देखिए पूर्ण सूर्य ग्रहण का नज़ारा

अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में लाखों लोग सूर्य ग्रहण देख रहे हैं. देखिए पूर्ण सूर्य ग्रहण का नज़ारा.

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे

  1. Facebook Live: देखिए पूर्ण सूर्य ग्रहण का नज़ारा

  2. देखिए पूर्ण सूर्य ग्रहण का नज़ारा

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  3. सऊदी अरब ने बताया कब मनाएंगे ईद

    सऊदी अरब में बुधवार को ईद

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    सऊदी अरब में बुधवार को ईद मनाई जाएगी.

    मंगलवार को रमज़ान का आखिरी दिन है. सऊदी अरब के सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को ये घोषणा की. इस साल रमज़ान का महीना 11 मार्च से शुरू हुआ था.

    मुसलमानों के पवित्र माह रमज़ान के अंत में ईद अल-फ़ितर का त्योहार मनाया जाता है.

    रमज़ान का महीना जैसे ही अंत की ओर बढ़ता है, वैसे ही दुनिया के करीब 1.9 अरब मुसलमान उम्मीद करते हैं कि आसमान साफ़ रहे.

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    इस्लाम के त्योहार और उनके रीति रिवाज़ चंद्रमा पर आधारित हिज़री कैलेंडर के अनुसार चलते हैं.

    इस कैलेंडर में भी साल में 12 महीने होते हैं और रमज़ान नौवाँ महीना होता है.

    मुसलमानों के लिए चंद्रमा पर आधारित कैलेंडर का पालन काफ़ी अहम होता है.

    रमज़ान के महीने में मुसलमान भोर से लेकर सूरज ढलने तक उपवास करते हैं. यानी इस दौरान वे कुछ भी खाते या पीते नहीं हैं.

  4. सूर्य ग्रहण देखने के लिए नियाग्रा फॉल्स पर इस तरह जमा हुए लोग

    सांकेतिक तस्वीर

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    कनाडा में सूर्य ग्रहण देखने के लिए लोग नियाग्रा फॉल्स के आसपास जमा हो रहे हैं. नियाग्रा फॉल्स के पार्क अधिकारियों ने बताया कि यहां काफी लोगों के आने की संभावना है.

    बड़ी संख्या में पर्यटक भी सूर्य ग्रहण के लिए यहां आ रहे हैं. यहां का तापमान क़रीब 10 डिग्री सेल्सियस है और लोग यहां कंबल और जैकेट में ग्रहण की प्रतीक्षा कर रहे हैं.

    अमेरिका में डलास, इंडियानापोलिस, क्लीवलैंड और बफेलो में लोग जमा हो रहे हैं.

    नियाग्रा फॉल्स के पास सूर्य ग्रहण देखने के लिए जमा होते लोग

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    इमेज कैप्शन, नियाग्रा फॉल्स के पास सूर्य ग्रहण देखने के लिए जमा होते लोग

    चंद्रमा, सूर्य की तुलना में पृथ्वी से 400 गुना अधिक निकट है, लेकिन चंद्रमा आकार में सूर्य से 400 गुना छोटा भी है.

    टोटलिटी नाम की किताब में लेखक मार्क लिटमैन लिखते हैं कि अगर चंद्रमा डायमीटर में 273 किलोमीटर छोता होता या दूर होता तो लोग अभी इस तरह का चंद्रग्रहण देख ही नहीं पाते.

    इसके चलते ही जब चंद्रमा एक सीधी रेखा के बिंदू के तौर पर सूर्य और पृथ्वी के बीच आता है, तो यह सूर्य को ढक लेता है और हमें ग्रहण दिखाई देता है.

    नियाग्रा फॉल्स के पास सूर्य ग्रहण देखने के लिए जमा होते लोग
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  5. इसराइली सैनिक छोड़ रहे हैं ख़ान यूनिस, वापस लौटे फ़लस्तीनियों ने क्या देखा?

    ख़ान यूनिस लौटते लोग

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    दक्षिणी ग़ज़ा में पिछले कई महीनों से इसराइल की बमबारी हो रही है लेकिन रविवार को इसराइली सेना ने घोषणा की कि वे इलाके में सैनिकों की संख्या कम कर रहे हैं.

