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मणिपुर में स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास तेज़, सुरक्षा बलों की अतिरिक्त कंपनियां तैनात

मणिपुर में स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास तेज़, सुरक्षा बलों की अतिरिक्त कंपनियां तैनात

लाइव कवरेज

प्रियंका झा and मानसी दाश

  1. मणिपुर में स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास तेज़, सुरक्षा बलों की अतिरिक्त कंपनियां तैनात

      • Author, दिलीप कुमार शर्मा
      • पदनाम, गुवाहाटी से, बीबीसी हिंदी के लिए

    मणिपुर में जारी हिंसा की जांच कर रहे एक शीर्ष अधिकारी का कहना है कि कुकी महिलाओं को निर्वस्त्र कर परेड करवाने का वीडियो सामने आने के बाद से सरकार पर काफी दबाव बना है.

    इस अधिकारी ने अपना नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर बताया कि केंद्र और मणिपुर सरकार ने प्रदेश में जारी हिंसा को नियंत्रित करने के लिए अब अपनी कोशिशें तेज़ कर दी हैं.

    इस बीच क़ानून- व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार ने सुरक्षा बलों की कई और अतिरिक्त कंपनियां मणिपुर में तैनात की है. जबकि कुकी जनजाति और मैतेई समुदाय के बीच 3 मई से भड़की इस जातीय हिंसा को नियंत्रित करने के लिए राज्य में पहले से क़रीब 40 हज़ार सुरक्षा बल तैनात हैं.

    कई मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि गृह मंत्रालय ने मणिपुर के वायरल वीडियो मामले को सीबीआई को भेजने का फ़ैसला किया है.

    इसके साथ ही केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट में हलफ़नामा दाखिल कर वायरल वीडियो मामले की सुनवाई मणिपुर से बाहर कराने का अनुरोध करेगी.

    दरअसल, इससे पहले मणिपुर में क़ानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से प्रदेश में जातीय हिंसा को रोकने के लिए किए गए उपायों पर विस्तृत स्थिति रिपोर्ट मांगी थी.

    सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा था कि इसमें पुनर्वास शिविर, कानून व्यवस्था और हथियारों की बरामदगी जैसे विवरण होने चाहिए.

    कहा जा रहा है कि क़ानून-व्यवस्था में तेज़ी से सुधार के लिए सरकार ने क़रीब 35 हजार अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की बहाली की है जिनमें सेना से लेकर सीआरपीएफ, सीआईएसएफ,सीआरपीएफ के जवान शामिल हैं.

    राज्य में अतिरिक्त सुरक्षा जवानों की तैनाती के बारे में जांच अधिकारी ने बताया, "35 हजार जवानों की संख्या का सही आंकड़ा फिलहाल कंफर्म नहीं कर सकता. लेकिन बीते एक हफ्ते से कई किस्तों में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की कई कंपनियों की बहाली हुई है."

    "इन जवानों को अलग-अलग जगहों से यहां भेजा जा रहा है.अब सरकार स्थिति को काबू करने का पूरा प्रयास कर रही है. जो नुक़सान होना था हो चुका है लेकिन अब सरकार क़ानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार करने का हर संभव प्रयास करती दिख रही है."

    हालांकि सेना के एक जन संपर्क अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल अमित शुक्ला ने संपर्क करने पर केवल इतना कहा कि यह शायद अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती हो सकती है.अगर सेना की तैनाती होगी तो ज़रूर बताया जाएगा.

    इस बीच मणिपुर पुलिस ने कांगपोकपी जिले के सपेरमेना में रैपिड एक्शन फोर्स की दो बसों को जलाने के मामले में गुरुवार को एक किशोर सहित नौ लोगों को गिरफ्तार किया है.

    मंगलवार को कुछ प्रदर्शनकारियों इंफाल-दीमापुर को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर सपेरमेना में सुरक्षाबलों की दो बसों में आग लगा दी थी.

  2. मणिपुर: तनाव के बीच फैल रही हैं ग़लत जानकारियां

  3. इदरस ने रचा इतिहास, टी20 क्रिकेट का बनाया सबसे बड़ा रिकॉर्ड

    टी20 क्रिकेट में कई पुराने रिकॉर्ड टूटते और नए कीर्तिमान स्थापित होते देखे गए हैं.

    बल्लेबाज़ी में तो कई नए करामात तो लगभग हर दूसरे तीसरे मुक़ाबले में देखने को मिल ही जाता है लेकिन गेंदबाज़ी के लिहाज़ से टी20 क्रिकेट में उतने रिकॉर्ड नहीं बनते.

