ग़ज़ा में घायलों और मरने वालों की भारी संख्या के बीच अस्पताल ने हाथ खड़े किए

दक्षिणी ग़ज़ा में जारी भीषण युद्ध के बीच ख़ान यूनिस के नासिर अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि मृतकों और घायलों की संख्या इतनी अधिक है कि 'हालात से नियंत्रण' ख़त्म हो गया है.

लाइव कवरेज

चंदन शर्मा

  1. ग़ज़ा में घायलों और मरने वालों की भारी संख्या के बीच अस्पताल ने हाथ खड़े किए

    ग़ज़ा

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    दक्षिणी ग़ज़ा में जारी भीषण युद्ध के बीच ख़ान यूनिस के नासिर अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि मृतकों और घायलों की संख्या इतनी अधिक है कि 'हालात पर नियंत्रण' ख़त्म हो गया है.

    उनके मुताबिक, अस्पताल में क्षमता से कहीं अधिक संख्या में हताहत पहुंच रहे हैं.

    अस्पताल के निदेशक नाहेद अबु तायमा ने बीबीसी को बताया कि "सैकड़ों की संख्या में घायल और मृतक अस्पताल पहुंच रहे हैं. ख़ान यूनिस में इसराइल की लगातार बमबारी के बीच हम ज़मीन पर और अस्पताल के कॉरिडोर मेंघायलों का इलाज करने को बाध्य हो रहे हैं. हमारे पास मेडिकल सप्लाई भी कम है."

    इस बीच यूएन वर्ल्ड फ़ूड प्रोग्राम के डिप्टी डायरेक्टर कार्ल स्काउ ने कहा कि फ़लस्तीनी क्षेत्र के 10 में से नौ लोगों को हर दिन भोजन नहीं मिल पा रहा है और आधी आबादी भुखमरी की शिकार है.

    जबालिया कैंप में लोग कई दिनों से भूखे प्यासे हैं और वहां के हालात बेहद ख़राब हो गए हैं.

    ग़ज़ा

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    इस बीच इसराइली सेना के प्रवक्ता ने कहा है कि वो ग़ज़ा पट्टी में मानवीय सहायता पहुंचाने की कोशिश कर रहा है.

    इसराइली डिफेन्स फोर्सेस के एक प्रवक्ता लेफ्टिनेन्ट कर्नल रिचर्ड हेच ने बीबीसी से कहा कि "हम और बॉर्डर क्रासिंग को भी खोल रहे हैं, ताकि अधिक संख्या में राहत सामग्री लेकर ट्रक ग़ज़ा पट्टी तक पहुंच सकें."

    उन्होंने कहा कि सीमा पार करने वाले सभी ट्रकों की पूरी जांच की जा रही है.

    इसराइल से जुड़ी केरेम शैलोम क्रासिंग पर सामानों की जांच का सिस्टम लगा दिया गया है.

    ग़ज़ा

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    बीते 24 घंटों में क्या हुआ?

    ख़ान यूनिस को इसराइली टैंकों ने दो तरफ़ से घेर रखा है. इसराइली सेना का कहना है कि यहां घरों और सुरंगों में लड़ाई हो रही है.

    ग़ज़ा में अगवा किए गए एक बंधक की मौत की उनके किबुत्ज़ ने पुष्टि की है. बंधक को छुड़ाने की इसराइली सेना असफल कोशिश की थी. मारे गए बंधक का नाम सहर बारूच है और परिजनों ने उनके शव को वापस लाने की मांग की है.

    इसराइली सेना ने कहा है कि उत्तरी ग़ज़ा में हमास के लड़ाकों के साथ भीषण लड़ाई जारी है. साथ ही इसराइली सेना ने पड़ोसी लेबनान पर हिज़्बुल्ला के कई टार्गेट को निशाना बनाया है.

    ग़ज़ा पट्टी में तत्काल युद्ध विराम को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में वोटिंग के दौरान अमेरिका के वीटो पर कई देशों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. ब्रिटेन ने वोटिंग से एब्स्टेन किया.

    इसराइली सेना

    इसराइल का आरोप

    इसराइल ने एक बार फिर हमास पर आरोप लगाया है कि वो “आम इमारतों” में छिपकर उसकी सेना पर हमले कर रहा है. उसका कहना है कि हमास के लड़ाकों ने उत्तरी ग़ज़ा में संयुक्त राष्ट्र राहत एजेंसी यूएनआरडब्ल्यूए के स्कूल और बेत हनॉन में एक मस्जिद का इस्तेमाल उस पर हमला करने के लिए किया है.

  2. बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य के खिलाफ़ एससीएसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज

      • Author, मोहर सिंह मीणा
      • पदनाम, जयपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए
    बालमुकुंद

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    जयपुर में मीट की दुकानें बंद करवाने के मामले से चर्चा में आए बीजेपी के विधायक बालमुकुंद आचार्य के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज.

    जयपुर के करधनी थाने में शनिवार को इस्तगासा (कोर्ट के आदेश पर) के ज़रिए बीजेपी के विधायक बालमुकुंद आचार्य के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज की गई है.

    सूरजमल रैगर ने एफ़आईआर में बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य उर्फ़ संजय शर्मा के ख़िलाफ़ मारपीट करने और जातिसूचक शब्द कहने के आरोप लगाए हैं.

    करधनी थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय दंड संहिता (एफआईआर) की धारा 341, 323 और एससी/एसटी एक्ट के तहत बालमुकुंद आचार्य और पुरुषोत्तम शर्मा के खिलाफ़ मुक़दमा दर्ज किया है.

    एफ़आईआर की कॉपी

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    इमेज कैप्शन, एफ़आईआर की कॉपी
  3. ग़ज़ा पट्टी की आधी आबादी भुखमरी की शिकार हो चुकी हैः संयुक्त राष्ट्र

    ग़ज़ा

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    मानवीय सहायता से जुड़े संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि ग़ज़ा की आधी आबादी भुखमरी की शिकार हो गई है.

    यूएन वर्ल्ड फ़ूड प्रोग्राम के डिप्टी डायरेक्टर कार्ल स्काउ ने कहा कि फ़लस्तीनी क्षेत्र के 10 में से नौ लोगों को हर दिन भोजन नहीं मिल पा रहा है और आधी आबादी भुखमरी की शिकार है.

    समाचार एजेंसी रायटर्स से उन्होंने कहा कि जितनी ज़ररूरत है उसका महज मामूली हिस्सा ही ग़ज़ा में आ पा रहा है.

    उन्होंने कहा कि ज़मीनी हालात इतने ख़राब हैं कि मानवीय सहायता पहुंचना लगभग असंभव हो गया है.

