हरियाणा: पलवल महापंचायत में वीएचपी बोली- पूरी करेंगे यात्रा, नूंह प्रशासन ने की कर्फ़्यू में ढील देने की घोषणा

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बीते दिनों हरियाणा के नूंह में हुई हिंसा के बाद रविवार को पलवल में एक महापंचायत हुई जिसमें विश्व हिंदू परिषद ने कहा कि मेवात में जो यात्रा अधूरी रह गई थी, उसे जल्द पूरा किया जाएगा.
नूंह में हंदु समाज की एक यात्रा के बाद हुए संप्रदायिक हिंसा के बाद से वहां तनाव का माहौल है. वहां अब तक इंटरनेट पर रोक लगाई गई थी, साथ ही कर्फ़्यू भी लगाई गई थी. शनिवार को ही वहां प्रशासन ने कर्फ्यू में ढील देने की घोषणा भी की है.
पलवल में हुई सर्व हिंदू समाज की महापंचायत में रविवार को विश्व हिंदू परिषद ने कहा कि बृजमंडल जलाभिषेक यात्रा जो पूरी हो नहीं हो पाई, उसे सावन के महीने के आख़िरी सोमवार यानी 28 अगस्त को पूरा किया जाएगा.
हरियाणा के मेवात के नूंह में 31 जुलाई को बृजमंडल जलाभिषेक यात्रा हुई थी. इसी दौरान हिंसा हुई थी जो बाद में राजधानी की सीमा के पास गुरुग्राम तक पहुंच गई थी.
हिंसा के बाद नूंह में कर्फ़्यू लगाया गया था जो अब तक लागू है.
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार नूंह के ज़िला मजिस्ट्रेट धीरेंद्र खड़गटा ने 14 और 15 अगस्त को ज़िले में सवेरे से शाम तक (सवेरे 6 बजे से लेकर शाम के 8 बजे तक) कर्फ़्यू में ढील देने की घोषणा की है.
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शनिवार को क्या हुआ?
अगस्त के पहले सप्ताह में मेवात के नूंह में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद शनिवार को पलवल के पोंडरी में महापंचायत हुई.
हाल के दिनों में हुई हिंसा के मद्देनज़र यहां महापंचायत से पहले कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी.
महापंचायत के बाद हिंदू महापंचायत से सदस्य रतन सिंह ने कहा कि पंचायत से 28 अगस्त को फिर से यात्रा निकालने का अनुरोध किया गया है जिसे पंचायत ने स्वीकार कर लिया है.
इसके बाद विश्व हिंदू परिषद ने भी एक बयान जारी कर कहा कि पलवल में हुई महापंचायत के फ़ैसला किया गया है कि मेवात में हुई हिंसा में जिन हिंदुओं की मौत हुई है उनके परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये और घायलों को 50-50 लाख रुपये दिए जाएंगे.
परिषद ने नूंह की घटना की जांच एनआईए से कराने की मांग की और कहा कि दोषियों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाए.
साथ ही परिषद ने हिंदुओं के दुकान, मकान व गाड़ियों को हुए नुक़सान की 100 फ़ीसदी क्षतिपूर्ति की भी मांग की.

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नूंह हिंसा: कब-कब क्या-क्या हुआ?
30 जुलाई: गौ-रक्षक मोनू मानेसर ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किया और हिंदुओं से अपील की कि वो नूंह ब्रजमंडल जलाभिषेक में शामिल हों. उन्होंने खुद भी यात्रा में शामिल होने की बात की. कुछ इसी दौरान एक और गौ-रक्षक बिट्टू बजरंगी ने भी कई वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि वो मेवात आ रहे हैं.
31 जुलाई: नूंह के नल्हर महादेव मंदिर में विश्व हिंदू परिषद के एक नेता का भाषण हुआ. उन्होंने दावा किया कि भारतीय मुसलमान दरअसल हिंदू थे, उनका जबरन धर्मांतरण कराया गया था. इसी दिन यात्रा के दौरान पथराव शुरू हुआ. कुछ देर बाद यहां गोलियां भी चलीं.
01 अगस्त: गुरुग्राम के सेक्टर 57 में भीड़ ने एक मस्जिद को आग लगा दी और यहां के डिप्टी इमाम को मार दिया. कुछ इलाक़ों में दुकानें भी जलाई गईं.
02 अगस्त: नूंह और गुरुग्राम में दंगों के विरोध में दिल्ली में हिंदुत्व संगठनों ने प्रदर्शन किए. दूसरी तरफ नूंह में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी.
स्थिति पर काबू पाने के लिए 13 अगस्त तक मोबाइल इंटरनेट पर पाबंदी लगाई गई थी.
प्रशासन ने 13 अगस्त को कहा कि 14 और 15 अगस्त को सवेरे 6 बजे से शाम 8 बजे तक कर्फ़्यू में ढील दी जाएगी.
