    टी20 क्रिकेट में एक बल्लेबाज़ के पास जहां आउट हुए बग़ैर पूरे 20 ओवर तक पिच पर डटे रहने का मौक़ा होता है वहीं गेंदबाज़ चाहे कितनी भी अच्छी गेंद क्यों न डाल रहा हो उसे अधिकतम चार ओवर ही डालने का मौक़ा ही मिलता है.

    इसके बावजूद ये गेंदबाज़ कई बार हैरतअंगेज कारनामे कर जाते हैं. ऐसा ही एक कारनामा मलेशिया के स्याज़रुल इदरस ने किया है.

    उन्होंने चीन के ख़िलाफ़ टी20 मैच में केवल आठ रन देकर रिकॉर्ड सात विकेट लेने का कारनामा किया है. यह घरेलू और अंतरराष्ट्रीय किसी भी टी20 मुक़ाबले में नया रिकॉर्ड है.

    वैसे घरेलू क्रिकेट में पहले भी सात विकेट लिए जा चुके हैं, जो 2019 में बर्मिंघम के ख़िलाफ़ लिसेस्टरशर के लिए खेलते हुए कॉलिन एकरमेन के नाम था जिन्होंने 18 रन देकर सात विकेट लिए थे.

    लेकिन अंतरराष्ट्रीय टी20 मुक़ाबले में यह पहली बार है जब किसी गेंदबाज़ ने सात विकेट लिए हैं.

    इदरस ने सभी बल्लेबाज़ों को बोल्ड किया?

    चीन और मलेशिया की टीमें आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप एशिया ‘बी’ क्वालिफ़ायर मुक़ाबले में आमने-सामने थीं.

    चीन ने टॉस जीता, पहले बल्लेबाज़ी ली और 12 रन जोड़ लिए थे.

    यहां से इदरस अलग ही मूड में नज़र आए. इसी स्कोर पर उन्होंने पहला विकेट लिया और इसके बाद अगले चार रन जोड़ने में चीन अपने पांच विकेट गंवा चुका था.

    ये पांचों विकेट इदरस ने लिए. चीन की टीम 23 रन ऑल आउट हो गई और स्याज़रुल इदरस ने चीन के सात खिलाड़ियों को पलेवलियन लौटाया.

    इदरस की गेंदबाज़ी कि सबसे बड़ी खासियत ये रही कि उन्होंने चीन के सातों बल्लेबाज़ों को बोल्ड किया. इदरस ने अपने चार ओवर में एक मेडन के साथ आठ रन देकर सात विकेट लिए.

    मलेशिया ने केवल 4.5 ओवर में दो विकेट पर 24 रन बना कर यह मुक़ाबला जीत लिया.

  4. नोएडा में ई-रिक्शे से 45 लाख रुपये कैश ले जा रहा था शख़्स, पुलिस ने किया गिरफ़्तार

    उत्तर प्रदेश में नोएडा पुलिस ने एक शख़्स को कथित तौर पर 45 लाख रुपये नकद और पांच फर्जी आधार कार्ड्स के साथ गिरफ़्तार किया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, गिरफ़्तारी के वक़्त वो शख़्स ई-रिक्शे से जा रहा था.

    नोएडा के एडिश्नल डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि गिरफ़्तार शख़्स हवाला का अवैध कारोबार करने वाले गैंग का सदस्य है.

    उन्होंने बताया, "नोएडा के सेक्टर 113 पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने सूचना के आधार पर कार्रवाई के बाद उस शख़्स को पकड़ा. उसके पास 45 लाख रुपये कैश और पांच फर्जी आधार कार्ड्स थे. ये गिरफ्तारी बुधवार को हुई."

    पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के अन्य सदस्यों को पकड़ने के लिए कार्रवाई की जा रही है.

    अभियुक्त को जेल भेज दिया गया है. उसके खिलाफ़ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत धोखाधड़ी और आपराधिक साज़िश का मामला दर्ज किया गया है.

  5. यूसीसी के ख़िलाफ़ केवल मुसलमान ही नहीं

  6. भारत बनाम वेस्टइंडीज़: पहले वनडे में महज़ 114 पर सिमटी मेज़बान टीम

    भारत और वेस्ट इंडीज़ के बीच चल रहे पहले एकदिवसीय मैच में वेस्ट इंडीज़ की टीम सिर्फ़ 114 बनाकर आउट हो गई है.

    भारत की तरफ़ से कुलदीप यादव ने चार और रविंद्र जाडेजा ने तीन विकेट लिए. इसके अलावा मुकेश कुमार, शार्दुल ठाकुर और हार्दिक पांड्या ने एक-एक विकेट झटका.

    ब्रिजटाउन में हो रहे इस मैच में भारत ने टॉस जीतकर पहले वेस्ट इंडीज़ को बल्लेबाज़ी करने को कहा.