    ख़ान यूनिस में नासिर अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि सैकड़ों मृत और घायल लोगो के पहुंचने से उनकी टीम ने हालात पर ‘नियंत्रण खो’ दिया है.

  4. कांग्रेस सांसद धीरज साहू के पास से 200 करोड़ रुपये मिलने पर कांग्रेस ने क्या कहा?

    धीरज साहू

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    कांग्रेस के राज्य सभा सांसद धीरज साहू के यहां इनकम टैक्स अधिकारियों के छापे में 200 करोड़ से अधिक नकदी मिलने पर कांग्रेस ने सफ़ाई दी है.

    कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा है कि पार्टी का सांसद के कारोबार से कोई लेना-देना नहीं है.

    उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है, “सांसद धीरज साहू के बिज़नेस से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का कोई लेना-देना नहीं है. सिर्फ़ वही बता सकते हैं, और उन्हें यह स्पष्ट करना भी चाहिए, कि कैसे आयकर अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर उनके ठिकानों से इतनी बड़ी मात्रा में कैश बरामद किया जा रहा है.”

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    इनकम टैक्स अधिकारियों ने ओडिशा और झारखंड में कई जगहों पर छापेमारी कर धीरज साहू के यहां से 200 करोड़ रुपये से अधिक नकद बरामद किया.

    बीजेपी कांग्रेस नेता के यहां से इतनी बड़ी मात्रा में मिले कैश को लेकर कांग्रेस पर हमलावर है.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडया एक्स पर कहा कि जनता से लूटा गया पैसा लौटाना होगा.

    पीएम मोदी ने भी एक्स पर लिखा, "देशवासी इन नोटों के ढेर को देखें और फिर इनके नेताओं के ईमानदारी के 'भाषणों' को सुनें... जनता से जो लूटा है, उसकी पाई-पाई लौटानी पड़ेगी, यह मोदी की गारंटी है."

    जयराम रमेश

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    अब से थोड़ी देर पहले एसबीआई के रीजनल मैनेजर ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि "कुल 176 बैग में से अब तक 40 बैग में भरे नोटों की गिनती पूरी हो गई है."

    उन्होंने कहा कि, "काउंटिंग मशीन कम होने के कारण नोटों की गिनती का काम धीमी गति से हो रहा था, लेकिन अब मशीनों की संख्या बढ़ाई गई है. हमें उम्मीद है कि एक-दो दिन में ये काम पूरा कर लिया जाएगा."

    इनकम टैक्स छापा

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    23 नवंबर 1955 को रांची में जन्मे धीरज प्रसाद साहू तीन बार राज्यसभा सांसद रहे हैं.

    2018 में राज्य सभा के लिए चुने जाने की प्रक्रिया में धीरज साहू ने अपने हलफनामे में अपनी संपत्ति 34.83 करोड़ बताई थी.

    उन्होंने 2.04 करोड़ चल संपत्ति होने का दावा भी किया था.

  5. राजस्थान: सुखदेव सिंह गोगामेडी हत्याकांड में पुलिस ने की पहली गिरफ्तारी

      • Author, मोहर सिंह मीणा
      • पदनाम, जयपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए
    गोगामेडी

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    राष्ट्रीय करणी सेना प्रमुख सुखदेव सिंह गोगामेडी हत्याकांड मामले में राजस्थान पुलिस ने शनिवार को पहली गिरफ्तारी की है.

    जयपुर पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ के अनुसार, "हत्याकांड की साजिश में शामिल 23 साल के अभियुक्त रामवीर को गिरफ्तार किया गया है. अभियुक्त रामवीर हरियाणा में महेंद्रगढ़ ज़िले के सत्तनाली थाना इलाक़े के हैं."

    उन्होंने कहा है, "सुखदेव सिंह गोगामेडी हत्या के शूटर्स नितिन फौजी और रोहित राठौड़ को अभियुक्त रामवीर ने जयपुर में पूरी व्यवस्था उपलब्ध करवाई थी."

    अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कैलाश विश्नोई ने जारी बयान में कहा है, "गिरफ्तार रामवीर और नितिन फौजी घनिष्ठ दोस्त हैं और दोनों के गांव आसपास हैं. बारहवीं क्लास की पढ़ाई भी साथ की है."

    कैलाश विश्नोई के अनुसार, "नितिन फौजी साल 2019-20 में सेना में भर्ती हो गए थे. जबकि, रामवीर ने जयपुर से बीएससी और एमएससी की पढ़ाई के बाद गांव चले गए थे."

    "नितिन फौजी छुट्टियां लेकर गांव आए हुए थे और 9 नवम्बर को पुलिस टीम पर फायरिंग की और फरार हो गए. फरारी के दौरान नितिन ने रामवीर को जयपुर भेजा और होटल और परिचितों के फ्लैट पर रुकने की व्यवस्था करवाई."

    पुलिस के अनुसार, सुखदेव सिंह गोगामेडी हत्या के बाद दोनों अभियुक्तों को रामवीर ने मोटरसाइकिल से नागौर डिपो की बस में बैठा कर फरार करवाया.

    गोगामेडी

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    राजपूत करणी सेना प्रमुख सुखदेव सिंह गोगामेडी की बीते मंगलवार दोपहर जयपुर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

    श्याम नगर इलाक़े में उनके घर मिलने के बहाने आए तीन हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं. इस घटनाक्रम में एक हमलावर की भी मौत हो गई थी.

    सुखदेव सिंह गोगामेड़ी को गंभीर हालत में मानसरोवर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.

    पंजाब से सटे हनुमानगढ़ ज़िले के सुखदेव सिंह गोगामेड़ी राजपूत समाज के आक्रामक नेता के रूप में जाने जाते रहे हैं.

    वे साल 2017 में फिल्म पद्मावत के विरोध के दौरान देशभर में चर्चाओं में आए. फिल्म पद्मावत की जयपुर में हो रही शूटिंग के दौरान राजपूत करणी सेना ने फ़िल्म के सेट पर तोड़फोड़ और विरोध प्रदर्शन किया था. राजपूत करणी सेना ने फिल्म में शामिल किए कई सीन पर आपत्ति जताई थी.

    इस दौरान फिल्म निदेशक संजय लीला भंसाली को थप्पड़ मारने की घटना के बाद से सुखदेव सिंह गोगामेड़ी देशभर में सुर्खियों में रहे.

  6. हिमाचल प्रदेश में लड़कियों की शादी की उम्र 21 साल किए जाने के लिए कमेटी गठित

    विवाह

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    हिमाचल प्रदेश में लड़कियों की शादी की उम्र को 21 साल किए जाने के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के बयान के बाद सरकार ने इस मामले में विचार करने के लिए एक कमेटी गठित की है.