    इसके बाद ख़ान यूनिस में कई फ़लस्तीनी लोग लौटने लगे.

    ख़ान यूनिस लौटीं नजवा अयाश ने बीबीसी रेडियो 4 को बताया कि वो जब अपने घर लौटीं तो वहां कुछ भी नहीं बचा था.

    उन्होंने बताया कि उनका और उनके पड़ोसियों के घर ढह चुके हैं.

    ख़ान यूनिस लौटते लोग

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    इमेज कैप्शन, ख़ान यूनिस में हर तरफ़ मलबा

    ग़ज़ा के एक पत्रकार ने बताया कि बेघर हुए 'हज़ारों फ़लस्तीनी' ख़ान यूनिस लौट रहे हैं.

    अकरम नाम के इस पत्रकार ने बताया कि वो कल लौटे हैं और इलाका 'पूरी तरह तबाह' हो चुका है.

    बीबीसी अभी स्वतंत्र रूप से ख़ान यूनिस लौटने वाले लोगों की संख्या के बारे में पुष्टि नहीं कर सकता है.

    ख़ान यूनिस में हर तरफ़ मलबा

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    हालांकि, इसराइल ने कहा है कि सैनिकों की वापसी का मतबल युद्ध ख़त्म होना नहीं है.

    लेफ़्टिनेंट कर्नल पीटर लेर्नर ने बीबीसी को बताया कि इसराइल की सेना का मिशन भले ही इस इलाके में ख़त्म हो गया हो लेकिन अभी कई अभियान हैं, जिन्हें अलग जगह पर किए जाने की ज़रूरत है.

  6. दिनभर: इसराइल-ग़ज़ा युद्ध के छह महीने, सेना ने ख़ान यूनिस छोड़ा

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  7. पाकिस्तान के पीएम और मोहम्मद बिन सलमान की मुलाकात, भारत के बारे में क्या हुई बातचीत?

    पाकिस्तान के पीएम शहबाज़ शरीफ़ के साथ क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान

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    पाकिस्तान के पीएम शहबाज़ शरीफ़ ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात की है.

    हमास और इसराइल संघर्ष के बीच शांति की अपील के साथ ही दोनों ही नेताओं के बीच भारत को लेकर बात हुई है.

    दोनों ही नेताओं ने भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत की ज़रूरत पर जोर दिया.

    बैठक में कहा गया कि क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चल रहे जम्मू-कश्मीर विवाद को सुलझाना जरूरी है और इसके लिए बातचीत ही रास्ता है.

    इस दौरान क्राउन प्रिंस सलमान ने पाकिस्तान के पीएम का पद संभालने के लिए शरीफ़ को बधाई भी दी.

    पाकिस्तान लंबे समय से आर्थिक दिक्कतों का सामना कर रहा है और इसके लिए वो सऊदी अरब से मदद की तलाश में है. इसके लिए पाकिस्तान कई सेक्टरों में साझेदारी और निवेश की तलाश में है.

    दोनों देशों ने पाकिस्तान में पांच करोड़ अमेरिकी डॉलर के निवेश करने की

    इन वार्ताओं में दोनों पक्षों ने पाकिस्तान में 5 बिलियन डॉलर के निवेश पैकेज की योजना में तेजी लाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है.

  8. दिल्ली में निर्वाचन आयोग के बाहर टीएमसी का धरना, ये है वजह

    टीएमसी सांसद डेरेक ओ'ब्रायन को हिरासत में लेते पुलिसकर्मी

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    तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने दिल्ली में निर्वाचन आयोग के कार्यालय के बाहर धरना दिया.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की ख़बर के अनुसार, टीएमसी सांसद डेरेक ओ'ब्रायन समेत धरना देने वाले कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में भी लिया है.

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    टीएमसी के डेरेक ओ ब्रायन, सागरिका घोष समेत कई नेता ईडी, सीबीआई और एनआईए जैसी जांच एजेंसियों के केंद्र सरकार द्वारा विपक्षी नेताओं के ख़िलाफ कथित तौर पर इस्तेमाल किए जाने पर प्रदर्शन कर रहे थे.

