी कोशिशें की जाती रही हैं.
लद्दाख़ में गलवान घाटी की घटना का ज़िक्र करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि ‘गलवान की घटना को एक साल का समय बीत चुका है, भारतीय सेना द्वारा दिखाई गई वीरता और संयम अतुलनीय है. भविष्य की पीढ़ियां बहादुर जवानों पर गर्व करेंगी.’

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उत्तराखंड: भूस्खलन में 3 बच्चों की मौत, 4 लोग दबे

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उत्तराखंड के पिथौरागढ़ ज़िले के जुम्मा गांव में भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन के कारण तीन बच्चों की मौत की पुष्टि हुई है जबकि 4 लोग मलबे में दबे हुए हैं.
इस बारे में राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ट्वीट करके जानकारी दी है.
स्थानीय संवाददाता ध्रुव मिश्रा ने बताया है कि पिथौरागढ़ के ज़िलाधिकारी आशीष चौहान का कहना है कि जुम्मा गांव में 3 और जमुनी गांव में 6 से 7 लोग मलबे में दबे थे, प्रशासन ने एसडीआरएफ की टीम भेजकर राहत बचाव कार्य शुरू कर दिया था. बारिश ने पूरे इलाके में भारी तबाही मचाई है.
तालिबान को क्या अमेरिका ने खड़ा किया?
तालिबान ने कहा, शीर्ष नेता मुल्ला हिब्तुल्लाह जल्दी ही आएँगे सामने

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इमेज कैप्शन, मुल्ला हिब्तुल्लाह अख़ुंदज़ादा तालिबान के सूत्रों ने बीबीसी की पश्तो सेवा को बताया है कि उनके सबसे बड़े नेता मुल्ला हिब्तुल्लाह अख़ुंदज़ादा कंदहार में हैं और बहुत जल्दी लोगों के सामने आएँगे.
मुल्ला हिब्तुल्लाह कंदहार के ही एक धार्मिक विद्वान हैं जो 2016 में अफ़ग़ान तालिबान के प्रमुख बने थे.
माना जाता है कि उन्होंने ही तालिबान की दिशा बदली और उसे मौजूदा हालत में पहुंचाया.
वो 80 के दशक में अफ़ग़ानिस्तान पर रूसी सेना का विरोध करने वाले इस्लामी नेताओं में शामिल थे मगर उनकी छवि एक सैन्य कमांडर से ज़्यादा एक धार्मिक नेता की रही है.
तालिबान के राजनीतिक दफ़्तर के प्रमुख मुल्ला अब्दुल ग़नी बरादर भी काबुल से कंदहार लौट चुके हैं.
मुल्ला अब्दुल ग़नी बरादर उन चार लोगों में से एक हैं जिन्होंने 1994 में तालिबान का गठन किया था.
15 अगस्त को तालिबान के काबुल पर नियंत्रण करने के बाद से निर्वासन में रह रहे मुल्ला बरादर समेत कई तालिबान नेता अफ़ग़ानिस्तान लौट चुके हैं.
इस बीच तालिबान प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में नई सरकार के गठन को लेकर वार्ता चल रही है और इस बारे में जल्दी ही एलान होगा.
ऐसी स्थिति में अभी बहुत लोग ये जानना चाहते हैं कि मुल्ला हिब्तुल्लाह सामने आने के बाद क्या कहते हैं.
ब्रेकिंग न्यूज़, कोरोना वायरस संक्रमण के 42,909 नए मामले, 380 की मौत

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भारत में सोमवार को बीते 24 घंटों के दौरान कोरोना वायरस संक्रमण के 42,909 नए मामले पाए गए जबकि इतने ही समय के दौरान 380 लोगों की मौत हुई है.
ये मामले केरल में लगातार बड़ी संख्या में नए मामले पाए जाने के कारण बढ़ रहे हैं. केरल में रविवार को 29,836 मामले दर्ज किए गए जबकि वहां पर 75 लोगों की मौत हुई.
स्वास्थ्य मंत्रालय ने आंकड़े जारी करके बताया है कि बीते 24 घंटों में इस बीमारी से 34,763 लोग ठीक भी हुए हैं. वहीं देश में अब तक 63.43 करोड़ कोरोना वायरस वैक्सीन की डोज़ दी जा चुकी हैं.