    शुक्रवार को एक बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में लड़कियों की शादी की उम्र को बढ़ाने को लेकर विचार करने के लिए एक कमेटी गठित की गई और इस संबंध में छह दिसम्बर को नोटिफ़िकेशन जारी कर दिया गया था.

    इस कमेटी की अध्यक्ष सोशल जस्टिस एंड एम्पावरमेंट सेक्रेटरी एम. सुधा देवी हैं.

    मुख्यमंत्री ने कहा था कि सरकार महिलाओं की शादी की उम्र को 21 किए जाने के लिए कानूनी विकल्प तलाश रही है.

    विवाह के लिए महिलाओं की न्यूनतम उम्र को 18 से बढ़ाकर 21 करने की दिशा में केंद्र सरकार की कोशिशें लंबे समय से जारी हैं.

    पिछले साल ही केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी लोकसभा में शादी की उम्र को 18 से बढ़ाकर 21 साल करने से संबंधित बिल पेश कर चुकी हैं.

  7. विवादों में रहे भारतीय कुश्ती महासंघ के चुनाव की तारीख़ ऐलान

    कुश्ती संघ

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    भारतीय कुश्ती महासंघ का चुनाव 21 दिसम्बर को होगा और उसी दिन नतीजे की घोषणा होगी.

    चुनाव कराने वाले रिटर्निंग अफ़सर जस्टिस (रिटायर्ड) एमएम कुमार की ओर से शनिवार को जारी एक बयान के अनुसार, मतगणना और नतीजों की घोषणा उसी दिन कर दी जाएगी.

    बयान के अनुसार, चुनाव परिणाम पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के समक्ष लंबित याचिका के नतीजे के अधीन होगा.

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    ये चुनाव विशेष जनरल बॉडी की बैठक के दिन होगा और 7 अगस्त को निर्वाचन सूची के आधार पर होगा.

    इससे इन आशंकाओं पर विराम लग गया है कि पूरी चुनाव प्रक्रिया नए सिरे से शुरू करनी होगी.

    बयान में कहा गया है, “चुनाव के लिए तैयारी के सभी चरण और उम्मीदवारों की सूची को सात अगस्त को ही अंतिम रूप दिया जा चुका है.”

    इसके अनुसार, भारतीय कुश्ती महासंघ के चुनाव के एक दिन पहले ही पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 11 अगस्त को रोक लगा दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने स्टे को हटा दिया इसलिए चुनावी प्रक्रिया के लिए नया शेड्यूल जारी किया गया है.

    बृज भूषण शरण सिंह

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    कुश्ती महासंघ का चुनाव कई बार टल चुका है और हाईकोर्ट के स्टे को सुप्रीम कोर्ट द्वारा हटाए जाने के बाद अब यह संभव हो पा रहा है.

    इंडियन ओलंपिक संघ ने कुश्ती महासंघ की रोज़ाना की गतिविधि के लिए एक एडहॉक पैनल गठित किया गया था जिसका प्रमुख भारतीय वुशु संघ के चीफ़ भूपेंदर सिंह बाजवा को बनाया गया था. क्योंकि संघ के मुखिया बृज भूषण शरण सिंह को महिला कुश्ती खिलाड़ियों के यौन शोषण के आरोपों के बाद खेल मंत्रालय ने हटा दिया था.

    जंतर मंतर पर प्रदर्शन

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    बृज भूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ ओलंपिक पदक विजेता बजरंग पुनिया, विनेश फोगाट और साक्षी मलिक समेत कई खिलाड़ी दो महीने तक दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन करते रहे थे.

    बृज भूषण बीजेपी के सांसद भी हैं और उन्होंने बार बार इन आरोपों से इनकार किया है.

    भारतीय कुश्ती महासंघ की चुनावी प्रक्रिया जुलाई में ही शुरू हो गई थी लेकिन अदालती मुकदमों की वजह से इसमें देर होती रही.

    समय से चुनाव न करा पाने के कारण इंटनरनेशनल फ़ेडरेशन यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग की ओर से भारतीय कुश्ती महासंघ को निलंबित कर दिया गया था.

    इसीलिए भारतीय कुश्ती खिलाड़ी भारतीय कुश्ती महासंघ की बजाय यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग के बैनर तले अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शामिल हो रहे हैं.

  8. अमित शाह की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में शिरकत को लेकर क्या बोले नीतीश कुमार?

    फ़ाइल फ़ोटो

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    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कल (रविवार को) बिहार की राजधानी पटना में होंगे. वो पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक की अध्यक्षता करेंगे.

    इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आमने सामने होंगे. नीतीश कुमार ने आज (शनिवार को) इस बारे में पूछे गए सवाल पर प्रतिक्रिया दी.

    बिहार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, "कल बैठक में सभी लोग मौजूद रहेंगे, सभी राज्य जो कहना चाहते हैं वही कहेंगे. हम सभी का स्वागत करेंगे."

    नीतीश कुमार उपाध्यक्ष के रूप में मौजूद रहेंगे.

    नीतीश कुमार लंबे समय तक एनडीए का हिस्सा रहे हैं. बीते साल एनडीए से अलग होकर उन्होंने बिहार में राष्ट्रीय जनता दल के साथ मिलकर सरकार बनाई. बीजेपी की अगुवाई वाले एनडीए को चुनौती दे रहे विपक्षी दलों के गठजोड़ 'इंडिया' के गठन में उनकी भूमिका सबसे अहम मानी जाती है.

    पिछले कुछ महीनों से इंडिया गठबंधन में तनाव की ख़बरें हैं और गठबंधन की अगली रणनीति को लेकर नीतीश कुमार की चुप्पी भी चर्चा में रही है.

    बेंगलुरू में इंडिया गठबंधन की बैठक से नीतीश कुमार के अचानक चले आने और उसके कुछ दिन बाद अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर दिल्ली मे उनकी समाधि पर नीतीश कुमार के जाने से अटकलों का बाज़ार गर्म हुआ था.

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    बैठक में कौन-कौन लेगा हिस्सा?

    पूर्वी क्षेत्रीय परिषद में बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड आते हैं. आधिकारिक बयान के अनुसार इस बैठक में इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों के शामिल होने की उम्मीद है.

    इस बैठक में मोटे अनाज़ों के न्यूनतम समर्थन मूल्य से लेकर खनन, कुछ विशेष वस्तुओँ पर केंद्रीय वित्तीय मदद, भूमि अधिग्रहण, डायरेक्ट बेनेफ़िट ट्रांसफ़र स्कीम, राज्य पुनर्गठन और क्षेत्रीय स्तर के साझा मुद्दों पर चर्चा होगी.