    टीएमसी सांसद डोला सेन ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "हमने निर्वाचन आयोग से एनआईए, सीबीआई, ईडी और इनकम टैक्स के प्रमुखों को बदलने की अपील की है."

  9. कांग्रेस ने पीएम मोदी के ख़िलाफ़ आचार संहिता उल्लंघन का लगाया आरोप, चुनाव आयोग से की शिकायत

    कांग्रेस नेता जयराम रमेश

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    कांग्रेस नेता सलमान ख़ुर्शीद, मुकुल वासनिक, पवन खेड़ा और गुरदीप सप्पल ने निर्वाचन आयोग के अधिकारियों से मुलाकात कर आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायतें दर्ज कराई हैं.

    उन्होंने अधिकारियों से छह शिकायतें की हैं, जिनमें से दो पीएम नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ है.

    जयराम रमेश ने एक ट्वीट में कहा, " हमें उम्मीद है कि आयोग संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करेगा. हम इस सरकार का पर्दाफ़ाश करने के लिए सभी राजनीतिक और कानूनी रास्ते अपनाते रहेंगे."

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    आठ अप्रैल को दायर की गई शिकायत में कांग्रेस ने पीएम मोदी के ख़िलाफ़ शिकायत की है.

    कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस के घोषणापत्र की तुलना मुस्लिम लीग के विचार से करना देश को बांटने की कोशिश है.

    कांग्रेस ने एक शिकायत में दिल्ली यूनिवर्सिटी के अलग-अलग कॉलेजों में 'विकसित भारत' अभियान के तहत पीएम के बड़े-बड़े होर्डिंग और बैनरों को आचार संहिता का उल्लंघन हैं.

    एक शिकायत दूरदर्शन के ख़िलाफ़ भी शिकायत की है. ये मामला 'केरला स्टोरी' फ़िल्म के प्रसारण से जुड़ा है.

  10. कांग्रेस ने पीएम मोदी से पूछा- आखिर मुस्लिम लीग से कौन सा प्रेम है जो बार-बार छलक जाता है?

    सुप्रिया श्रीनेत

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    लोकसभा चुनाव के लिए जारी कांग्रेस के घोषणापत्र पर 'मुस्लिम लीग की छाप' बताने के पीएम नरेंद्र मोदी के बयान पर अब कांग्रेस का जवाब आया है.

    कांग्रेस ने कहा कि आखिर 'मुस्लिम लीग' से नरेंद्र मोदी का ऐसा कौन सा प्रेम है जो बार-बार छलक जाता है.

    कांग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, "इश्क और मुश्क छुपाए नहीं छुपते हैं लेकिन मोदी जी और मोदी जी के पुरखों का मुस्लिम लीग से ऐसा इश्क है जो छुपता नहीं है."

    कांग्रेस के घोषणापत्र पर पीएम मोदी का बयान
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    सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि पीएम कांग्रेस के घोषणापत्र के बारे में कुछ भी कह सकते थे. वे ये कह सकते थे कि ऐसा असंभव है लेकिन उन्होंने ऐसा कहा क्योंकि उन्हें मुस्लिम लीग से प्रेम है.

    कांग्रेस ने कहा, "ये न्याय पत्र 'भारत जोड़ो यात्रा' और 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' के दौरान मिलने वाले लोगों की अपेक्षाओं पर बना है. इसे देख कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी घबरा गए हैं. इसलिए प्रधानमंत्री शर्मनाक बयान देते हुए कहते हैं कि हमारे न्याय पत्र में मुस्लिम लीग की छाप है."

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  11. कई देशों से दिखने वाले इस सूर्य ग्रहण में ख़ास क्या है?

    सूर्य ग्रहण की फ़ाइल फोटो

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    अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में लोग सूर्यग्रहण देखने की तैयारी में हैं.

    अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के अनुसार, ये सूर्य ग्रहण बाकी पिछले पूर्ण ग्रहण से काफी अलग है.

    वैज्ञानिकों का कहना है कि इस साल सौर गतिविधियां ज़्यादा हैं इसलिए वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि उन्हें कोरोना का हिस्सा ज़्यादा देखने का मौका मिलेगा.