    वेस्ट इंडीज़ की तरफ से शुरुआत की ब्रैंडन किंग और कायले मेयर्स ने, लेकिन तीसरे ही ओवर में हार्दिक पांड्या ने कायले का विकेट चटक लिया.

    उनके बाद मैदान पर उतरे एलिक अतानाज़े. उन्होंने जम कर खेलना चाहा और हार्दिक पांड्या, मुकेश कुमार और शार्दूल ठाकुर की गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का जड़ा.

    उन्होंने 18 गेंदों में 22 रन जोड़े लेकिन कुछ ही देर में मुकेश कुमार की गेंद पर वो जाडेजा को कैच दे बैठे और उन्हें पवेलियन लौटना पड़ा.

    शाइ होप और हेटमायर ने पारी को संभाला और स्कोर को 87 रनों तक लेकर गए. लेकिन हेटमायर का विकेट गिर गया और वेस्ट इंडीज़ की रनों की गति भी धीमी पड़ गई.

    वेस्ट इंडीज़ की टीम निर्धारित 50 ओवर तक खेल नहीं पाई बल्कि 23 ओवर में 114 रनों पर सिमट गई.

    टीम की तरफ से सबसे अधिक 43 रन शाइ होप ने बनाए. तीन खिलाड़ी शून्य के स्रकोर पर पवेलियन लौट गए जबकि चार खिलाड़ी पांच रन का आंकड़ा तक पार नहीं कर पाए.

    भारत के लिए रविंद्र जाडेजा ने तीन विकेट लिए जबकि कुलदीप यादव ने चार विकेट लिए. वहीं हार्दिक पांड्या, मुकेश कुमार और शार्दूल ठाकुर ने एक-एक विकेट लिए.

  7. ग्लोबल वार्मिंग का दौर ख़त्म, अब ग्लोबल बॉयलिंग का दौर शुरू: यूएन महासचिव

    ग्लोबल वॉर्मिंग का दौर ख़त्म हो गया है और अब ग्लोबल बॉयलिंग का दौर शुरू हो गया है. ये कहना है संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेश का.

    जलवायु परिवर्तन से जुड़ी एक रिपोर्ट जारी करते हुए गुटेरेश ने ये भी कहा कि इस साल का जुलाई महीना मानव इतिहास में दर्ज किया गया अब तक का सबसे गर्म महीना होने वाला है.

    गुटरेश ने कहा कि जुलाई महीने के पहले तीन सप्ताह के ताज़ा आंकड़े बताते हैं कि ये महीना अब तक अभूतपूर्व रूप से गर्म रहा है. यूरोप, उत्तरी अमेरिका और एशिया में लू चलने के कारण वैश्विक औसत तापमान में बढ़ोतरी हुई है.

    गुटेरेश ने कहा, "मानव इतिहास में जुलाई 2023 अब तक का सबसे गर्म महीना होने वाला है. इसके लिए हमें महीना ख़त्म होने का इंतज़ार करने की ज़रूरत नहीं है. जारी किए गए ताज़ा आंकड़े बताते हैं कि इस महीने इस महीने के तीन सप्ताह बेहद गर्म रहे हैं, इनमें से तीन दिन रिकॉर्ड गर्मी दर्ज की गई है और समंदर का तापमान भी बेहद अधिक रहा है."

    "इसका नतीजा स्पष्ट है, ये त्रसादी है. मॉनसून की बारिश बच्चों पर कहर बनकर बरस रही है, परिवार के परिवार जंगल की आग से बचकर भाग रहे, कामगार तपती गर्मी से जूझ रहे हैं. पूरी धरती के लिए ये एक आपदा है."

    उन्होंने कहा, "ग्लोबल वार्मिंग का दौर ख़त्म हो गया है और अब ग्लोबल बॉयलिंग का दौर शुरू हो गया है. हवा में सांस लेना मुश्किल है, गर्मी बर्दाश्त करना मुश्किल है और जीवाश्म ईंधन से मिलने वाले लाभ को देखते हुए जलवायु परिवर्तन रोकने की कोशिशें न करने को कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता."

    वहीं वर्ल्ड मेटेरोलॉजिकल ऑर्गेनाइज़ेशन ने कहा है कि हमें जीवाश्म ईंधन के इस्तेमाल को जल्द से जल्द कम करने की बेहद अधिक ज़रूरत है.

  8. अशोक गहलोत ने कहा- मेरा भाषण हटाया, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- गहलोत जी बीमार हैं

  9. अब्दुल कलाम के क़ुरान और गीता पढ़ने की कहानी

  10. दिल्ली में एसिड की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने से हाई कोर्ट ने किया इनकार

    दिल्ली हाई कोर्ट ने राजधानी में एसिड की बिक्री पर पूरी पाबंदी लगाने से इनकार कर दिया है और कहा है कि इसका असर व्यापार पर पड़ सकता है, साथ ही उन लोगों पर भी पड़ सकता है जिन्हें क़ानून के दायरे में रह कर इसका इस्तेमाल करते हैं.