    राज्य पुनर्गठन क़ानून 1956 की धारा 15-22 के तहत 1957 में देश में पांच क्षेत्रीय परिषदों का गठन किया गया था. इन पांचों परिषदों के अध्यक्ष केंद्रीय गृह मंत्री होते हैं जबकि मुख्यमंत्री केंद्र शासित प्रदेशों के उप राज्यपाल इसके सदस्य होते हैं.

  9. बसपा से निलंबित दानिश अली बोले, '...ये अगर जुर्म है तो आगे भी करूंगा'

    दानिश अली

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    बसपा से निलंबन के बाद सांसद दानिश अली ने पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वो भाजपा की जनविरोधी नीतियों का विरोध जारी रखेंगे और इसकी सज़ा भुगतने के लिए तैयार हैं.

    उन्होंने कहा, "मुझे हमेशा बहन जी (मायावती) का बहुत समर्थन मिला है लेकिन उनका आज का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है."

    उन्होंने कहा, "मैंने अपनी पूरी मेहनत और लगन के साथ बसपा को मजबूत करने का प्रयास किया और कभी भी कोई पार्टी विरोधी काम नहीं किया. मैंने भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों का विरोध जरूर किया है और आगे भी करता रहूंगा."

    उन्होंने कहा, "चंद पूंजीपतियों की लूट के खिलाफ मैंने आवाज़ उठाई है और आगे भी उठाता रहूंगा, यदि ऐसा करना जुर्म है तो मैंने जुर्म किया है और मैं इसकी सज़ा भुगतने के लिए तैयार हूं."

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    बीएसपी के नेशनल जनरल सेक्रेटरी सतीश चंद्र मिश्रा की ओर जारी एक वक्तव्य में कहा गया है कि दानिश अली को इससे पहले भी कई बार पार्टी की ओर से चेतावनी जारी की गई थी.

    पिछले कुछ महीनों से दानिश अली चर्चा में रहे हैं. नई संसद के उद्घाटन के लिए बुलाए गए विशेष सत्र में बीजेपी सांसद रमेश बिधुड़ी ने उनके ख़िलाफ़ 'अपमानजनक' और 'सांप्रदायिक अपशब्द' कहे थे. इसे लेकर काफ़ी विवाद हुआ था.

    तृणमूल कांग्रेस की सांसद रहीं महुआ मोइत्रा को 'पैसे लेकर सवाल पूछने' के मामले में गठित संसद की एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट में भी दानिश अली को लेकर प्रतिकूल टिप्पणी की गई थी.

    महुआ मोइत्रा को शुक्रवार को इस मामले में संसद से निष्कासित कर दिया गया.

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  10. राजस्थानः विधायकों की बैठक बुलाई गई, लेकिन क्या दिल्ली से तय हो चुका सीएम का नाम?

      • Author, मोहर सिंह मीणा
      • पदनाम, जयपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए
    वसुंधरा

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    राजस्थान विधानसभा चुनाव में बीजेपी को पूर्ण बहुमत मिलने के बावजूद छह दिन बाद भी मुख्यमंत्री का नाम तय नहीं हो सका है.

    राजस्थान में पहली बार बीजेपी में मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर इतनी उठापटक देखने को मिल रही है. मुख्यमंत्री कौन होगा इसे लेकर कई नामों पर चर्चा हो रही है.

    बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा शनिवार रात क़रीब आठ बजे विधायकों से चर्चा करेंगे. प्रदेश में इस कवायद के बीच ये माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा दिल्ली से ही होगी.

    जबकि, राजनाथ सिंह के नेतृत्व में गठित तीन सदस्यों की पर्यवेक्षक टीम भी आज देर शाम तक जयपुर पहुंच जाएगी.

    पर्यवेक्षक रविवार को जयपुर में विधायक दल की बैठक करेंगे. इसमें मुख्यमंत्री के नाम को लेकर चर्चा होगी.

    हालांकि, बीजेपी के एक नेता ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा है, "मुख्यमंत्री का नाम नरेंद्र मोदी और अमित शा पहले से तय कर चुके हैं, अब सिर्फ़ घोषणा होना बाक़ी है. विधायक दल की बैठक महज़ औपचारिकता है."

    सीएम पद के लिए तिजारा से विधायक चुने गए बालकनाथ का नाम चर्चाओं में बना हुआ था.

    उन्होंने भी आज एक बयान जारी कर मुख्यमंत्री पद के लिए अपने नाम की चर्चाओं पर विराम लगा दिया है.

    बालकनाथ ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा है, 'मुझे पार्टी व माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में जनता ने पहली बार सांसद व विधायक बना कर राष्ट्रसेवा करने का अवसर दिया है. चुनाव परिणाम आने के बाद से मीडिया व सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं को नज़र अंदाज़ करें. अभी मुझे माननीय प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में बहुत अनुभव प्राप्त करना है.'

    इधर, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे दो दिन से दिल्ली में हैं, उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व के साथ बैठकें की हैं. वसुंधरा राजे समर्थक क़रीब तीस विधायक उनसे जयपुर आवास पर मुलाकात कर चुके हैं. इन मुलाकातों की वसुंधरा राजे के शक्तिप्रदर्श के तौर पर देखा जा रहा है.

    माना जा रहा है कि बीजेपी अब वसुंधरा राजे की जगह किसी नए चेहरे को प्रदेश में सरकार की कमान सौंप सकती है. जबकि, समर्थक विधायकों ने वसुंधरा राजे को ही मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग रखी है.

  11. ग़ज़ा युद्धः इसराइल ने जहां फ़लस्तीनियों को जाने को कहा वो जगह हीथ्रो से भी छोटी है

    ग़ज़ा में फ़लस्तीनी बेहद मुश्किल हाल में रहने को मजबूर हैं

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    इमेज कैप्शन, ग़ज़ा में फ़लस्तीनी बेहद मुश्किल हाल में रहने को मजबूर हैं

    ग़ज़ा में जारी संघर्ष के बीच इसराइली सेना ग़ज़ा के लोगों से लगातार एक मानवीय ज़ोन की तरफ़ जाने को कह रही है.

    ग़ज़ा के बीस लाख लोगों को जिस इलाक़े में जाने के लिए कहा जा रहा है वो क्षेत्रफल में लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट से भी छोटा है.

    जिस अल मवासी इलाक़े में जाने के लिए फ़लस्तीनी लोगों से कहा गया है वह भूमध्य सागर के किनारे ज़मीन की एक पतली पट्टी है. यहां गिनी-चुनी इमारतों के अलावा रेत के टीले और कृषि भूमि है.

    इसराइल की सेना ने इसे सुरक्षित ज़ोन घोषित किया है. लेकिन इसका क्षेत्रफल मात्र 8.5 वर्ग-किलोमीटर है.