    ये सूर्य के वायुमंडल का सबसे बाहरी भाग है. वहीं, 2017 का जो पूर्ण सूर्य ग्रहण था, उसकी तुलना में ये सूर्य ग्रहण दो मिनट ज़्यादा लंबा है. ये सूर्य ग्रहण चार मिनट 9 सेकेंड लंबा होगा.

    सूर्य ग्रहण की फ़ाइल फोटो

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    वहीं, ये सूर्य ग्रहण जिन इलाकों से दिखेगा, वो भी हालिया पिछले ग्रहणों की तुलना में कहीं ज़्यादा है.

    इस सूर्य ग्रहण के 322 किलोमीटर के दायरे में क़रीब 31 मिलियन लोग रहते हैं. अमेरिका में रहनेवाले 99 फ़ीसदी लोग आंशिक या पूरी तरह से सूर्य ग्रहण देख पाएंगे.

    चंद्रमा, सूर्य की तुलना में पृथ्वी से 400 गुना अधिक निकट है, लेकिन चंद्रमा आकार में सूर्य से 400 गुना छोटा भी है.

    इसके चलते ही जब चंद्रमा एक सीधी रेखा के बिंदू के तौर पर सूर्य और पृथ्वी के बीच आता है, तो यह सूर्य को ढक लेता है और हमें ग्रहण दिखाई देता है.

    कई बार ये सूर्य ग्रहण दिखाई देता है और कई बार नहीं भी दिखता है. हालांकि, इस बार का सूर्य ग्रहण महत्वपूर्ण है क्योंकि लाखों लोग इस घटना को देख सकेंगे.

  12. राहुल गांधी ने बीजेपी और आरएसएस को लेकर कही ये बात, छत्तीसगढ़ में पीएम ने वैक्सीन पर कांग्रेस को घेरा

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पीएम नरेंद्र मोदी

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    मध्य प्रदेश के सिवनी में एक सभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने आदिवासियों को असल मालिक बताते हुए कहा कि आरएसएस आपको वनवासी कहती है और इसके पीछे एक पूरी विचारधारा है.

    उन्होंने कहा, "कांग्रेस पार्टी आपको आदिवासी कहती है और बीजेपी पीएम, अमित शाह जी और आरएसएस के लोग आपको वनवासी कहते हैं. तो इन शब्दों के पीछे दो अलग-अलग विचारधाराएं हैं.

    राहुल गांधी ने कहा, "आदिवासी शब्द का मतलब वो लोग जो इस देश में इस जमीन के पहले मालिक हैं, मतलब अगर आप पहले मालिक थे तो ज़मीन पर, जल पर और जंगल पर, देश के धन पर आपका हक बनता है."

    "वनवासी का मतलब वो लोग जो जंगल में रहते हैं. जो आपका इतिहास है, आपकी भाषाएं हैं, आपके जीने का तरीका है, उसको ये शब्द मिटाने की कोशिश करता है. जब हम वनवासी कहते हैं तो उसके अंदर ये छुपा हुआ है कि वनवासियों को न जमीन का न जल का और न जंगल का अधिकार मिलना चाहिए."

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    वहीं, इस बीच पीएम मोदी छत्तीसगढ़ में एक सभा को संबोधित कर रहे हैं.

    पीएम मोदी ने रैली के दौरान कांग्रेस पर आरोप लगाया कि आज़ादी के बाद दशकों तक ग़रीबों की ज़रूरतों को कांग्रेस की सरकारों ने नजरअंदाज किया.

    उन्होंने कहा, "कांग्रेस ने कभी गरीब की चिंता नहीं की, उसकी परेशानियों को नहीं समझा. कांग्रेस परिवार के अमीरों को कभी महंगाई का मतलब समझ ही नहीं आया.''

    पीएम मोदी ने कहा, "दुनिया में कोविड का महासंकट आया, लोग कहते थे कि भारत कैसे बचेगा? कांग्रेस के अमीरों की सरकार के समय देश में बीमारी का टीका आने में दशकों लग जाते थे."

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  13. सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात यूनिवर्सिटी मानहानि केस में संजय सिंह की याचिका ख़ारिज की

    संजय सिंह

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    शराब नीति मामले में ज़मानत पर रिहा आम आदमी पार्टी नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह को सुप्रीम कोर्ट से गुजरात यूनिवर्सिटी मानहानि केस में राहत नहीं मिली है.