    गुरुवार को मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि दिल्ली सरकार को ऐसिड की बिक्री से जुड़े मौजूदा नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए ताकि अपराध के लिए इसका इस्तेमाल न हो.

    चीफ़ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस संजीव नरूला की बेंच ने कहा कि एसिड की ग़ैर-क़ानूनी बिक्री या नियमों की अवहेलना करने वालों के ख़िलाफ़ अधिकारियों को निर्णायक कदम उठाने की ज़रूरत है.

    कोर्ट ने कहा, "सरकार को सुरक्षात्मक कदम सुनिश्चित करना चाहिए ताकि एसिड ग़लत लोगों के हाथ न लगे. हम पहले के बने नियमों को खारिज कर पूरी पाबंदी लगाने की बजाय हम दिल्ली सरकार से कहेंगे कि वो मौजूदा क़ानून का कड़ाई से पालन करे."

    कोर्ट ने कहा कि प्रदेश के अधिकारी क़ानून तोड़ने वालों पर भारी जुर्माना लगाकर इससे जुड़े अपराधों को रोक सकते हैं और लोगों को क़ानून का पालन करने के लिए उत्साहित कर सकते हैं.

    कोर्ट एसिड हमले से जुड़े एक मामले की सुनवाई कर रही थी जिसमें पीड़िता ने दुकानों पर एसिड की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगाने की गुहार लगाई थी.

  11. बिहार: सांप्रदायिक तनाव के बाद दरभंगा में 72 घंटों के लिए इंटरनेट सेवा बंद

      • Author, चंदन कुमार जजवाड़े
      • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, बिहार से

    बिहार के दरभंगा में प्रशासन ने इंटरनेट सेवाओं को 72 घंटों के लिए बंद कर दिया है.

    प्रशासन के मुताबिक़ सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफ़वाहों पर रोक लगाने के लिए यह फ़ैसला लिया गया है.

    दरभंगा के ज़िलाधिकारी राजीव रौशन ने बीबीसी को बताया है कि फिलहाल 72 घंटों के लिए इंटरनेट सेवा पर रोक लगाई गई है ताकि किसी तरह की अफ़वाह की वजह से सामाजिक सद्भाव न बिगड़े.

    इससे पहले दरभंगा में दो समुदायों के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी. बीते चार-पांच दिनों में कम से कम तीन मौक़ों पर दोनों पक्षों के बीच तनाव और हंगामा हुआ जिसे पुलिस हस्तक्षेप के बाद शांत कराया गया था.

    दरभंगा के ज़िलाधिकारी राजीव रौशन ने बताया है कि तीन-चार दिन पहले मुहर्रम के निशान (झंडे) को लेकर विवाद हुआ था, इसके अगले दिन करबला की मिट्टी लाने को लेकर भी विवाद हुआ था.

    वो कहते हैं कि बीते दिनों श्मशान भूमि पर एक शव को जलाने को लेकर भी दो समुदाय के बीच तनाव हुआ था. श्मशान की ज़मीन किसकी है इस पर दोनों पक्ष अपने-अपने दावे कर रहे थे.

    ज़िलाधिकारी के अनुसार सभी विवादों में प्रशासन ने दोनों पक्षों के साथ बातचीत कर मामला शांत करा दिया था.

    लेकिन सोशल मीडिया पर बिना किसी कंफर्मेशन के कई तरह की अफ़वाह फैलाई जा रही हैं जिसे देखते हुए ज़िले में इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी गई है.

    ज़िलाधिकारी का कहना है कि फिलहाल शहर में माहौल शांतिपूर्ण है.

  12. दिनभर: मोदी-गहलोत विवाद और लाल डायरी

    27 जुलाई का दिनभर मोहन लाल शर्मा और सारिका सिंह के साथ.

  13. असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा क्यों बोले- 'लव जिहाद सच्चाई है, सावधान रहना चाहिए...'

      • Author, दिलीप कुमार शर्मा
      • पदनाम, गुवाहाटी से, बीबीसी हिंदी के लिए

    असम में 24 वर्षीय एक महिला और उनके माता-पिता की हत्या का एक मामला बीते दिनों सुर्खियों में है.

    इस ट्रिपल मर्डर के मामले को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा "लव जिहाद" का मामला बता रहे हैं.

    इस घटना के बाद पीड़ित परिवार से मुलाकात करने के बाद मुख्यमंत्री सरमा ने गुरुवार को ट्वीट कर कहा, "लव जिहाद एक सच्चाई है और हमें इससे सावधान रहना चाहिए."