    7 अक्तूबर को युद्ध शुरू होने के बाद से क़रीब 18 लाख फ़लस्तीनी लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है.

    रीम अब्द राबु पिछले कुछ सप्ताह से अपने चार लोगों के परिवार के साथ इस इलाक़े में टेंट में रह रही हैं.

    रीम अब्द राबु पहले उत्तरी ग़ज़ा से भागकर ख़ान यूनिस आईं थीं, लेकिन जब यहां आसपास के घरों पर बम गिरे तो वो ख़ान यूनिस से भी निकल गईं और उस जगह पर पहुंची जिसे इसराइल की सेना ने सुरक्षित बताया था.

    बीबीसी से बात करते हुए रीम अब्द राबु ने कहा है कि अल मवासी इंसानों के रहने लायक इलाक़ा नहीं है.

    उन्हों लगा था कि इस इलाक़े में कुछ सुरक्षा होगी, लेकिन जब वो यहां पहुंची तो पाया कि यहां मूलभूत सुविधायें भी नहीं हैं.

    बीबीसी से बात करते हुए उन्होंने बताया, यहां एक दिन पानी आता है और अगले दस दिनों तक नहीं आता. बाथरूम में भी पानी नहीं है. यही हाल बिजली का है.

    दो दिसंबर के बाद से आईडीएफ़ ने कम से कम पंद्रह बार लोगों से अल-मवासी इलाक़े में जाने की अपील सोशल मीडिया पर जारी की है.

    ग़ज़ा के अधिकतर इलाक़ों में बिजली, पानी और कनेक्टिविटी नहीं है.

  12. बसपा ने सांसद दानिश अली को पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए निलंबित किया

    दानिश अली

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    बसपा सांसद दानिश अली को पार्टी ने शनिवार को निलंबित कर दिया है.

    बीएसपी, उत्तर प्रेदश कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, दानिश अली को पार्टी विरोधी गतिविधियों की वजह से पार्टी से निलंबित कर दिया है.

    दानिश अली उत्तर प्रदेश के अमरोहा संसदीय क्षेत्र से बीएसपी सांसद हैं.

    बीबीसी से दानिश अली ने कहा कि उन्हें भी निलंबन का पत्र सोशल मीडिया पर दिखा है और उन्हें आधिकारिक रूप से अभी तक कोई सूचना नहीं है.

    बीएसपी के नेशनल जनरल सेक्रेटरी सतीश चंद्र मिश्रा की ओर जारी एक वक्तव्य में कहा गया है कि दानिश अली को इससे पहले भी कई बार पार्टी की ओर से चेतावनी जारी की गई थी.

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    दानिश अली को संबोधित वक्तव्य के अनुसार, “मौखिक रूप से अनेकों बार कहा गया कि आप पार्टी की नीतियों, विचारधारा एवं अनुशासन के विरुद्ध जाकर कोई भी बयानबाज़ी व कृत्य न करें, लेकिन इसके बाद भी आप लगातार पार्टी के विरुद्ध जाकर काम करते रहे हैं.”

    इसमें दानिश अली के अतीत के बारे में कहा गया कि 2018 में वो देवगौड़ा की जनता पार्टी के सदस्य थे और उस साल आम चुनाव में बहुजन समाज पार्टी और जनता पार्टी के साथ गठबंदन करके चुनाव लड़ा गया. इसके बाद देवगौड़ा के अनुरोध पर दानिश अली को अमरोहा से बसपा का उम्मीदवार बनाया गया.

    पिछले कुछ महीनों से दानिश अली चर्चा में रहे हैं. नई संसद के उद्घाटन के लिए बुलाए गए विशेष सत्र में बीजेपी सांसद रमेश बिधुड़ी ने उनके ख़िलाफ़ अपमानजनक और सांप्रदायिक अपशब्द कहे थे. इसे लेकर काफ़ी विवाद हुआ था.

    तृणमूल कांग्रेस की सांसद रहीं महुआ मोइत्रा को 'पैसे लेकर सवाल पूछने' के मामले में गठित संसद की एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट में भी दानिश अली को लेकर प्रतिकूल टिप्पणी की गई थी.

    महुआ मोइत्रा को शुक्रवार को इस मामले में संसद से निष्कासित कर दिया गया.

  13. नवाब मलिक पर विवाद एनसीपी को अपमानित करने के लिए खड़ा किया गयाः सुप्रिया सुले

    सुप्रिया सुले

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    महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के एनसीपी (अजित पवार गुट) नेता अजित पवार को राज्य के पूर्व मंत्री नवाब मलिक को लेकर लिखी चिट्ठी पर एनसीपी (शरद पवार धड़ा) सांसद सुप्रिया सुले ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.

    सुप्रिय सुले ने कहा, "यह बहुत दुख की बात है, नवाब मलिक ने बहुत मेहनत के साथ अपना करियर बनाया है. ऐसा क्या हो गया कि उन्होंने (देवेंद्र फडणवीस) खत लिखा फिर उसे मीडिया में लीक किया, यह सब एनसीपी को अपमानित करने के लिए किया जा रहा है."

    बीते गुरुवार को तब विवाद खड़ा हो गया जब विधानसभा के शीतकालीन सत्र में नवाब मलिक नागपुर पहुंचे.

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    फडणवीस ने एनसीपी नेता और उप-मुख्यमंत्री अजित पवार को चिट्ठी लिख कहा कि नवाब मलिक का सत्ताधारी गठबंधन में बने रहना उचित नहीं होगा.

    महाराष्ट्र में बीजेपी ने शिवसेना और राष्ट्रवादी पार्टी से अलग हुए गुटों के साथ मिलकर गठबंधन सरकार बनाई है जिसके मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे हैं. देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार, उप-मुख्यमंत्री हैं.

    दरअसल, ज़मानत पर जेल से बाहर आए महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री नवाब मलिक गुरुवार को नागपुर में विधानसभा सत्र में हिस्सा लेने पहुंचे.

    इसके बाद गुरुवार शाम उप-मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उप-मुख्यमंत्री अजित पवार को नवाब मलिक के गठबंधन में रहने पर चिट्ठी लिखी और फिर उसे सोशल मीडिया पर भी साझा कर दिया.

  14. ग़ज़ा युद्धः घरों, गलियों और सुरंगों में जारी भीषण संघर्ष, क्या हमास के संगठित पलटवार से निराश होगा इसराइल?

    ग़ज़ा में जहां जगह उपलब्ध है, फ़लस्तीनी लोगों के शव दफ़नाये जा रहे हैं

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    इमेज कैप्शन, ग़ज़ा में जहां जगह उपलब्ध है, फ़लस्तीनी लोगों के शव दफ़नाये जा रहे हैं

    यरूशलम में मौजूद बीबीसी संवाददाता हूगो बाशेगा के मुताबिक़ ग़ज़ा में इसराइली सेना का अभियान तीव्रता से जारी है.