    संजय सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर निचली अदालत में चल रहे अपने खिलाफ़ मानहानि के मुकदमे को रद्द करने की मांग की थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिग्री को लेकर संजय ने गुजरात की एक यूनिवर्सिटी पर टिप्पणी की थी.

    इसके साथ ही गुजरात हाईकोर्ट ने संजय सिंह और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ निचली अदालत से जारी समन रद्द करने से पहले ही मना कर दिया था.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री को लेकर संजय सिंह और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुजरात यूनिवर्सिटी के बारे में विवादित टिप्पणी की थी.

    यूनिवर्सिटी ने इसे लेकर उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था. इसके बाद निचली अदालत की तरफ से पेशी को लेकर आप सांसद को समन भेजा जा रहा था.

    इस केस में संजय सिंह और केजरीवाल को बीते साल अप्रैल, सितंबर और अक्टूबर में समन भेजा गया था.

  14. मालदीव की पूर्व मंत्री को भारत को लेकर एक बार फिर मांगनी पड़ी माफ़ी

    मरियम शिउना

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    मालदीव की निलंबित मंत्री मरियम शिउना ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर माफ़ी मांगी है.

    उन्होंने देश की विपक्षी पार्टी मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) के ख़िलाफ़ एक ट्वीट किया था जिसमें अशोक चक्र जैसा एक प्रतीक था, इसे लेकर विवाद खड़ा हो गया.

    बढ़ते विवाद के बीच उन्होंने एक्स पर लिखा- “मैं अपनी एक हालिया सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर बात करना चाहती हूं जिसकी लोग आलोचना कर रहे हैं. मेरी पोस्ट को लेकर पैदा हुए कंफ्यूजन और अगर उससे किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो मैं माफ़ी मांगती हूं."

    "यह मेरे ध्यान में लाया गया कि मालदीव की विपक्षी पार्टी एमडीपी को जवाब देते हुए मैंने जो तस्वीर इस्तेमाल की वह भारत के झंडे से मिलती-जुलती है. भविष्य में मैं जो शेयर करूंगी उसे लेकर और सावधान रहूंगी. ”

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    शिउना की पोस्ट में एमडीपी के पोस्टर पर कम्पास की जगह अशोक चक्र जैसा प्रतीक चिन्ह लगाया गया था. इसे लेकर विवाद हुआ.

    ये मामला ऐसे समय आया है जब भारत और मालदीव के बीच रिश्तों में थोड़ी दूरी आई है.

    मालदीव के नए राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ू देश के सभी भारतीय सैनिकों की वापसी के आदेश दे चुके हैं.

    इससे पहले उनके दो जूनियर मंत्रियों जिनमें शिउना भी शामिल हैं, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लक्ष्यदीप दौरे पर विवादित बयान दिया था जिसके बाद भारत में सोशल मीडिया पर 'बायकॉट मालदीव' ट्रेंड होने लगा था.

    भारत ने इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी और मुइज़्ज़ू ने इन मंत्रियों को निलंबित किया था.

  15. शराब नीति केस में के. कविता की ज़मानत याचिका हुई ख़ारिज

    के कविता

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    दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली की शराब नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में बीआरएस नेता के. कविता की ज़मानत याचिका ख़ारिज कर दी है.

    कानूनी मामलों पर रिपोर्ट करने वाली वेबसाइट बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार राउज़ एवेन्यू कोर्ट की स्पेशल जज (पीसी एक्ट) कावेरी बावेजा ने 4 अप्रैल को आदेश सुरक्षित रखने के बाद सोमवार को फैसला सुनाया.

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    कविता को 15 मार्च को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने हैदराबाद से गिरफ्तार किया था. वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में हैं.

    बीते दिनों आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह को दिल्ली शराब नीति केस में ज़मानत मिली है.

    इस केस में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसौदिया इस वक्त तिहाड़ जेल में हैं.

  16. कंगना रनौत ने बीफ़ खाने के कांग्रेस नेता के बयान पर दिया जवाब

    कंगना रनौत

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    अभिनेत्री कंगना रनौत को बीजेपी ने मंडी सीट से उम्मीदवार बनाया है.