    यह मामला बीते सोमवार को असम के गोलाघाट शहर में उस वक्त सामने आया था, जब 25 वर्षीय नाज़ीबुर रहमान बोरा ने अपनी पत्नी संघमित्रा घोष और उनके माता-पिता की कथित तौर पर हत्या करने के बाद खुद पुलिस स्टेशन जाकर आत्मसमर्पण कर दिया था.

    पुलिस का कहना है कि आत्मसमर्पण के दौरान उनके साथ उनका 9 महीने का बच्चा भी था. पुलिस का दावा है कि नाज़ीबुर ने अपनी पत्नी और सास-ससुर की हत्या करने की बात क़बूल कर ली है.

    2020 में लॉकडाउन के दौरान पेशे से इंजीनियर बताए जा रहे नाज़ीबुर की संघमित्रा के साथ फेसबुक पर जान पहचान हुई थी. इस दौरान दोनों में प्यार हुआ और फिर दोनों ने शादी कर ली.

    ऐसा दावा किया जा रहा है कि नाज़ीबुर ने हिंदू नाम इस्तेमाल करके फेसबुक पर संघमित्रा से जान पहचान की थी. यह भी आरोप हैं कि बाद में संघमित्रा को नशीली दवाओं की आदत भी डाली गई.

    पुलिस के मुताबिक़, दोनों ने कोलकाता जाकर क़ानूनी तौर पर शादी की थी. लेकिन शादी से नाराज संघमित्रा के माता-पिता ने नाज़ीबुर के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 366 के तहत गोलाघाट पुलिस में एक प्राथमिकी दर्ज कराई थी.

    नाज़ीबुर पर एक महिला को शादी के लिए मजबूर करने और उसका अपहरण करने का आरोप लगाया गया था.

    इसके चार महीने बाद संघमित्रा के माता-पिता ने उनके ख़िलाफ़ भी चोरी की एक एफ़आईआर दर्ज कराई, जिसके कारण उन्हें गिरफ्तार कर 37 दिनों तक न्यायिक हिरासत में रखा गया था. जमानत मिलने के बाद वह अपने माता-पिता के साथ रहने के लिए वापस चली आईं.

    पुलिस ने बताया कि जनवरी 2022 में यह दंपति एक बार फिर एक साथ चेन्नई चले गए. लेकिन पांच महीने बाद जब वे गोलाघाट लौटे, तो वह अपने पति के घर में रहने लगी. इस बीच नवंबर में संघमित्रा ने एक बच्चे को जन्म दिया.

    इसके कुछ दिन नाज़ीबुर के ख़िलाफ़ एक और मामला दर्ज किया गया. इस बार कथित तौर पर अपनी पत्नी का शारीरिक शोषण करने के आरोप लगाए गए. इसके बाद संघमित्रा अपने माता-पिता के घर लौट आई. नाजीबुर को पत्नी को प्रताड़ित करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया और 28 दिनों के लिए जेल में रखा गया.

    पुलिस ने कहा कि संघमित्रा और नाज़ीबुर के परिवारों के बीच काफी तनाव था, क्योंकि वह अपनी पत्नी और बच्चे से मिलने की ज़िद करता रहा. जेल से जमानत पर रिहा होने के बाद उसने कथित तौर पर इस हत्याकांड को अंजाम दिया.

    इस घटना को लेकर मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री सरमा ने बुधवार को कहा कि इस ट्रिपल मर्डर मामले में शीघ्र सुनवाई की जाएगी. उन्होंने पीड़िता की बहन अंकिता घोष से मुलाक़ात करने के बाद कहा, "मामले में आरोप पत्र 15 दिनों के भीतर दायर किया जाएगा. मुकदमा फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चलाया जाएगा ताकि न्याय मिलने में देरी न हो."

    इसके साथ ही मुख्यमंत्री सरमा ने युवा महिलाओं से दूसरे धर्म के व्यक्ति से शादी करने से पहले "कई बार सोचने" की अपील की है.

    उन्होंने कहा, "पहले विशेष विवाह अधिनियम के तहत जब शादियां होती थीं तो कोई अपना धर्म नहीं बदलता था. लेकिन आजकल ऐसी शादियों में पहले ही ऐसी शर्त दी जाती है कि धर्म परिवर्तन करना होगा. इस तरह के धार्मिक मतभेद बाद में विवाद का कारण बनते है. इन सबको लेकर जब हम लव जिहाद की बात करते है तो कई लोग सवाल खड़े करते है.लेकिन गोलाघाट शहर में इस ट्रिपल मर्डर ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि लव जिहाद एक सच्चाई है."

  14. वेस्टइंडीज़ से भारत वनडे में जीता तो नहीं होगी वाहवाही, लेकिन हारा तो होगी किरकिरी

  15. डेनमार्क में क़ुरान और पाकिस्तानी झंडे का अपमान, पाकिस्तान क्या बोला?