    इसराइल पर सैन्य अभियान के दौरान नागरिकों को कम से कम नुक़सान पहुंचाने का दबाव भी बढ़ रहा है.

    हालांकि, नागरिकों की मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता ही जा रहा है.

    उत्तरी ग़ज़ा में इसराइल ने फिर से टैंक हमले शुरू किए हैं जबकि दक्षिणी ग़ज़ा में तेज़ लड़ाई चल रही है.

    ख़ान यूनिस में हमास के नेता याह्या सिनवार इसराइली सैन्य बलों के निशाने पर हैं. इसराइली अधिकारियों का कहना है कि हमास के नेता ख़ान यूनिस में छुपे हुए हैं.

    इसराइल का कहना है कि हमास का नेतृत्व ख़ान यूनिस की सुरंगों में छुपा हो सकता है.

    ख़ान यूनुस शहर इसराइल की बमबारी में बर्बाद हो रहा है

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    इमेज कैप्शन, ख़ान यूनिस शहर इसराइल की बमबारी में बर्बाद हो रहा है

    ख़ान यूनिस में लड़ाई गलियों में और घरों के भीतर चल रही है. कई जगहों पर इसराइली सेना के जवान और हमास के लड़ाके आमने सामने हैं.

    ब्रिगेडियर जनरल डेन गोल्डफस ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा है कि ख़ान यूनिस में लड़ाई ‘घरों और शाप्टों के बीच में चल रही है.’ शाफ़्ट से उनका मतलब सुरंगों से था.

    बीती रात हमास ने एक वीडियो जारी किया जिसमें इसराइली सेना के एक बंधक को छुड़ाने के बाद का माहौल दिखाया गया है.

    वीडियो के अंत में एक खून से लथपथ शव दिखाई देता है जो बंधक का माना जा रहा है. हालांकि इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.

    ख़ान यूनिस के एक अस्पताल मेें शनिवार की लड़ाई में घायल बच्चे

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    इसारइली सेना ने कहा है कि बंधक के परिवार को सूचित कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि हमास ‘मनोवैज्ञानिक युद्ध’ लड़ रहा है.

    वहीं बीबीसी के अंततराष्ट्रीय संपादक जेरेमी बोवेन के मुताबिक़, हमास की तरफ़ से जारी संगठित लड़ाई इसराइल को निराश कर सकती है.

    संयुक्त राष्ट्र परिषद में संघर्षविराम के ख़िलाफ़ अमेरिका के वीटो के बाद अब इसराइल के पास लड़ाई के लिए अधिक वक़्त होगा.

    जेरेमी बोवेन का मानना है कि जिस गति से लड़ाई चल रही है, उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि इसराइल को अपने सैन्य लक्ष्य हासिल करने में संघर्ष करना पड़ सकता है.

    टाइम्स ऑफ़ इसराइल की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, इसराइली सेना ने एक रिपोर्ट में कहा है कि उसे युद्ध के पहले चरण को पूरा करने में दो और महीनों का वक़्त लग सकता है.

    रफ़ाह इलाक़े में बर्बाद घर से लकड़ी निकालते फ़लस्तीनी

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    जो भी हो, इसराइल के लिए युद्ध का अंत आसान नहीं होगा. जेरेमी बोवेन मानते हैं कि ऐसा पल नहीं आएगा जब इसराइल ये कह पाए कि लड़ाई पूरी हुई और घर लौटने और पुनर्निर्माण करने का वक़्त आ गया है. इसराइल और हमास के बीच संघर्षों में पहले ऐसा ही होता रहा है.

    इस बार युद्ध पिछले सभी युद्धों से भीषण है और कई मामलों में अलग है. इसी वजह से इसमें शामिल कोई भी पक्ष ये नहीं कह सकता कि भविष्य में क्या होगा.

    हमास ना सिर्फ़ इसराइली इलाक़ों पर रॉकेट दाग रहा है बल्कि ग़ज़ा की गलियों में इसराइल के सामने लड़ रहा है और इसराइली सैनिकों को नुक़सान पहुंचा रहा है.

    शनिवार सुबह, ख़ान यूनुस में लगी आग को बुझाने की कोशिश करते अग्नीशमन दल के कर्मी

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    इमेज कैप्शन, शनिवार सुबह, ख़ान यूनुस में लगी आग को बुझाने की कोशिश करते अग्नीशमन दल के कर्मी

    इसराइल के पास अपार सैन्य क्षमता है. इसराइल का दावा है कि उसने चौबीस घंटों के अंतराल में ग़ज़ा में 450 ठिकानों पर ज़मीन, हवा और समंदर से निशाने साधे हैं.

    ग़ज़ा में भारी तबाही हुई है, लेकिन इसराइल अभी तक ये नहीं दिखा पाया है कि वो हमास को एक सैन्य संगठन के रूप में तोड़ सकता है.

    इसराइल जीत के दावे कर सकता है लेकिन अभी भी हमास एक सैन्य संगठन की तरह लड़ रहा है. इससे उन इसराइली लोगों को निराशा हो सकती है जो चाहते हैं कि ये युद्ध जल्द समाप्त हो.

    इसराइल ने इस युद्ध में विजय का पैमाना बहुत ऊंचा घोषित कर रखा है. इसराइल के प्रधानमंत्री और अन्य कमांडर ये कह चुके हैं कि इसराइल हमास को ख़त्म करके ही दम लेगा.

    इसराइल हमास को सिर्फ़ एक सैन्य शक्ति के रूप में ही नहीं बल्कि राजनीतिक शक्ति के रूप में भी ख़त्म करना चाहता है. लेकिन हमास की विचारधारा अब कुछ फ़लस्तीनी लोगों का हिस्सा भी है, ऐसे में ये उद्देश्य कुछ हद तक असंभव नज़र आता है.

  15. मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री के चुनाव का इंतज़ार और बढ़ा, सोमवार को हो सकता है फैसला

      • Author, शुरैह नियाज़ी
      • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, भोपाल से
    शुक्रवार को दिल्ली से लौट कर प्रहलाद पटेल ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाक़ात की.

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    इमेज कैप्शन, शुक्रवार को दिल्ली से लौट कर प्रहलाद पटेल ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाक़ात की.

    मध्यप्रदेश में परिणाम आने के छह दिन बाद भी भाजपा अपना मुख्यमंत्री नहीं चुन पाई और अब इसके लिये विधायकों को सोमवार तक का इंतज़ार करना पड़ेगा.

    भोपाल में विधायक दल की बैठक सोमवार को होगी और इसके लिये केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्त शुक्रवार को कर दी गई थी.

    मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश के उन क्षेत्रों में जा रहे हैं जहां पर पार्टी को कांग्रेस से हार का सामना करना पड़ा है.

    शिवराज सिंह चौहान ने राघौगढ़ में कहा कि वो लोकसभा चुनाव के प्रचार पर निकल चुके हैं. उन्होंने कहा, "मामा और भैया से बड़ा कोई पद नहीं होता."

    उधर, भाजपा ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, के. लक्ष्मण और आशा लाकड़ा को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है.

    यह बैठक दिसंबर 11 को शाम सात बजे रखी गई है.

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    मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल नेता दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं से मिल रहे हैं. दौड़ में शामिल प्रहलाद पटेल दिल्ली से भोपाल लौट आए हैं.

    उन्होंने शुक्रवार को कहा कि जल्द ही मुख्यमंत्री का फैसला हो जाएगा. इसमें देरी का वजह संसद सत्र चलना है.

    वहीं उन्होंने ख़ुद के मुख्यमंत्री बनने पर कुछ नहीं बोला लेकिन कहा कि प्रदेश के नंबर एक का राज्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी.

    19 साल के बाद यह पहला मौका है जब केंद्रीय पर्यवेक्षकों को प्रदेश में मुख्यमंत्री के चुनाव के लिये भेजा जा रहा है.

  16. छत्तीसगढ़ः संदिग्ध माओवादियों ने की बीजेपी नेता की हत्या, करोड़ों की दलाली का आरोप लगाया

      • Author, आलोक पुतुल, रायपुर से बीबीसी हिंदी के लिए
    छत्तीसगढ़

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    छत्तीसगढ़ के माओवाद प्रभावित नारायणपुर ज़िले में संदिग्ध माओवादियों ने भाजपा के एक नेता की हत्या कर दी है.

    माओवादियों ने एक लौह खदान में बीजेपी नेता की भूमिका को लेकर चेतावनी जारी की थी.

    बस्तर पुलिस के प्रवक्ता ने बताया, “शनिवार की सुबह 11 बजे के आसपास छोटेडोंगर क्षेत्रांतर्गत छोटेडोंगर खास के मुंडाटिकरा निवासी ग्रामीण कोमल मांझी की अज्ञात माओवादियों द्वारा 'दलाली' का आरोप लगाकर कुल्हाड़ी से मारकर हत्या कर दी.”

    मौक़े पर पर्चा मिला है, जिसमें आमदेई लौह खदान में कोमल माँझी की भूमिका का उल्लेख किया गया है.

    पुलिस के अनुसार, मामले में विस्तृत जानकारी एकत्र की जा रही है. इसके अलावा इलाक़े में स्थानीय पुलिस और आईटीबीपी के जवानों ने सर्च ऑपरेशन भी शुरू किया है.

    माओवादियों ने इससे पहले इसी साल फ़रवरी में छोटेडोंगर में ही बीजेपी के जिला उपाध्यक्ष सागर साहू की हत्या की थी. इसके अलावा दो अन्य भाजपा नेताओं की भी माओवादियों ने हत्या की थी.

    उसी दौरान ओरछा के बटुमपारा मार्ग पर बैनर लगा कर छोटेडोंगर के सरपंच हरी राम मांझी और बीजेपी के कोमल मांझी को हत्या की धमकी दी थी. हरी राम मांझी कांग्रेस से जुड़े रहे हैं, जबकि कोमल मांझी बीजेपी के नेता थे.

    इन दोनों नेताओं को धमकी दिए जाने की ख़बर के बाद पुलिस ने दोनों ही नेताओं की सुरक्षा की बात कही थी.

    पुलिस ने कहा था कि दोनों नेता लिखित में सुरक्षा माँगेंगे तो उन्हें सुरक्षा दी जाएगी.

    पिछले साल भर में एक दर्जन से अधिक बीजेपी नेताओं की हत्या हुई है जिसमें संदिग्ध माओवादियों का हाथ रहा है.

  17. फ़्रांसीसी राष्ट्रपति भवन में यहूदी धार्मिक उत्सव मनाने पर मैक्रों अपने ही देश में घिरे

    फ़्रांस के चीफ़ रब्बी के साथ मैक्रों

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    अपने आधिकारिक आवास, एलिसी पैलेस पर एक यहूदी कार्यक्रम में शामिल होने पर फ़्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पर फ़्रांसीसी गणतंत्र के सेक्युलर विचारों से विश्वासघात के आरोप लग रहे हैं.

    राष्ट्रपति मैक्रों ने फ़्रांस के प्रमुख रब्बी हाएम कोर्सिया को एक यहूदी प्रकाश पर्व 'हानुका' के मौके पर दीप प्रवज्जवलन के लिए आमंत्रित किया था.

    ऑक्सीटन प्रांत के सोसशलिस्ट प्रमुख कैरोल डेल्गा ने कहा कि 'एलिसी में धर्म की कोई जगह नहीं है और धर्मनिरपेक्षता से समझौता नहीं किया जाना चाहिए, जोकि 1905 से ही फ़्रांसीसी क़ानूनों द्वारा संरक्षित है.'

    मैक्रों ने अपना बचाव करते हुए कहा है कि 'उन्होंने कोई धार्मिक गतिविधि नहीं की है.'

    यह कार्यक्रम मैक्रों की यहूदीवाद-विरोध (एंटीसेमिटिज़्म) के ख़िलाफ़ कोशिशों के रूप में दिखाने की कोशिश थी, लेकिन इससे राजनीतिक विवाद पैदा हो गया है.

    प्रमुख दक्षिण पंथी नेता डेविड लिसनार्ड, जोकि केंस के मेयर भी हैं, उन्होंने कहा, "जहां तक मुझे पता है, ऐसा पहली बार हुआ है. यह धर्मनिरपेक्षता उल्लंघन है."

    कैरोल डेल्गा ने पूछा कि क्या मैक्रों अन्य धर्मों को लेकर भी ऐसा करेंगे?

    यहां तक कि कुछ यूरोपीय यहूदियों ने भी इस पर आपत्ति दर्ज कराई है.

    ग़ज़ा में इसराइल और हमास के बीच चल रहे युद्ध को लेकर फ्रांसीसी राष्ट्रपति संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं और इसी सिलसिले में उन्होंने ग़ज़ा में मारे जा रहे बच्चों और महिलाओं को लेकर बयान भी दिए थे.

    सात अक्टूबर को इसराइल पर हुए हमास के हमले के तुरंत बाद मैक्रों ने इसराइल का दौरा किया था और हमास के ख़िलाफ़ एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन का प्रस्ताव भी दिया था.