    उन्हें लेकर कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने दावा किया कि वो बीफ़ खाती थीं. इसे लेकर कंगना ने एक्स पर बयान जारी किया है.

    उन्होंने कहा कि 'मैं ना तो बीफ़ खाती हूं और ना ही रेड मीट खाती हूं.'

    उन्होंने एक्स पर लिखा- “मैं बीफ़ या किसी तरह का रेड मीट नहीं खाती. यह शर्मनाक है कि मेरे बारे में पूरी तरह से आधारहीन अफवाहें फैलाई जा रही हैं. मैं दशकों से यौगिक और आयुर्वेदिक जीवन शैली का प्रचार कर रही हूं.”

    “ऐसा रणनीति मेरी छवि खराब करने के लिए काम में नहीं आएगी, क्योंकि लोग मुझे जानते हैं कि मुझे हिंदू होने पर गर्व है और कोई भी चीज़ कभी गुमराह नहीं कर सकती. जय श्री राम.”

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    कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने आरोप लगाया था कि कंगना रनौत ने पिछले दिनों कहा था कि वो बीफ़ खाती है.

    वडेट्टीवार ने कहा था, ''बीजेपी ने उन कंगना रनौत को टिकट दिया, जिन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था कि उन्हें बीफ़ पसंद था और वो खाती थीं.''

  17. कन्हैया कुमार ने कहा- 400 पार का नारा बीजेपी का डर दिखाता है

    कन्हैया कुमार

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    बीजेपी ने साल 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए ‘एनडीए 400 पार’ का नारा दिया है.

    कांग्रेस नेता और जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने कहा है कि ये नारा ‘परसेप्शन मैनजमेंट’ करने की कोशिश है.

    कन्हैया कुमार का कहना है कि इस तरह के दावे वास्तविकता को बदलने की एक "दुर्भावनापूर्ण कोशिश" हैं और सत्तारूढ़ पार्टी की हार के डर को दिखाते हैं.

    उन्होंने इस दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर ऐसा है तो फिर बीजेपी उन नेताओं को पार्टी में क्यों शामिल कर रही है जो कांग्रेस में रहते हुए चुनाव नहीं जीत सके और ''इस्तेमाल किए हुए कारतूस'' की तरह हैं.

    उन्होंने कहा- “अगर कोई इसे करीब से देखे तो यह बीजेपी की हताशा और हार के डर को दर्शाता है. क्या आपने सुना है कि भारतीय क्रिकेट टीम ऑस्ट्रेलिया के साथ मैच खेलने गई है और मैच से पहले वे कह रहे हैं, 400 पार? वे ऐसी बात नहीं कहते, वे कहते हैं कि 'हम अच्छा खेलेंगे और वर्ल्ड कप जीतेंगे.”

  18. कांग्रेस को मनमुताबिक नतीजे नहीं मिले तो राहुल गांधी को हट जाना चाहिए- प्रशांत किशोर

    प्रशांत किशोर

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    राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने सुझाव दिया है कि अगर कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में उम्मीद के मुताबिक़ नतीजे नहीं मिलते हैं तो राहुल गांधी को पीछे हटने पर विचार करना चाहिए.

    समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सभी व्यावहारिक रूप से अपनी पार्टी चला रहे हैं और पिछले 10 सालों में कुछ ना कर पाने के बावजूद वह ना तो पीछे हट सके हैं और ना ही कांग्रेस का नेतृत्व किसी और को दे पा रहे हैं.

    प्रशांत किशोर ने कहा- “मेरे हिसाब से ये अलोकतांत्रिक है.”

    प्रशांत किशोर ने कांग्रेस का रिवाइवल प्लान बनाया था लेकिन पार्टी नेतृत्व से कुछ मुद्दों पर असहमति होने के बाद उन्होंने खुद को अलग कर लिया था.

    किशोर ने कहा, “जब आप पिछले 10 सालों से बिना किसी सफलता के एक ही काम कर रहे हैं, तो ब्रेक लेने में कोई बुराई नहीं है. आपको इसे किसी और को पांच साल के लिए देना चाहिए जैसा आपकी मां ने किया था.”