    पाकिस्तान ने डेनमार्क में इस्लाम में पवित्र मानी जाने वाली क़ुरान और पाकिस्तानी झंडे का अपमान करने की घटना की कड़ी निंदा की है.

    गुरुवार को एक बयान जारी कर पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन में पाकिस्तानी दूतावास के सामने क़ुरान और पाकिस्तानी झंडे के अपमान की घटना हुई, जिस पर सरकार ने कड़ी आपत्ति जताई है.

    पाकिस्तान सरकार ने डेनमार्क सरकार से इस घटना की कड़ी निंदा की है और उम्मीद जताई है कि वहां के अधिकारी नफरत और उकसावे वाली इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए उचित कदम उठाएंगे.

    बयान में मंत्रालय ने कहा है- ''इस घटना का उद्देश्य दुनिया भर में मौजूद दो अरब मुसलमानों का अपमान करना और समुदायों, संस्कृतियों और मुल्कों के बीच तनाव पैदा करना है. अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर धार्मिक हिंसा की घटनाओं को अंजाम देने करी इजाज़त नहीं दी जा सकती.''

    इस सप्ताह डेनमार्क के एक धुर दक्षिणपंथी समूह ने कोपेनहेगन में मिस्र, तुर्की और ईराक़ के दूतावास के सामने क़ुरान जलाने की कोशिश की.

    इसके बाद बुधवार को वहां मौजूद पाकिस्तानी दूतावास के सामने क़ुरान जलाने की कोशिश हुई.

    हाल के दिनों में स्वीडन और डेनमार्क में क़ुरान जलाने की घटनाओं में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इन दोनों मुल्कों का कहना है कि अभिव्यक्ति की आज़ादी के कारण वो हर तरह के विरोध प्रदर्शन को इजाज़त देने को बाध्य हैं.

  16. चीन ने ऐसा क्या किया कि भारत बोला- ये कतई स्वीकार नहीं है

    भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने गुरुवार को कहा कि चीन की ओर से भारत के तीन नागरिकों को स्टेपल्ड वीज़ा देने के मामले में भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है.

    मंत्रालय की साप्ताहिक प्रेस वार्ता में बागची ने कहा, "भारत की हमेशा से ये पोज़िशन रही है कि वीज़ा देने के मामले में किसी भारतीय पासपोर्ट धारक के साथ इलाक़े या नस्ल के आधार पर किसी तरह का भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए."

    एक पत्रकार ने बागची से सवाल किया था कि अरुणाचल प्रदेश से भारतीय वूशू टीम के तीन सदस्य चीन यात्रा नहीं कर पाए क्योंकि उन्हें स्टेपल्ड वीज़ा मिला था.

    जवाब में बागची ने कहा, "कुछ भारतीय नागरिकों को स्टेपल्ड वीज़ा जारी करने का मामला भारत सरकार के संज्ञान में है और भारत ने इस बारे में चीनी पक्ष से बात की है."

    "ये खिलाड़ी चीन में हो रहे एक अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व करने वाले थे. ये कतई स्वीकार्य नहीं है, भारत ने इस मामले में अपनी कड़ी आपत्ति जताई है."

    चीन अरुणाचल प्रदेश के हिस्से पर दावा करता है और इस कारण पहले भी यहां के नागरिकों को सामान्य वीज़ा की जगह स्टेपल्ड वीज़ा जारी करता है. स्टेपल्ड वीज़ा उस कागज़ को कहते हैं जो पासपोर्ट में जोड़ दिया जाता है.

    पासपोर्ट में ये लगा होने पर इमिग्रेशन अधिकारी पासपोर्ट में स्टैम्प लगाने की बजाय उसमें एक दस्तावेज़ स्टेपल कर देता है.

    बागची से इस दौरान बाली में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच बैठक के बारे में भी सवाल किया गया.

    उनसे पूछा गया कि इस बैठक के बाद चीन ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच आम सहमति बनी है.

    इसके जवाब में बागची ने कहा, "भारत ने इस बातचीत का बयान जारी किया था, बीते साल बयान में भारत ने कहा था कि डिनर के आख़िर में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय रिश्तों को बेहतर, एलएचसी पर शांति कायम रखने पर बातचीत की थी. मुझे इस पर और कुछ नहीं बोलना.''

  17. रूसी राष्ट्रपति पुतिन का एलान- इन छह देशों को मुफ़्त में सप्लाई करेंगे अनाज

    सेंट पीटर्सबर्ग में हो रहे रूस-अफ़्रीका सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि आने वाले कुछ महीनों में रूस छह अफ़्रीकी देशों को मुफ्त में अनाज सप्लाई कर सकेगा.