  18. ओवैसी को लेकर बीजेपी का बहिष्कार, तेलंगाना विधानसभा की बैठक शुरू, सीएम ने बांटे विभाग

    तेलंगाना

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    प्रोटेम स्पीकर के शपथ लेने के साथ ही तेलंगाना विधानसभा की बैठक शनिवार को शुरू हो गई. लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा की आज की बैठक का बहिष्कार करने का एलान किया है.

    एआईएमआईएम के विधायक अकबरउद्दीन ओवैसी को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया गया है.

    बीजेपी विधायक टी राजा सिंह के बाद अब केंद्रीय मंत्री और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष जी किशन रेड्डी ने भी ओवैसी की नियुक्ति का विरोध किया है.

    जी किशन रेड्डी ने कहा, ''बीजेपी प्रोटेम स्पीकर के तौर पर अकबरुद्दीन ओवैसी की नियुक्ति के ख़िलाफ़ है. इस पद पर वरिष्ठ विधायकों को बिठाने की परंपरा के यह ख़िलाफ़ है.''

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    रेड्डी ने इस मामले को लेकर राज्यपाल से मिलने का भी एलान किया है.

    उन्होंने कहा है कि उनकी पार्टी के विधायक प्रोटेम स्पीकर से शपथ ग्रहण करने का बहिष्कार करेंगे.

    रेड्डी ने कहा, ''स्थायी अध्यक्ष नियुक्त होने के बाद बीजेपी विधायक शपथ लेंगे.''

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    इस बीच मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अपने मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया है.

    इससे पहले राज्यपाल तमिलसाई सौंदर्यराजन ने शनिवार को अकबरुद्दीन ओवैसी को प्रोटेम स्पीकर पद की शपथ दिलाई.

    उन्होंने शुक्रवार को तेलंगाना विधानसभा का सत्र आयोजित करने की अधिसूचना जारी की थी.

  19. असम में 'स्वदेशी असमिया मुसलमानों' को लेकर हिमंत बिस्वा सरमा की कैबिनेट का फ़ैसला

      • Author, दिलीप कुमार शर्मा
      • पदनाम, गुवाहाटी से, बीबीसी हिंदी के लिए
    हिमंत बिस्वा सरमा

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    असम सरकार ने इंडिजिनस (स्वदेशी) असमिया मुसलमानों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति का पता लगाने के लिए घर-घर जाकर सर्वेक्षण करने का निर्णय लिया है.

    राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में शुक्रवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस सर्वेक्षण को मंजूरी दी गई.

    सरकार ने सर्वेक्षण कराने की ज़िम्मेदारी अल्पसंख्यक मामले और चर क्षेत्र निदेशालय को सौंपी गई है.

    असम सरकार ने करीब डेढ़ साल पहले राज्य के पांच समुदायों को 'स्वदेशी असमिया मुसलमान' के रूप में मान्यता दी थी. ये गोरिया, मोरिया, देशी, जुल्हा और सैयद समुदाय हैं.

    इन पांच स्वदेशी समुदायों की पहचान का फ़ैसला सरकार द्वारा गठित सात उप-समितियों की सिफ़ारिशों के आधार पर लिया गया था.

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    2011 की जनगणना के अनुसार, असम की कुल तीन करोड़ 12 लाख की आबादी में मुसलमानों का हिस्सा 34 फ़ीसदी से अधिक है.

    इनमें लगभग 42 लाख स्वदेशी असमिया मुसलमान बताए जाते हैं. हालांकि इनके सही आंकड़े इन पांचों समुदाय के सर्वेक्षण के बाद ही सामने आ पाएंगे.

    सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने असम के स्वदेशी अल्पसंख्यकों का सामाजिक आर्थिक मूल्यांकन कराने को लेकर कैबिनेट के फ़ैसले को सोशल मीडिया प्लेटफार्म 'एक्स' पर साझा किया है.

    कुछ दिन पहले सीएम ने कहा था कि ये निष्कर्ष सरकार को राज्य के स्वदेशी अल्पसंख्यकों के व्यापक सामाजिक-राजनीतिक और शैक्षिक उत्थान के उद्देश्य से उपयुक्त उपाय करने के लिए मार्गदर्शन करेंगे.

  20. ग़ज़ा युद्धः लेबनान में इसराइल की बमबारी, ख़ान यूनुस में धीमी रफ़्तार से बढ़ रहे इसराइली टैंक

    ख़ान यूनुस में आईडीएफ़ के सैनिकों घरों के भीतर अभियान चलाते हुए

    इमेज स्रोत, IDF

    इमेज कैप्शन, ख़ान यूनुस में आईडीएफ़ के सैनिकों घरों के भीतर अभियान चलाते हुए. ये तस्वीर आईडीएफ़ ने जारी की है

    इसराइली सेना का कहना है कि उसके लड़ाकू विमानों ने बीती रात हिज़बुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाकर कई हवाई हमले किए हैं.

    आईडीएफ़ ने कहा है कि जिन निशानों पर हमला किए गए उनमें ईरान समर्थित समूह हिज़बुल्लाह के के ऑपरेशनल केंद्र भी शामिल हैं.

    सेना ने बताया है कि बीती रात लेबनान की तरफ़ से इसराइल की तरफ़ कई प्रोजेक्टाइल भी दागे गए हैं.

    सेना ने दावा किया है कि जिन ठिकानों से लेबनान की तरफ़ से ये हमले किए गए थे उन्हें हवाई हमलों में निशाना बनाया गया है.

    आईडीएफ़ के टैंक

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    ग़ज़ा में दो महीने पहले युद्ध शुरू होने के बाद से ही हिज़बुल्लाह दक्षिणी लेबनान से इसराइल के सैन्य ठिकानों पर हमले कर रहा है. हालांकि हिज़बुल्लाह और इसराइल के बीच हमले सीमित ही रहे हैं.

    उधर, दक्षिणी ग़ज़ा के ख़ान यूनुस में इसराइली टैंक धीमी रफ़्तार से ख़ान यूनुस के केंद्रीय इलाक़ों की तरफ़ बढ़ रहे हैं.

    ये तस्वीरें आईडीएफ़ ने जारी की हैं

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    ख़ान युनूस में गलियों और घरों के भीतर लड़ाइयां होने की रिपोर्टें हैं. इसराइल की सेना ने कहा है कि ग़ज़ा में दो महीनों के अपनै सैन्य अभियान के दौरान वह सबसे मुश्किल लड़ाइयों का सामना कर रही है.

    ख़ान यूनुस की अधिकतर आबादी तटीय इलाक़ों या रफ़ाह बॉर्डर की तरफ़ भाग गई है.

    इसराइल ने बताया है कि शुक्रवार रात एक बंधक को छुड़ाने के प्रयास में उसके दो सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गए. इस बंधक को छुड़ाया नहीं जा सका.