    सोनिया गांधी ने अपने पति राजीव गांधी की हत्या के बाद राजनीति से दूर रहने और 1991 में पीवी नरसिम्हा राव को कार्यभार संभालने की ज़िम्मेदारी दी थी.

  19. 'वारिस पंजाब दे' के प्रमुख अमृतपाल सिंह की मां को पुलिस ने किया गिरफ़्तार

    अमृतपाल सिंह

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    अमृतपाल सिंह की मां को रविवार को अमृतसर में गिरफ़्तार कर लिया गया.

    सोमवार को वो अमृतपाल सिंह को असम की डिब्रूगढ़ जेल से पंजाब की जेल में ट्रांसफर करने की मांग को लेकर मार्च निकालने वाली थीं.

    'वारिस पंजाब दे' संगठन के प्रमुख अमृतपाल को पिछले साल अप्रैल में गिरफ़्तार किया गया था और उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाया गया था.

    इस समय वो और उनके साथ के नौ लोग असम के डिब्रूगढ़ जेल में हैं.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, डिप्टी कमिश्नर आलम विजय सिंह ने रविवार को बताया कि अमृतपाल की मां बलविंदर कौर को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, ये एहतियाती तौर पर की गई गिरफ़्तारी है.

    पुलिस ने बताया कि अमृतपाल के चाचा सुखचैन सिंह और तीन अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है.

    ये गिरफ्तारी 'चेतना मार्च' निकाले जाने से एक दिन पहले की गई. अमृतपाल और नौ अन्य लोगों को असम की जेल से पंजाब की जेल में लाने की मांग को लेकर 8 अप्रैल को बठिंडा में तख़्त दमदमा साहिब से मार्च निकाला जाना था.

    बलविंदर कौर और गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों के परिजन 22 फरवरी से अमृतसर में स्वर्ण मंदिर के पास भूख हड़ताल पर बैठे थे.

  20. संयुक्त राष्ट्र ने यूक्रेन के ज़ापोरिज़िया न्यूक्लियर प्लांट पर हमले के बाद दी चेतावनी

    ज़ापोरिज़िया न्यूक्लियर प्लांट

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    संयुक्त राष्ट्र की परमाणु वॉचडॉग संस्था ने चेतावनी दी है कि यूक्रेन के ज़ापोरिज़िया पावर प्लांट पर हुए एक नए ड्रोन हमले से एक "बड़ी परमाणु दुर्घटना" का खतरा बढ़ गया है.

    रूस का कहना है कि यूक्रेन इस हमले के पीछे है जिसमें तीन लोगों की मौत हुई है. यूक्रेन ने इन आरोपों को ख़ारिज किया है.

    छह रिएक्टरों वाला ये प्लांट रूस के कब्ज़े में है और रूस-यूक्रेन संघर्ष की फ्रंटलाइन पर है.

    संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) बार-बार ऐसे हमलों के खिलाफ चेतावनी देती रही है.

    आईएईए प्रमुख राफ़ेल ग्रॉसी ने कहा कि रविवार का ड्रोन हमला "लापरवाही के साथ बिना प्लांट को ध्यान में रखे हुए" किया गया और अब "परमाणु सुरक्षा का ख़तरा मंडरा रहा है."

    दक्षिणी यूक्रेन में स्थित ज़ापोरिज़िया परमाणु प्लांट यूरोप का सबसे बड़ा प्लांट है.

    साल 2022 में यूक्रेन पर हमले के बाद ही रूस ने इस पर कब्ज़ा कर लिया था.

    आईएईए की एक टीम जो ज़ापोरिज़िया में मौजूद है उसने एक रिएक्टर सहित प्लांट पर "ड्रोन हमलों के असर" की पुष्टि की है.

    प्लांट पर रूसी-स्थापित प्रशासन ने कहा कि रेडिएशन का स्तर सामान्य है और कोई गंभीर नुकसान नहीं हुआ है.

    आईएईए ने भी कहा है कि न्यूक्लियर सुरक्षा में अभी कोई समझौता नहीं हुआ है, लेकिन चेतावनी दी है कि "इस घटना से रिएक्टर कमज़ोर ज़रूर हुए हैं जिससे गंभीर खतरा पैदा हुआ है.”