    सम्मेलन में पुतिन ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में यूक्रेन के साथ हुए समझौते से रूस के बाहर निकलने के बाद रूस यूक्रेन से मिल रहे अनाज के बदले ख़ुद अनाज सप्लाई करने को तैयार है.

    पुतिन ने कहा है कि रूस यूक्रेन से मिलने वाले अनाज की कमी को पूरा करने के लिए तैयार है.

    उन्होंने कहा कि रूस छह अफ़्रीकी मुल्कों को तीन से चार महीनों के भीतर मुफ्त में अनाज सप्लाई करने के लिए तैयार है.

    उन्होंने कहा, "आने वाले तीन से चार महीनों में रूस बुरकिना फासो, ज़िम्बॉब्वे, माली, सोमालिया, सेंट्र्ल अफ़्रीकन रिपब्लिक और एरिट्रिया को (हर मुल्क को) 25 हज़ार से लेकर 50 हज़ार टन अनाज सप्लाई करने को तैयार हो जाएगा. हम कोशिश करेंगे कि ये अनाज मुफ़्त पहुंचाया जाए."

    यूक्रेन पर रूस के हमला के बाद यूक्रेन के बंदरगाहों में टनों अनाज फंस गया था और इस कारण वैश्विक स्तर पर अनाज संकट पैदा हो गया था.

    बंदरगाहों में फंसे अनाज को बाहर निकाले जाने पर एक समझौते के तहत सहमति बनी थी. रूस ने कहा था कि वो अनाज से भरे जहाज़ों पर हमला नहीं करेगा.

    लेकिन अब रूस के इस समझौते से हाथ खींच लेने के बाद उन मुल्कों के लिए मुश्किल स्थिति पैदा हो गई है जो यूक्रेन से मिल रहे अनाज पर निर्भर थे.

    इससे पहले साल 2019 में रशिया-अफ़्रीका सम्मेलन का आयोजन हुआ था जिसमें अफ़्रीकी देशों के 43 नेताओं ने शिरकत की थी. उसके बाद इस साल हुई बैठक में कम ही नेता शिरकत कर रहे हैं.

  18. कर्नाटक के डिप्टी सीएम बोले- चुनावी गारंटी पूरा करने का दबाव, इस साल नहीं हो पाएगा विकास कार्य

    कर्नाटक के उप-मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने कहा है कि पाँच चुनावी गारंटी को पूरा करने की वजह से वित्तीय दबाव पड़ा है, जिससे इस साल सरकार विकास कार्य नहीं कर सकेगी.

    कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की जीत हुई थी और सिद्धारमैया मुख्यमंत्री बने हैं.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार शिवकुमार ने ये भी कहा कि बड़ी उम्मीदें लगाए पार्टी के विधायकों को ये समझाने की कोशिश की जाएगी कि वो संयम बरतें.

    ऐसा कहा जा रहा है कि कुछ नाराज़ कांग्रेस विधायकों ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और पार्टी नेतृत्व से शिकायत की है कि वो अपने चुनावी क्षेत्रों में काम नहीं कर पा रहे हैं, और सरकारी कर्मचारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग भी नहीं हो रही है. इन विधायकों ने मंत्रियों के प्रति नाराज़गी ज़ाहिर की थी और उनपर सहयोग न करने का भी आरोप लगाया था.

    हालांकि, डीके शिवकुमार ने पार्टी में किसी भी तरह के असंतोष की खबर को खारिज किया.

    उन्होंने कहा, “ये सच है कि विधायकों ने कुछ मुद्दों पर चर्चा के लिए विधायक दल की बैठक बुलाने की मांग की थी. हम भी उनसे कुछ वित्तीय मुद्दों पर चर्चा करना चाहते हैं क्योंकि हमें चुनावी गारंटियों को पूरा करने के लिए 40 हज़ार करोड़ रुपये अलग रखने होंगे.”

    इसके बाद मीडिया से बातचीत के दौरान शिवकुमार ने कहा, “इस साल हम विकास कार्य नहीं कर पाएंगे. हम सिंचाई या लोक निर्माण विभाग में योगदान नहीं दे पाएंगे लेकिन (विधायकों में) इसको लेकर बहुत उम्मीदें हैं. हमने उन्हें इंतज़ार करने को कहा है. हम विधायक दल की बैठक में उन्हें स्थिति से अवगत कराएंगे.”

  19. क्या आयरलैंड के साथ सिरीज़ से वापसी करेंगे जसप्रीत बुमराह? रोहित शर्मा ने दिया ये जवाब

    पिछले दस महीने से चोट की वजह से भारतीय क्रिकेट टीम से बाहर चल रहे तेज़ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह की वापसी पर कप्तान रोहित शर्मा ने बयान दिया है.

    माना जा रहा है कि बुमराह अगले महीने आयरलैंड के साथ तीन टी-20 मैचों की सिरीज़ से वापसी कर सकते हैं.

    इसको लेकर जब रोहित शर्मा से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि वो आयरलैंड जाएंगे या नहीं.”

    भारतीय टीम फिलहाल वेस्टइंडीज़ दौरे पर है और आज से दोनों टीमों के बीच वन-डे मैचों की सिरीज़ शुरू हो रही है.

    रोहित शर्मा वन-डे सिरीज़ से पहले पत्रकारों से बात कर रहे थे. इसी दौरान उनसे जसप्रीत बुमराह की टीम में वापसी को लेकर सवाल किया गया.

    रोहित शर्मा ने कहा, “जिस तरह का अनुभव टीम के लिए लेकर आते हैं वो बहुत महत्वपूर्ण है. अभी वो काफी बड़ी इंजरी से आए हैं. अभी मुझे पता नहीं है कि वो आय़रलैंड जाएंगे या नहीं, अभी उसका चयन नहीं हुआ है.”

    हालांकि रोहित ने ये कहा कि जसप्रीत बुमराह वर्ल्ड कप से पहले जितने ज़्यादा मैच खेलेंगे वो टीम के लिए भी अच्छा होगा.

    उन्होंने कहा,“अगर उनको मैच खेलने को मिले तो ये अच्छी बात होगी, हम कोशिश करेंगे कि वर्ल्ड कप से पहले उन्हें ज़्यादा से ज़्यादा मैच खेलने को मिले, वो हमारे लिए अच्छा होगा. क्योंकि जब आप इतनी बड़ी इंजरी से आते हैं तो आपके अंदर मैच फिटनेसऔर मैच फीलिंग कहीं न कहीं नहीं दिखती. अभी देखेंगे, कि कितने मैच वो खेलते हैं, उनके लिए क्या-क्या प्लान किया गया है. ये सब इसपर निर्भर करता है कि वो कितने रिकवर हुए हैं. वो एनसीए के साथ लगातार टच में है, पॉज़िटिव हैं वो अच्छी बात है.”

  20. फुटबॉल प्रेमियों के लिए खुशखबरी, एशियन गेम्स में जाएंगी भारत की महिला और पुरुष टीमें

    भारत की पुरुष और महिला फुटबॉल टीमों का चीन के हांगझोउ में होने वाले एशियाई खेलों में हिस्सा लेने का रास्ता साफ़ हो गया है.

    खेल मंत्रालय की ओर से मौजूद चयन मानदंडों में छूट देने के फैसले के बाद ऐसा संभव हुआ है.

    भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने इससे पहले भारतीय फुटबॉल टीमों को एशियाई खेलों में भाग लेने की मंज़ूरी नहीं दी थी. आईओए ने इसके पीछे तर्क दिया था कि भारतीय टीमें रैंकिंग में एशिया की शीर्ष आठ टीमों में शामिल नहीं हैं.

    इसके बाद अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ़) ने इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में पुरुष और महिला टीमों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए खेल मंत्रालय से अपील की थी. भारतीय पुरुष फुटबॉल टीम के कोच इगोर स्टिमक ने भी पीएम मोदी से हस्तक्षेप की मांग की थी.

    खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने इस संबंध में बुधवार को ट्वीट किया, “भारतीय फुटबॉल प्रेमियों के लिए अच्छी ख़बर. हमारी पुरुष और महिला दोनों टीम आगामी एशियाई खेलों में हिस्सा लेंगी.”

    उन्होंने लिखा, “भारत सरकार के खेल एवं युवा कल्याण मंत्रालय ने इन दोनों टीमों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए नियमों में ढील देने का फैसला किया है. मौजूदा नियमों के अनुसार दोनों टीमें प्रतियोगिता के लिए क्वॉलिफ़ाई नहीं कर पा रही थीं. लेकिन इनके हालिया प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए मंत्रालय ने ये ढील देने का निर्णय किया है. मुझे यकीन है कि ये टीमें एशियाई खेलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिखाएंगी और हमारे देश को गौरवान्वित करेंगी.”

    समाचार एजेंसी पीटीआई की ख़बर के अनुसार, मंत्रालय के टीम प्रतियोगिताओं के लिए चयन मानदंडों के अनुसार अपने संबंधित खेल में एशिया महाद्वीप की रैंकिंग में टॉप आठ पर रहने वाली टीमों को ही एशियाई खेलों में शामिल होने दिया जाता है.

    भारतीय पुरुष टीम एशिया में 18वें स्थान पर है और महिलाओं की टीम 11वें नंबर पर है.

    हांगझोउ में 23 सिंतबर से 8 अक्टूबर तक एशियाई खेलों का आयोजन किया जा रहा है.